ये है मामला
आवास प्रभारी ने बताया, रामसुंदर एवं उसके पुत्र ने पीएम आवास योजना के तहत मकान निर्माण की राशि पाने निगम में आवेदन दिया था। आवेदन पत्र के साथ दोनों ने शपथ पत्र दिया था कि भारत वर्ष के अंदर मेरे तथा परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर किसी भी जगह पर पक्का मकान नहीं है। आवेदन में रामसुंदर ने अपनी कुल वार्षिक आय 24,000 तथा पुत्र धर्मेंद्र ने कुल आय 36000 रुपए बताई थी। आवेदन को सही मानते हुए नगर निगम प्रशासन ने दोनों हितग्राहियों को मकान निर्माण के लिए राशि जारी की थी।