
Sagar Lokayukta's action in Panna
पन्ना. एक ठेकेदार से बिल पास करने के एवज में सात लाख रुपए की घूस लेते लोक निर्माण विभाग में पदस्थ उपयंत्री मनोज रिछारिया लोकायुक्त सागर की टीम के हत्थे चढ़ गया। बुधवार की शाम को वह एक लाख रुपए नकद और छह लाख रुपए के दो चेक ले ही रहा था कि टीम ने उसे ट्रैप कर लिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
45 लाख रुपए का बिल पास करने मांगी थी रिश्वत
शिकायतकर्ता भरत मिलन पांडेय ने बताया कि सडक़ निर्माण कार्य के मूल्यांकन और बिलों के भुगतान का करीब 45 लाख रुपए का बिल था। उपयंत्री मनोज रिछारिया छह माह से अधिक समय से भुगतान को अटकाया था। भुगतान के बदले उनके द्वारा सात लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। इसकी उन्होंने लोकायुक्त एसपी सागर से शिकायत की थी। शिकायत को लोकायुक्त की टीम ने सही पाया और ट्रैपिंग की कार्रवाई की योजना बनाई गई।
दफ्तर में ही ले रहा था रुपए
ठेकेदार भरत मिलन पांडेय बुधवार की शाम इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित पीडब्ल्यूडी के कार्यालय में रिश्वत की राशि के एक लाख रुपए नकद और छह लाख रुपए के दो चेक लेकर पहुंचे और उपयंत्री मनोज रिछारिया को पकड़ा दिया। इसके बाद उनके इशारा करते ही लोकायुक्त की टीम कार्यालय पहुंच गई और उपयंत्री को रिश्वत की राशि और चेक के साथ पकड़ लिया। कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े के नेतृत्व में की गई। उन्होंने बताया कि आरोपी उपयंत्री के हाथ धुलाए गए, जो नोटों में लगे केमिलकल के कारण रंग गए।
Published on:
03 Nov 2022 02:50 am
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