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एमपी अजब है…रिटायरमेंट के 8 साल बाद पटवारी का ट्रांसफर

गड़बड़ी सामने आई तो आनन-फानन में निरस्त किया आदेश

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सतना. एमपी अजब है..सबसे गजब है..जी हां एक और ऐसा ही मामला सामना आया है। इस बार मामला सतना जिले का है जहां बीते दिनों जारी हुई तबादला सूची में राजस्व विभाग की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। पटवारियों की तबादला सूची में एक ऐसे पटवारी का तबादला कर दिया गया है जो 8 साल पहले राजस्व निरीक्षक पद से रिटायर हो चुका है। हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद आनन फानन में इसे निरस्त किया गया।

8 साल पहले रिटायर हुए पटवारी का ट्रांसफर
जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग के भू-अभिलेख कार्यालय ने पटवारियों की तबादला सूची तय मापदण्डों के अनुसार तैयार कर कलेक्टर को भेजी थी। यहां से परीक्षण उपरांत सूची को प्रभारी मंत्री के पास भेज दिया गया। प्रभारी मंत्री ने भी अपने कुछ संशोधन करते हुए तबादला सूची को अनुमोदित कर दिया। इसके बाद जिला स्तर से तबादला आदेश भी जारी हो गए। लेकिन जैसे ही यह आदेश जारी हुए उसके साथ ही एक बडा गड़बड़झाला सामने आ गया। आदेश क्रमांक 1230 में रामसखा बागरी पटवारी तहसील नागौद का तबादला मझगवां सतना के लिए किया था। लेकिन रामसखा पटवारी 2015 में सोहावल से रिटायर हो चुके हैं।

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बाद में किया निरस्त
लेकिन जैसे ही यह मामला तूल पकड़ने लगा इसकी जानकारी कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख को मिली। आनन फानन में पूर्ववर्ती आदेश क्रमांक 1229 को लिपिकीय त्रुटि बताते हुए निरस्त करने के आदेश जारी किए गए। बता दें कि दो दिन पहले ही ऐसा ही एक मामला झाबुआ से भी सामने आया था जहां रिटायरमेंट के बाद एक टीचर का ट्रांसफर कर दिया गया था।

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