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विभाग पर भरोसा नहीं, किसानों ने खुद की नहर की सफाई

जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों में जमी सिल्ट और उगी वनस्पति को निकालने के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपए बजट खर्च करता है। सिल्ट निकालने के लिए टैंडर होने के बाद सिल्ट ज्यों की त्यों बनी रहती है।

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सतना

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pawan uppal

May 22, 2017

जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों में जमी सिल्ट और उगी वनस्पति को निकालने के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपए बजट खर्च करता है। सिल्ट निकालने के लिए टैंडर होने के बाद सिल्ट ज्यों की त्यों बनी रहती है। कागजों में बजट लगा दिए जाने पर खेरणवाली माइनर के किसानों ने निजी स्तर साफ सफाई तथा जमी सिल्ट निकालने का बीड़ा उठाया है। करीब बीस किलोमीटर नहर की सफाई कार्य जोरों पर चल रहा है।


इन्दिरा गांधी नहर से निकलने वाले आरजेडी वितरिका की आरडी 63 से निकलने वाले खेरणवाली (केडब्ल्यूएम) तथा सब माइनर के किसानों ने यह बीड़ा उठाया है। रेतीले धोरों के बीच नहरों में आए वर्ष सिल्ट जमने के कारण किसानों को बुवाई के समय पानी नहीं मिल रहा था। बुवाई नहीं होने पर किसानों को बाद में मिलने वाला पानी बर्बाद हो जाता था। इस बार किसानों ने मई-जून खरीफ फसल की बुवाई के पूरा पानी खेतों में पहुंंचाने की मांग रावला मंडी में आए सिंचाई मंत्री डा. रामप्रताप से की। सिंचाई मंत्री ने आरजेड़ी तथा अन्य वितरिकाओं में जमीं पड़ी सिल्ट निकालने का भरोसा दिया। विभाग द्वारा टेण्डर प्रक्रिया पूरी करने आदि का समय तथा सिल्ट निकालने के कार्य को पूरा होने पर अगस्त माह तक किसानों को पानी नहीं मिलता। ऐसे हालात बनने पर केडब्ल्यूए के 8 तथा केडब्ल्यूएम के 19 चकों के किसान एकत्रित होकर नहर की साफ सफाई निजी स्तर करने का निर्णय लिया।

प्रति किसान से सहयोग

जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष हरीराम नैण ने बताया कि नहर की साफ सफाई के लिए किसानों ने ट्रेक्टर, कस्सी फावड़े, बठï्ठल आदि का बंदोबस्त किया। 27 चकों के किसानों की सूची बना कर प्रति किसान खर्च राशि के लिए धन एकत्रित किया गया। प्रतिदिन सतर-अस्सी किसानों द्वारा श्रमदान करने की ड्यूटी दी गई। केडब्ल्यूए की 0 आरडी से 60 तक नहर में जमी पड़ी सिल्ट को निकाला जा रहा है। नैण ने बताया कि किसानों द्वारा सभी के लिए भोजन आदि की व्यवस्था भी सामूहिक स्तर पर की गई है।

सौ फीसदी मिलेगा पानी

किसानों द्वारा नहर में जमी सिल्ट तथा उगी हुई वनस्पति को काट कर साफ सफाई करने के बाद किसानों को टेल पर पूरा सौ फीसदी पानी मिल सकेगा। जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष नैण के मुताबिक सिल्ट के कारण एक वर्ष से टेल पर दस हिस्से के स्थान पर तीन हिस्सा पानी मिल रहा था। ऐसे में किसानों को पीने वाला पानी तथा पशुचारा उत्पादन के लिए पानी का उपयोग हो सकता था। नहर की सफाई करने पर किसानों को पूरे दस हिस्से पानी मिल सकेगा। इस प्रकार किसान इस वर्ष खरीफ फसल की बुवाई समय पर तथा पूरी क्षमता से कर पाएंगे।

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