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थरपहाड़ से अपहृत शिक्षकों को छुड़ाने पुलिस ने चली ये चाल

10 हजार के इनामी डकैत नवल के परिवार को उठाया, भाई-साले से पूछताछ जारी

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सतना

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Suresh Mishra

Dec 28, 2017

Police picked up the dacoits brother

Police picked up the dacoits brother

सतना. जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के थरपहाड़ के जंगल से 22 दिसंबर को स्कूल से घर लौटते समय डकैतों द्वारा अपहरण होने के बाद दो शिक्षकों का सुराग घटना के छह दिन बाद भी नहीं लगा। इस बीच डकैतों की खोज में नयागांव के जंगल छान रही पुलिस ने दावा किया है कि थरपहाड़ प्राइमरी स्कूल के शिक्षिक फूल सिंह और अतिथि शिक्षक पुष्पेंद्र पटेल पप्पू का अपहरण 10 हजार के इनामी डकैत नवल धोबी ने किया है। सूत्रों के अनुसार डकैत नवल पर दबाव बनाने के लिए उसके परिजन को पुलिस ने उठाना शुरू कर दिया है।

कड़ी निगरानी लगाई
बताया गया कि डकैत नवल के भाई को उठाकर कड़ाई से पूछताछ कर अपहृत शिक्षकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं परिवार के अन्य सदस्यों पर भी शिकंजा कसते हुए कड़ी निगरानी लगाई गई है। गौरतलब है कि डकैतों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर लगातार तराई में सर्चिंग अभियान की अगुवाई कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर चित्रकूट एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह भी अपनी टीम के साथ जंगल में उतरे, बावजूद इसके अब तक अपहृत शिक्षक डकैतों के चंगुल से रिहा नहीं हो पाए।

लगातार दबाव से बैकफुट पर नवल
सूत्रों के अनुसार, सात पुलिस टीमों की जंगल में लगातार सर्चिंग व पारिवारिक सदस्यों के उठाए जाने के बाद डकैत नवल धोबी बैकफुट पर चला गया है। बताया गया कि अपहृत शिक्षकों के घर में फिरौती के लिए कोई नया कॉल नहीं आया। सूत्रों के अनुसार डकैत का पूरा परिवार गांव में रहता है, इसलिए वह अब ज्यादा देर तक शिक्षकों को अपने कब्जे में नहीं रख पाएगा।

ललित की राह में नवल
तराई के जानकारों की मानें तो डकैत नवल पूर्व सरदार ललित पटेल की तर्ज पर अपहरण व फिरौती के जरिए दहशत कायम करना चाहता है। जुलाई में डकैत ललित पटेल ने मुडि़यादेव से एक शिक्षक का अपहरण कर लिया था, जिसे उसने कथिततौर से फिरौती के बाद छोड़ा था। जानकारों के अनुसार तराई में राज करने की चाहत में डकैत अंजाम की परवाह भी नहीं करते।

जल्द होगा खात्मा
एसपी राजेश हिंगणकर ने बताया कि डकैत नवल पर चारों ओर से दबाव बना दिया गया है, अब वह ज्यादा देर तक अपहृत शिक्षकों को अपने पास नहीं रख पाएगा। जल्द ही दोनों शिक्षकों की सकुशल रिहाई और डकैतों का खात्मा होगा।