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हेलीपैड के लिए 24 गांवों की बिजली सप्लाई बंद की, फिर भी वहां नहीं उतर पाया गृहमंत्री राजनाथ सिंह का हेलिकॉप्टर

3 घंटे पहले बदला राजनाथ के हेलिकॉप्टर का लैंडिंग स्थल, जानिए कैसे NSG ने कर दिया खारिज
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 21 May 2018, 1:04 PM IST

Home Ministers landing place change before 3 hours of satna visit

Home Ministers landing place change before 3 hours of satna visit

सतना। एनएसजी की आपत्ति के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के लिए कोठी में तैयार किया गया अस्थाई हेलीपैड 3 घंटे पहले बदलना पड़ा। सुरक्षा मापदण्डों पर खरा न उतरने के कारण हेलिकॉप्टर की लैंडिंग हवाई अड्डे पर कराई। इससे गंभीर सवाल खड़े हो गए कि जिला और पुलिस प्रशासन ने अस्थाई हेलीपैड की जगह किस आधार पर चुनी। अस्थाई हेलीपैड के चयन को सही साबित करने के लिए दो दर्जन गांवों की बिजली तक काट दी गई थी।

कार्यक्रम स्थल से एक किमी दूर खेत में अस्थाई हेलीपैड बनाने का फैसला जिला एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने किया था। एसडीएम ने स्थल परीक्षण कर प्रतिवेदन कलेक्टर को दिया। इसके बाद कलेक्टर और एसपी ने सुरक्षा मापदण्डों के अनुरूप स्थल परीक्षण कर हेलीपैड के लिये अनुमति दी।

एनएसजी ने देखते ही रद्द किया
हेलीपैड तैयार होने के बाद शनिवार शाम एनएसजी के अफसरों ने एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग की। इसमें हेलीपैड सुरक्षा मापदण्डों के अनुरूप नहीं मिला। इसके चलते रात में ही लैंडिंग स्थल सतना हवाई अड्डा तय कर सूचना दिल्ली भेज दी गई। लेकिन गृह मंत्री के प्रोटोकॉल के चलते स्थल परिवर्तन की खानापूर्ति करने में वक्त लगा और हरी झंडी रविवार सुबह लगभग ९ बजे मिल पाई।

जब एनएसजी भड़की
एनएसजी टीम अनावरण स्थल पहुंची तो उन्होंने पाया कि सीढ़ी में दिक्कत है। स्थल सही से बराबर नहीं किया है। एनएसजी टीम के इंचार्ज ने दो टूक शब्दों में कहा, स्थानीय प्रशासन मामले को हल्के में ले रहा है। फिर आवश्यक व्यवस्थाएं खुद पूरी कराईं।

काट दी थी दो दर्जन गांवों की बिजली
हेलीपैड के 500 मीटर के दायरे से बिजली लाइन गुजर रही थी। एसडीएम के लिखित आदेश के बाद कंपनी ने बिजली लाइन काट दी थी। इससे दो दर्जन गांवों की आपूर्ति 24 घंटे तक बाधित हो गई। व्यापक विरोध के बाद बिजली बहाल हुई। इस फैसले से बिजली कंपनी के एमडी नंदकुमारम भी सहमत नहीं थे। कहा- ऐसे कार्यक्रम के लिए आपूर्ति नहीं रोकी जा सकती। उन्होंने लैंडिंग प्वाइंट चयन में प्रशासन को आड़े हाथ लिया।

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