15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चित्रकूट का मोस्ट वांटेड डकैत फूलपुर मुठभेड़ में ढेर, MP-UP में घोषित था 80 हजार का इनाम, यहां पढ़ें पूरा क्राइम रिकॉर्ड

यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम, जबकि एमपी पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया था, एक पुलिस इंस्पेक्टर घायल

3 min read
Google source verification
Police encounter Dasyu Mahendra Pasi chitrakoot

Police encounter Dasyu Mahendra Pasi chitrakoot

रीवा। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने ८० हजार के इनामी डकैत महेन्द्र पासी उर्फ धोनी फूलपुर मुठभेड़ में ढेर हो गया है। बताया गया कि इलाहाबाद जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र में इलाहाबाद क्राइम ब्रांच को डकैतों के मूवमेंट की खबर मिली थी। क्राइम ब्रांच से इनपुट मिलने के बाद फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की घेराबंदी की आहट मिलते ही इफको फैक्ट्री के पास डकैतों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। देर रात मुठभेड़ में गोप्पा गैंग का शातिर डकैत महेन्द्र पासी उर्फ धोनी मारा गया। वहीं अधेरे का फायदा उठाते हुए एक डकैत मौके से फरार हो गया। मुठभेड़ में डकैतों की एक गोली फूलपुर इंस्पेक्टर संजय राय की बांह में लगी है। जिनको गंभीर हालत में इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार की देर रात इलाहाबाद क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो बदमाश शहर से होते हुए फूलपुर की ओर बाइक से जा रहे हैं। इसी सूचना पर फूलपुर इंस्पेक्टर संजय कुमार राय ने भारी संख्या में पुलिसबल के साथ इफको पुलिस चौकी के पास घेराबंदी कर दी। घेराबंदी देखते ही डकैतों ने पुलिस टीम पर गोलियों की बौछार कर दी। जबावी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। जिसमें चित्रकूट का मोस्ट वांटेड डकैत महेन्द्र पासी उर्फ धोनी ढेर हो गया। वहीं फूलपुर इंस्पेक्टर के बाएं हाथ में भी डकैतों की गोली लग गई है। मौके से यूपी पुलिस ने एक बंदूक व पिस्टल बरामद की है।

20 से अधिक मुकदमे दर्ज
80 हजार के इनामी डकैत महेन्द्र पासी उर्फ धोनी पर एमपी-यूपी में 20 से अधिक मुकदमे दर्ज है। शातिर डकैत के ऊपर 3 से अधिक हत्याओं का प्रकरण दर्ज है वह आधा दर्जन अपहरण की वारदात को अंजाम दे चुका था। डकैत गोप्पा के भांजे रजवा को मौत के घाट उतारने के बाद गैंग का लीडर बना था। उस पर रीवा के डभौरा, पनवार थानों में कई अपराध दर्ज हैं। दोनों चित्रकूट जिला के निवासी थे। इनका आंतक रीवा, सतना, चित्रकूट, बांदा के तराई क्षेत्रों पर था।

आस-पास के क्षेत्र में हड़कंप
पुलिस दल और बदमाशों के बीच कई राउंड फायरिंग से आस-पास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने जब घेराबंदी की तो बिना नंबर की पल्सर बाइक सवार महेंद्र पासी और उसका साथी इफको के राख तालाब के बंधे पर चढ़कर भागने लगे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों गिर पड़े। पुलिस को करीब देख वह गोली चलाने लगे, जवाब में पुलिस ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोलीबारी के दौरान जहां एक ओर इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी। वहीं दूसरी ओर डकैत ढेर हो गया।

किन-किन वारदातों को दिया था अंजाम
1- डभौरा थाना अंतर्गत हरदौली रोड से इस गैंग ने रिटायर्ड डिप्टी रेंजर प्रभुनाथ त्रिपाठी 17 अगस्त को अपहरण किया था और 1 सप्ताह तक अपने पास बंधक बनाकर रखें थे।
2- डभौरा थाना अंतर्गत छमुहा जंगल से वैद्य राम सिंह बहेलिया निवासी डभौरा का 29 नवंबर को अपहरण किया था जिनको 3 दिन तक बंधक बनाकर रखने के बाद डकैतों ने छोड़ा था।
3- पनवार थाना अंतर्गत ओवरी नदी से नवंबर माह में ज्ञानेंद्र कहार का अपहरण किया था। उसे 15 दिन तक डकैत अपने पास बंधक बनाकर रखे हुए थे।
4- पनवार थाना अंतर्गत हरदौली जंगल से सुरेश पटेल व भतीजे तरेश पटेल का जनवरी माह में अपहरण किया था। एक माह बाद फिरौती देकर डकैतों ने फिरौती लेकर छोड़ा था।

टारगेट में बबली कोल
धोनी गिरोह का पहले एमपी पुलिस सफाया कर चुकी थी। गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ लिया गया था। सरगना धोनी को पकड़ने के लिए भी एमपी पुलिस लगातार दबाव बनाए हुए थे जिससे यूपी पुलिस में डकैत को मुठभेड़ में मार गिराया। अब बबली कोल गिरोह एमपी पुलिस के टारगेट में है। इस अब गिरोह के सफाए के लिए पुलिस काम करेगी।
उमेश जोगा, आईजी रीवा