
सतना। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट का 400 करोड़ रुपए से वैभव लौटेगा। इसके लिए सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक से कर्ज लेगी। मंगलवार को हुई श्रीरामचंद्र न्यास की पहली बैठक में चित्रकूट में विकास कार्यों के लिए बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करने पुराने प्रस्ताव को रिवाइज कर एशियन डेवलपमेंट बैंक को प्रस्तुत कर फॉलोअप लेने के निर्देश सीएम ने दिए हैं। तय किया गया कि हर तीन माह में न्यास की बैठक की जाएगी। बैठक में न्यास के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि मार्गों का विकास तो होगा ही लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है कि पहले इस मार्ग पर आने वाले प्रभु श्रीराम से जुड़े स्थलों को विकसित किया जाए। सबसे पहले चित्रकूट का समग्र विकास अयोध्या की तर्ज पर किया जाए। इसे भगवान राम के जीवन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बनाया जाएगा। इन स्थलों पर लगातार विभिन्न गतिविधियां कर यहां से लोगों की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी बल दिया। चित्रकूट के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा। सीएम ने प्रदेश के मंदिरों की पुस्तक का विमोचन किया। इसमें 155 प्रमुख मंदिरों के छायाचित्र तथा 6800 राम मंदिरों की जानकारी संकलित है।
चित्रकूट विकास के लिए इस तरह जुटाई जाएगी राशि
मुख्यमंत्री द्वारा चित्रकूट के समग्र विकास को प्राथमिकता में लेने के निर्देश के बाद निधि की व्यवस्था को लेकर आयुक्त नगरीय प्रशासन ने बताया कि इंटीग्रेटेड अर्बन डेवलपमेंट प्लान (आइयूडीपी) के तहत पूर्व में चार नगरों को नामांकित किया गया था। इसमें से चित्रकूट भी था। योजना के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च कर नगरों का समग्र विकास किया जाना था, लेकिन पहले फेज में दो नगरों बुधनी और खुरई का चयन किया गया। इसमें चित्रकूट नहीं था। इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से राशि भी मिल गई थी। उसमें से अभी 100 करोड़ रुपए के लगभग राशि शेष बची है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट प्रमुख धार्मिक महत्व का स्थल है। ऐसे में पुराने प्रपोजल को रिवाइज किया जाए। चित्रकूट का प्रस्ताव तैयार कर एशियन बैंक से राशि मांगी जाए और इसके लिए फॉलोअप करें। पुरानी शेष राशि और नई राशि को मिलाकर जो लगभग 400 करोड़ रुपए होगी उससे चित्रकूट का समग्र विकास किया जाए। विकास किस प्रकार से करना है उसके लिए सभी संबंधित विभाग अपने-अपने प्रस्ताव तैयार करें। चित्रकूट को इस तरह से तैयार किया जाना है, जिससे यह भगवान राम के जीवन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बन सके और धार्मिक चेतना, आध्यात्मिक विकास और राम कथा से जुड़े आयामों के केन्द्र के रूप में पहचाना जाए।
मध्यप्रदेश में राम वन गमन पथ के चार रूट
मुख्यमंत्री के सामने मध्यप्रदेश में राम वन गमन पथ के लिए कुल 1450 किलोमीटर लंबाई के चार रूट प्रस्तुत किए गए। वो प्रभु श्रीराम की अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्थलों को लिंक करेंगे। इन सभी मार्गों में 632 किलोमीटर नेशनल हाइवे, 493 किलोमीटर म.प्र. सड़क विकास निगम, 47 किमी लोनिवि, 184 किमी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और 93 किलोमीटर लंबाई की क्षेत्रीय सड़क शामिल होगी। इनका विकास और उन्नयन किया जाएगा।
1. पहला रूट: प्रमुख सचिव धर्मस्व तथा संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि पहला रूट 168 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 10 स्थल शामिल हैं। 9 स्थल सतना जिले में क्रमश: सीता रसोई, अत्रि-अनुसुइया आश्रम, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, सरभंग आश्रम, अश्वमुखी मंदिर, सुतीक्ष्ण आश्रम, सिद्धा पहाड़, रामशैल, रक्सेलवा राममंदिर शामिल हैं। पन्ना जिले का बृहस्पति कुंड भी इस रूट में शामिल किया गया है।
2. दूसरा रूट: यह 428 किलोमीटर लंबाई का है। इसमें पन्ना जिले के बृहस्पति कुंड, सुतीक्ष्ण आश्रम, अग्निजिह्वा आश्रम, अगस्त्य आश्रम, सतना जिले का राम जानकी मंदिर, उमरिया जिले के मार्कण्डेय आश्रम, राम मंदिर, दशरथ घाट, शहडोल जिले की सीतामढ़ी शामिल है।
