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कविता भी लिखती है यह महिला IAS, यूथ को देती थी कोचिंग, अब छोड़ना पड़ेगा शहर

जब आई थी लगाव नहीं था, लगता है कुछ छोड़ जा रही हूं, विदाई समारोह में बोलीं निगमायुक्त, जब आऊं तो शहर इससे स्मार्ट दिखे

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pratibha pal IAS Commissioner Nagar Nigam Full profile interview

pratibha pal IAS Commissioner Nagar Nigam Full profile interview

सतना। जब मैं यहां आई थी तब सतना से कोई लगाव नहीं था। लेकिन जिस दिन स्थानांतरण का आदेश आया उस दिन से मन में बेचैनी है। अब एेसा लगता है जैसे यहां कुछ छोड़ कर जा रही हूं। मेरी नौकरी का सबसे छोटा लेकिन अच्छा कार्यकाल सतना में बीता। मैंने १० माह में जितना सीखा उसे हमेशा याद रखूंगी। यह बातें ननि कार्यालय में विदाई समारोह में निगमायुक्त ने कर्मचारियों को संबोधित करते प्रकट किए।

उन्होंने मन की बात साझा करते कहा कि जब मेरा स्थानांतरण सतना के लिए हुआ था तो मैं यहां नकारात्मक सोच के साथ आई। लोग कहते थे कहां फंस रही हो कहीं और ट्रांसफर करा लो। जब मैंने सतना में आकर ज्वायनिंग दी तब यहां के लोगों के बारे में अलग ही अनुभव हुआ। मैने शहर का विकास करने की कोशिश की। कुछ कार्य कराए कुछ अधूरे हैं, जिन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी आप लोगों की है। उन्होंने कहा कि जब मैं दुबारा सतना आऊं तो शहर आज से अधिक स्मार्ट और सुंदर दिखना चाहिए।

मेयर से विवाद पर बोलीं- मातृ संस्था से बड़ा कुछ नहीं
प्रतिभा पाल ने कर्मचारी अधिकारियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि हम जिस संस्था में काम करते हैं उसकी गरिमा बनाए रखने हमारी जिम्मेदारी है। बैठकों के दौरान महापौर से विवाद को सामान्य बताया। कहा कि मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है। लोग कहते थे आप ने जवाब क्यों नहीं दिया। मैं जवाब दे सकती थी, लेकिन कभी नहीं दिया क्योंकि हम दोनों एक ही संस्था के लिए काम करते थे। आपस में मनमुटाव हो सकता है, लेकिन उसे मन में नहीं
रखना चाहिए।

हमने उज्जैन को दी प्रतिभा
शहर के वरिष्ठ समाजसेवी मिठाई लाल चौरसिया ने कहा कि सब महाकाल से कुछ मांगते हैं, लेकिन हमे गर्व है कि हमने महाकाल की नगरी उज्जैन को प्रतिभा दी एक काबिल ऑफिसर दिया। विदाई समारोह में नगर निगम के सभी अधिकारी कर्मचारी एवं पार्षदगण उपस्थित रहे। महापौर ममता पांडेय राजनाथ सिंह के कार्यक्रम में होने की वजह से शरीक नहीं हो पाईं।

उज्जैन आएं तो एक रिंग जरूर करें
विदाई समारोह में भावुक प्रतिभा पाल ने कहा कि यहां के अधिकारी कर्मचारी तथा जनता से मुझे जो स्नेह मिला उसके लिए मैं आभारी रहूंगी। उन्होंने कहा कि सतना को कोई भी व्यक्ति महाकाल दर्शन को आए तो एक रिंग जरूर करे, मुझे बड़ी खुशी होगी।

इतिहास उन्हीं को याद रखता है जो लोगों को साथ लेकर चलते हैं
भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और सतना की निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि कम्युनिटी के लिये सोचना और बढ़ावा देना किसी संस्था और अधिकारी का प्राथमिक कर्तव्य होना चाहिए। सोशल स्ट्रक्चर हमेशा सफल होता है। सबको साथ लेकर चलने वाले को ही इतिहास पूछता है और दोबारा पढ़ा जाता है। कम्युनिटी बेस मॉडल ही हमेशा सफल रहता है। प्रतिभा ने कहा कि फीडबैक सभी तरह के और सभी ओर से आने देना चाहिए, इनमें से मतलब की चीजें चयन करनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर लोग आप तक नहीं पहुंचेंगे और काफी कुछ जानकारियों से वंचित रह जाएंगे। तबादले को रुटीन प्रक्रिया बताया लेकिन इसका मलाल भी जताया कि जो काम शुरू किए थे उन्हें पूरा होते देखना अच्छा लगता।

सतना में यह मलाल
उन्होंने कहा कि यहां सेवा प्रदाता सेवाएं प्रारंभ न कर पाने का मलाल रहेगा। कहा, आमजन की शिकायतों को दर्ज करने और निराकरण से उन्हें सूचित करने वाली हेल्प लाइन सेवा प्रारंभ करना था। एक पारदर्शी सर्विस डिलेवरी सिस्टम यहां स्थापित हो जाता तो नगरवासियों को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके अलावा सभी प्रमुख मार्गों में नगरीय सीमा के अन्दर हरीतिमा प्रोजेक्ट के तहत दो लेयर का पौधरोपण की शुरुआत करनी थी। जिसमें बड़े फलदार और छायादार पेड़ लगाए जाने थे। अर्बन मोबिलिटी के तहत सिटी बस सेवा भी प्राथमिकता में थी। इसमें काफी आगे तक आ चुके थे। सुगम यातायात यहां की सबसे बड़ी जरूरत है और इस पर काफी कुछ करना शेष रह गया यह कसक
भी रहेगी।

दुष्यंत हैं पसंदीदा कवि
कुकिंग और कविता लिखने का प्रतिभा पाल का शौक है। खाली वक्त पर वे इन्हें पूरा करती थीं। बताया कि अब तक लगभग ढाई सौ कविताएं लिख चुकी हैं। बताया कि दुष्यंत उनके पसंदीदा कवि है। इसके साथ ही सतनावासियों के लिए एक संदेश अपनी कविता में दिया
कहा था, कांच हूं, पार देख लोगे तुम मेरे।

मेरी पीठ पर कलाई लगा कर ।।
खुद को भी देखोगे बहुत सच्चा ।
जिस दिन टूटूंगा, गहरे चुभूंगा।।
किरचों को बुहारने को ये उम्र भी कम लगेगी।
कुकिंग और कविता लिखने की शौकीन प्रतिभा दुष्यंत की कविताओं से काफी प्रभावित हैं।

आज निगमायुक्त का चार्ज लेंगे प्रवीण अढ़ायच
वर्ष 2012 बैच के आईएएस आफीसर और जिला पंचायत राजगढ़ के सीईओ रह चुके प्रवीण अढ़ायच सोमवार को बतौर नगर निगम कमिश्नर सतना का पदभार ग्रहण करेंगे।

दिशा रखा कोचिंग का नाम
सतना में पहली बार किसी आइएएस अधिकारी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को नि:शुल्क कोचिंग दी। आइएएस और एसएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नवाचार निगमायुक्त प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में 13 मई से शुरू हुआ। कोचिंग में निगमायुक्त खुद भी क्लास ली। इस पहल की आयोजक कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ इंदिरा कन्या महाविद्यालय सतना तथा प्रायोजक नगर पालिक निगम है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को अमली जामा पहनाने का काम कन्या महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष कामता पाण्डेय ने किया है।