
PM housing scheme latest news in satna
सतना। खुले आसमान के नीचे झोपड़ी में रात गुजारने वाले गरीब परिवारों को पक्के मकान का सपना दिखाने वाली पीएम आवास योजना ने शहर के आधा सैकड़ा गरीब परिवारों के मिट्टी के घरौदे भी छीन लिए हैं। निगम इंजीनियरों की मनमानी के कारण पुष्पराज कॉलोनी वार्ड 25 की दलित बस्ती के आधा सैकड़ा गरीब परिवार जानलेवा ठंड के बीच बीते चार माह से खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।
पीडि़त परिवारों का कहना है, छह माह पूर्व बस्ती के 39 गरीब परिवारों का नाम पीएम आवास योजना की सूची में शामिल करते हुए निगम प्रशासन ने पक्का मकान बनाने 50-50 हजार रुपए की राशि जारी की थी।
जमीन में पक्के मकान
राशि मिलते ही दलित परिवारों ने अपने कच्चे मकान गिराकर उस जमीन में पक्के मकान की नींव रखी। उन्हें उम्मीद थी कि चार माह में उनका मकान बनकर तैयार हो जाएगा। वे नए घर में सुकून की रात गुजार सकेंगे। लेकिन, निगम प्रशासन की मनमानी ने इन गरीब परिवारों के पक्के मकान के सपने पर ग्रहण लगा दिया है।
निगम प्रशासन ने पीएम आवास की दूसरी किस्त जारी नहीं
बीम तक मकान का निर्माण पूरा होने के चार माह बाद भी इन हितग्राहियों को निगम प्रशासन ने पीएम आवास की दूसरी किस्त जारी नहीं की। इससे निर्माण कार्य अटक गया है। हितग्राही दूसरी किस्त के इंतजार में परिवार सहित खुले आसमान के नीचे रात गुजराने को मजबूर हैं।
जुबां पर आया हितग्राहियों का दर्द
हितग्राही लक्षमिनिया और बसंती देवी ने बताया कि जउन घर रहा उहउ गिराइ दिहन। सरकार एक बेर 50 हजार दिहिस, अब दूसर किस्त नहीं देइ। पूस के ठारी म सड़क म पड़े हयन। कोऊ आगे-पीछे नहि आय। लागत है नबा मकान बनइ केपहिलेन ठंड से मरि जाब। वहीं राम प्रकाश कोल और रामरती चौधरी ने बताया कि पक्का मकान बनवाने के नाम पर हम गरीबों के साथ निगम प्रशासन मजाक कर रहा है। नियमानुसार बीम तक मकान बनने के तुरंत बाद दूसरी किस्त मिल जानी चाहिए। लेकिन हम लोगों को चार माह बाद भी दूसरी किस्त नहीं मिली। पैसा पाने निगम के चक्कर लगा रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
दलित बस्ती के पीडि़त हितग्राहियों का कहना है, पीएम आवास की दूसरी किस्त पाने के लिए निगमायुक्त से लेकर महापौर से गुहार लगा चुके हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। निगम इंजीनियरों की मनमानी के कारण बस्ती के गरीब परिवार एक बार फिर से सड़क पर आ गए हैं। पुराने घर अपने हाथ से ढहाकर सड़क पर आए हितग्राहियों में से कुछ परिवार सड़क पर पड़ी अपनी गृहस्थी बचाने के लिए किराए का मकान लेकर रहने को मजबूर हैं। जिन हितग्राहियों की हैसियत कमरा लेने की नहीं है, वे अधूरे मकान के एक कोने में झोपड़ी बनाकर किसी प्रकार अपना गुजारा कर रहे हैं।
नगर निगम में अंधेरगर्दी मची है। इंजीनियरों ने जिन हितग्राहियों से साठगांठ थी, उनसे कमीशन लेकर दूसरी किस्त जारी कर दी। मेरे वार्ड में पहली किस्त का कार्य पूरा होने के चार माह बाद भी पीएम आवास की दूसरी किस्त जारी नहीं की गई। इसकी लिखित शिकायत एमआईसी की बैठक में महापौर एवं कमिश्नर से कर चुका हूं। यदि इसके बाद भी सुनवाई नहीं होती तो इंजीनियरों की मनमानी के खिलाफ परिषद की बैठक में धरना देकर कार्रवाई की मांग करूंगा।
सुशील सिंह मुन्ना, पार्षद वार्ड क्र.25
Published on:
24 Dec 2017 01:05 pm
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