3. तीसरा रूट: यह 378 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें मैहर स्थित राम जानकी मंदिर, कटनी जिले का शिवमंदिर भरभरा, जबलपुर जिले का रामघाट, नर्मदापुरम जिले के श्रीराम मंदिर पासीघाट व श्रीराम मंदिर माच्छा शामिल हैं।
4. चौथा रूट: यह 476 किलोमीटर लंबा होगा। छत्तीसगढ़ सीमा के हर चौक से प्रारंभ होकर शहडोल जिले में सीतामढ़ी गंधिया, अनूपपुर जिले में सीतामढ़ी कनवाई से अमरकंटक होते हुए जबलपुर जिले के रामघाट पिपरिया तक जाएगा।
परिक्रमा पथ का काम शीघ्र शुरू करें, अमावस्या मेला पर्यटन कैलेण्डर में शामिल होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों को पर्यटन नक्शे में शामिल करने के लिए ऐसी गतिविधियां लगातार की जाएं ताकि लोगों का आना जाना इन स्थलों पर बढ़े और यह स्थल चर्चा में आएं। मुख्यमंत्री का सबसे ज्यादा फोकस चित्रकूट और चित्रकूट से जुड़े धर्म स्थलों पर रहा। उन्होंने निर्देश दिए कि भगवान कामतानाथ के परिक्रमा पथ का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए और इसका विकास इस तरीके से हो ताकि लोगों का आवागमन सुगम हो सके। कलेक्टर सतना से कहा कि जिला पर्यटन संवर्धन परिषद को सक्रिय कर चित्रकूट में पर्यटन गतिविधियां संचालित कराएं। अमावस्या मेले को पर्यटन कैंलेंडर में शामिल किया जाएगा। राम वन पथ गमन से जुड़े निर्माण कार्यों में लोक चेतना को शामिल करें। राम वन पथ गमन के प्रमुख स्थलों में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। इस मार्ग में मोटर साइकिल रैली जैसे आयोजन करके इससे आमजनता को जोड़ें।
तैयार करें स्थल विकास के प्रस्ताव
न्यास की बैठक में प्रभु श्रीराम से जुड़े 23 स्थलों की जानकारी रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम पर शोध करने वाले विद्वानों की समिति बनाकर पहले स्थल का निर्धारण करवा लें, ताकि स्थलों को लेकर विवाद की स्थिति न बने। प्रभु श्रीराम से जुड़े तमाम स्थलों के अपने अपने दावे हैं। स्थल चिन्हित करने के बाद अगली बैठक में इन स्थलों को विकसित करने के प्रोजेक्ट रखे जाएं, लेकिन सबसे पहले चित्रकूट के समग्र विकास का रोड मैप तैयार किया जाए। चित्रकूट के दीपावली मेले तथा अमावस्या मेले में रामकथा और राम के जीवन से जुड़ी प्रदर्शनी एवं राम वन पथ गमन से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित कराएं और इनका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
यह होगा उद्देश्य
न्यास की पहली बैठक में दिए गए प्रजेन्टेशन में इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि श्रीराम पथ गमन के अंतर्गत राज्य की वर्तमान सीमा के अंदर चिन्हांकित स्थलों एवं स्थानों के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, रचनात्मक विकास के लिए न्यास परामर्श एवं सुझाव देगा। युवा पीढ़ी को भगवान श्रीरामचन्द्र की जीवन गाथा और उनके पथगमन क्षेत्र की महत्ता से अवगत कराते हुए गंतव्य स्थलों से भावनात्मक रूप से जोड़ने की योजनाएं परिकल्पित करेगा। इससे रामायण गाथा पुनः जीवंत हो उठे। इसके साथ ही विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना विकास विभागों के समन्वय से श्रीरामचन्द्र पथगमन में भगवान रामचन्द्र के पदचिन्हों वाले स्थानों का सांस्कृतिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास, संरक्षण एवं संवर्धन का काम करेगा।
ये रहे मौजूद
बैठक में धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, डॉ जितेंद्र जामदार, विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं धर्मस्व विभाग राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह, आयुक्त नगरीय प्रशासन भरत यादव, संचालक पर्यटन विकास निगम डॉ इलैयाराजा टी, प्रभारी कमिश्नर रीवा प्रतिभा पाल, कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा तथा अन्य अधिकारी एवं न्यास के सदस्यगण उपस्थित रहे। बैठक में वर्चुअल माध्यम से मुख्य सचिव वीरा राणा तथा अन्य अधिकारी शामिल रहे।
Published on:
17 Jan 2024 12:11 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
