
Patrika Election Survey in Chitrakoot Satna Madhya Pradesh
चित्रकूट विधानसभा, जिसका अधिकांश इलाका दस्यु प्रभावित माना जाता है। विकास में अंतिम पायदान पर नजर आने वाले इस क्षेत्र के लोगों की उम्मीद पर मौजूदा विधायक तो खरा उतरा है, लेकिन सरकार खरी साबित नहीं हुई। इस क्षेत्र के मतदाता सरकार के कामकाज से खुश नहीं हैं इसलिए आगामी चुनाव में बदलाव के संकेत दिए हैं। पत्रिका ने मतदाताओं का एक सर्वे करते हुए आगमाी चुनाव के हालात को जानने की कोशिश की है।
जिसमें यह बात सामने आई कि चित्रकूट क्षेत्र के 56 फीसदी मतदाता मौजूदा विधायक नीलांशु चतुर्वेदी को अपनी उम्मीदों पर खरा पाते हैं। 72 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि विधायक उनके सुख दु:ख में काम आते हैं। 52 फीसदी मतदाताओं ने नीलांशु के दोबारा मैदान में आने पर भरोसा जताया है। लेकिन इन्ही में 48 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि इस बार विधायक कोई दूसरा होना चाहिए।
सरकार से नाखुश जनता
चित्रकूट क्षेत्र के मतदाताओं में सरकार के खिलाफ व्यापक असंतोष है। 80 फीसदी मतदाता मौजूदा सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। 84 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि वर्तमान सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। 84 फीसदी मतदाता इस सरकार को अगले पांच साल के लिये मौका नहीं देना चाहता है। चित्रकूट विधानसभा के 80 फीसदी मतदाताओं की राय है कि अब सरकार बदलनी चाहिए।
भाजपा नहीं चला पाई सरकार
चित्रकूट विस क्षेत्र का मतदाता भाजपा की सरकार से जबरदस्त असंतुष्ट नजर आया। यहां के 80 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि भाजपा उनकी उम्मीदों के मुताबिक न तो सरकार बना पाई और न ही चला पाई। 88 फीसदी मतदाताओं की राय है कि भाजपा का अपनी ही सरकार पर नियंत्रण नहीं रहा है। आज की स्थिति में 44 फीसदी मतदाता मानता है कि भाजपा की सरकार कांग्रेस की सरकार से बेहतर रही है। जबकि 80 फीसदी मतदाता भाजपा को ही पुन: सरकार बनाने का मौका नहीं देना चाहता है।
मजबूत नहीं रहा विपक्ष
चित्रकूट विधानसभा के 64 फीसदी मतदाता यह तो मानते हैं कि कांग्रेस ने जनता के मु²ों पर संघर्ष किया लेकिन उम्मीद पर खरा नहीं उतरी। यहां के सिर्फ 52 फीसदी मतदाता यह मानते हैं कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका अपेक्षा के अनुकूल निभा पाई है। 80 फीसदी मतदाता मानते हैं कि कांग्रेस को अब सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए तो 68 फीसदी मतदाता बोल रहा है कि कांग्रेस की सरकार भाजपा की सरकार से बेहतर थी।
तीसरे मोर्चे की जरूरत नहीं
चित्रकूट विधानसभा में तीसरे मोर्चे की जरूरत यहां के 72 फसदी मतदाता महसूस नहीं कर रहे हैं। जबकि 40 फीसदी मतदाताओं का कहना है कि अगर तीसरे मोर्चे की संभावना बनती है तो उसे प्राथमिकता देंगे। आश्चर्यजनत तरीके से शत प्रतिशत मतदाताओं का कहना है कि सुधार के लिये गैर राजनीतिक लोगों को आगे आना चाहिए। 8 फीसदी मतदाताओं की नजर में ऐसा गैर राजनीतिक व्यक्ति है लेकिन 48 फीसदी लोग मानते हैं कि ऐसा कोई गैर राजनीतिक व्यक्ति नहीं है जिन्हें अगुआई करनी चाहिए। शेष मतदाता इस मामले में कुछ कह सकने की स्थिति में नहीं है।
Published on:
01 Apr 2018 12:32 pm
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