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MP के इस जिले में हर साल बढ़ रहे पथरी के रोगी, बीमारी की चपेट में पूरा जिला

MP के इस जिले में हर साल बढ़ रहे पथरी के रोगी, बीमारी की चपेट में पूरा जिला
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 9 Oct 2018, 12:33 PM IST

pathri hone ke lakshan in hindi

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सतना। जिले में पथरी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हर साल करीब 300 पथरी से पीडि़त जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। हर वर्ष आंकड़े में 25-30 फीसदी की वृद्धि हो रही है। यह स्थिति चिंताजनक है। दूसरी ओर स्वास्थ्य महकमा रेकॉर्ड संधारण तक सीमित है। ऐसा क्यों हो रहा है? इसे कैसे रोका जाए? इसको लेकर कोई योजना नहीं। रोडमैप भी तैयार करने का काम नहीं हो रहा। केवल मरीजों का इलाज जारी है। इस साल सितंबर माह तक 316 मरीज आ चुके हैं। सबसे ज्यादा मरीज गुर्दे में पथरी के हैं।

स्वास्थ्य महकमे के रेकॉर्ड पर गौर करें तो जिला अस्पताल में पिछले 9 माह में आउटडोर में आने वाले पथरी पीडि़तों की संख्या में 25 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। निजी अस्पताल में बड़ी संख्या में पीडि़त पहुंच रहे हैं। इनमें पांच फीसदी मामले में तो सर्जरी कराने की नौबत जा जाती है। चिकित्सकों की मानें तो आउटडोर में आने वालों में पुरुषों की बजाय महिलाओं की संख्या ज्यादा है।

यह है कारण
विशेषज्ञ चिकित्सकों की माने तो पानी में कैल्शियम की मात्रा अधिक होने के कारण लोग पथरी के शिकार हो रहे हैं। तापमान अधिक होने पर चाय या कोल्डड्रिंक पीना भी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। इनके सेवन से शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। एक कप चाय पीने से शरीर में 25 एमएल तक पानी डिहाइड्रेट हो जाता है। शरीर की एक कोशिका में 30 फीसदी से कम पानी होने पर डिहाइड्रेशन हो जाता है। इसके लिए शरीर पानी की कमी को पूरा करती है। नतीजा सामान्य दिनों की तुलना में पेशाब गाढ़ा हो जाता है और शरीर के लवण कम हो जाते हैं। इससे यूरिक एसिड, अमीनो एसिड के छोटे-छोटे कण किडनी में जमा होकर पथरी बना देते हैं।

तापमान के साथ बढ़ रहे पीड़ित
जिला अस्पताल का आउटडोर रोजाना करीब 1300 मरीजों का रहता है। एक माह पहले तक रोजाना पथरी की समस्या को लेकर आने वाले मरीजों का आउटडोर महज पांच फीसदी था। तापमान में जैसे-जैसे बढ़ोतरी हो रही है पथरी के रोगियों का आउटडोर बढ़कर 15 से 20 फीसदी तक पहुंच गया है।

बच्चे भी हो रहे शिकार
स्वास्थ्य महकमे के रेकॉर्ड के अनुसार, पीडि़तों में सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। इनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बीते दस माह में एक दर्जन से अधिक बच्चों की यूरिनरी ट्रेक तके इंफेक्शन के कारण सर्जरी कर पथरी हटाई गई। बच्चों को एहतियात बरतने परामर्श दिया गया है। उनकी सेहत में अब पूरी तरह सुधार है।

पथरी रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। लोगों को खान-पान पर विशेष ख्याल रखना चाहिए। गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी हो जाती है। एेसे में चाय, कोल्डड्रिंक पीना हानिकाकारक होता है। इनके सेवन से बचना चाहिए।
डॉ. आलोक खन्ना, सर्जिकल स्पेशलिस्ट

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