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BIG NEWS: विंध्य चेम्बर की आपात बैठक में पूर्व अध्यक्ष पर कार्रवाई का प्रस्ताव

रजिस्ट्रार ऑफ फर्म एंड सोसायटीज भोपाल में शिकायत का मामला, सदस्यता खत्म करने की बात आई सामने  
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सतना

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Pushpendra Pandey

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Updated: 15 Jun 2018, 10:10 AM IST

vindhya chamber of satna

vindhya chamber of satna

सतना. विंध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स में राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। चेम्बर की प्रतिष्ठा दांव पर लगाने के नाम पर गुरुवार को आपात बैठक बुलाई गई। इसमें पूर्व अध्यक्ष लखन अग्रवाल पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई। चेम्बर में ये पहला मौका होगा, जब किसी पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है। हालांकि एक माह पूर्व भी उनकी प्राथमिक सदस्य खत्म की गई थी। लेकिन, कुछ समय बाद वापस ले लिया गया। दरअसल, ये पूरा मामला रजिस्ट्रार ऑफ फम्र्स एंड सोसायटीज भोपाल में शिकायत से जुड़ा हुआ है।


चेम्बर से जवाब तलब
पूर्व अध्यक्ष लखन अग्रवाल ने वर्तमान कार्यकारिणी की वैधता पर सवाल खड़ा करते हुए रजिस्ट्रार ऑफ फम्र्स एंड सोसायटीज, भोपाल में आवेदन दिया था। इस पर सुनवाई करते हुए रजिस्ट्रार ने चेंबर से जवाब तलब किया था। इसकी सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है। जब ये नोटिस चेम्बर को मिली, तो बवाल खड़ा हो गया। बुधवार रात को ही नोटिस को सोशल मीडिया में वॉयरल किया गया। उसके बाद गुरुवार सुबह चेंबर अध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने आपात बैठक बुला ली। इसमें सीए संजय जैन सिंघई ने पूरे मामले को पढ़कर सदस्यों के सामने रखा। उसके बाद चर्चा शुरू हुई। तभी एक धड़ा इस बात को लेकर अड़ गया कि चेंबर की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ है। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लखन अग्रवाल को चेंबर से निकाल देना चाहिए। उधर दूसरी चर्चा भी हुई कि कानूनन रूप से कोई प्रकरण रजिस्ट्रार के पास ले जाया जाता है, तो प्रतिष्ठा का मामला कैसे बन सकता है। करीब एक घंटे के मंथन के बाद लखन अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई। लेकिन, इसे स्पष्ट नहीं किया गया कि उनकी सदस्या खत्म होगी कि नहीं।


आगामी चुनाव व अधिवेशन पर दुविधा
आपात बैठक में आगामी 7-8 जुलाई को अधिवेशन व चुनाव का मामला भी उठा। कहा गया कि ऐसे में पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम को कैसे किया जा सकता है। सभी की सहमति से निर्णय लिया गया कि इस संबंध में विधि जानकार से राय लिया जाए और उसके बाद कदम उठाया जाए। इधर बाजार में चर्चा शुरू हो गई कि चेंबर अध्यक्ष चुनाव नहीं कराना चाहते, लिहाजा वे बहाने खोज रहे हैं। लेकिन, इसको लेकर कोई भी व्यापारी सबूत या तथ्य नहीं दे सका है।


विवेक अध्यक्ष ही नहीं
इधर लखन अग्रवाल ने विवेक अग्रवाल के चेंबर अध्यक्ष होने और कार्रवाई पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि चेंबर के सत्र 2016-18 की गड़बड़ी की शिकायत रजिस्ट्रार ऑफ फम्र्स एंड सोसायटीज रीवा से की गई थी। जिसके बाद चुनाव पुन: कराने के आदेश दिए गए थे। उसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा और पुन: रजिस्ट्रार ऑफ फम्र्स एंड सोसायटीज रीवा ने सुनवाई की और निर्णय उलट दिया। इसके विरुद्ध रजिस्ट्रार ऑफ फम्र्स एंड सोसायटीज भोपाल के समक्ष अपील की, इसकी सुनवाई 23 जून को है। सत्र 2016-18 के लिए चेंबर अध्यक्ष विवेक अग्रवाल फर्जी कृति कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में चुनाव लड़े थे। वर्ष 2017 में वे आनंद जी एंड कंपनी के रूप में सदस्यता ग्रहण किए। सत्र 2018-20 के लिए ये फर्म सदस्य नहीं है। ऐसे में विवेक अध्यक्ष की पात्रता ही नहीं रखते हैं।