
ramnagar Women murder exposed in satna police
सतना। रामनगर में गहनों की लालच में भतीजे ने बुआ को मौत के घाट उतार दिया था। भतीजा दोस्तों के साथ नकाब पहनकर वारदात को अंजाम देने पहुंचा था। हालांकि बुआ ने पहचान लिया, जिसके बाद उसने दोस्तों के साथ मिलकर बुआ को मार डाला और गहने लेकर फरार हो गया। रामनगर थाना क्षेत्र के सुहिली गांव में 22 व 23 जुलाई की रात सनसनीखेज वारदात हुई थी। इसका खुलासा रविवार को एएसपी आरएस प्रजापति ने किया।
इस दौरान एसडीओपी मैहर अरविंद तिवारी, थाना प्रभारी रामनगर सतीश मिश्रा और उनकी टीम भी मौजूद रही। पुलिस का कहना है कि 23 जुलाई की दोपहर भगवानदीन सेन निवासी सुहिली ने सूचना दी थी कि 22 जुलाई को वह पत्नी आशा सेन को घर में अकेला छोड़कर अपनी ससुराल ग्राम बदराव जिला रीवा चला गया था। उसी शाम सात बजे आखिरी बार भगवानदीन की पत्नी से बात हुई। घर में निर्माण कार्य चल रहा था।
आशा मृत हालत में पड़ी नजर आई
एेसे में 23 जुलाई की सुबह मिस्त्री और मजदूर काम करने पहुंचे तो घर का दरवाजा नहीं खुला। मिस्त्री से फोन पर पता चलने पर भगवानदीन ने अपने दोस्त इंद्रमणि कुशवाहा को घर का हाल लेने भेजा। वहां सीढ़ी लगाकर देखने पर आशा मृत हालत में पड़ी नजर आई। उसके मुंह पर तकिया रखा था। इस सूचना पर आइपीसी की धारा 460, 394 का अपराध कायम कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की थी।
तकिए से दबाया था मुंह, बांध दिया हाथ-पैर
वारदात को अंजाम देते वक्त आशा की नींद खुल गई थी। उस दौरान उन्होंने नकाबपोश बदमाशों में से एक को पहचान लिया। उन्होंने नरेंद्र को नाम से संबोधित किया, तो सभी घबरा गए। एेसे में नरेन्द्र ने आशा का मुंह तकिया से दबा दिया और उसके साथियों ने हाथ पैर बांध दिए। इस तरह बुआ की हत्या कर दी और गहने व 60 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 हजार रुपए नकद, सोना चांदी के गहने व वारदात में प्रयुक्त की गई मोटर साइकिल जब्त कर ली है।
अदालत में पेश कर जेल भेज दिया
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। हत्या का खुलासा करने में एसपी संतोष सिंह गौर, एडिशनल एसपी आरएस प्रजापति के मार्गदर्शन में एसडीओपी मैहर अरविंद तिवारी की निगरानी में थाना प्रभारी रामनगर सतीश मिश्रा, एएसआई गंगा सिंह, प्रधान आरक्षक राजेश तिवारी, ओम प्रकाश खरे, राजू निपाने का सहयोग रहा।
ऐसे हुए दाखिल
पुलिस ने बताया कि जांच में सायबर सेल की मदद से कुछ संदेही चिह्नित किए गए। संजू उर्फ संजीव तिवारी पुत्र श्रीकांत तिवारी (27) निवासी गोदरी थाना लौर जिला रीवा, आशा के भतीजे नरेंद्र सेन पुत्र तीरथ सेन (21) निवासी बदराव जिला रीवा और कृष्ण बिहारी उर्फ प्रिंसू मिश्रा पुत्र शंकर प्रसाद मिश्रा (25) निवासी बदराव जिला रीवा को हिरासत में लिया गया।
शटरिंग के सहारे घर में दाखिल
नरेंद्र ने बताया कि बुआ गहने पहनकर मायके आती थी, जिसे हड़पने उसकी नजर लगी थी। जब फुफा भगवानदीन बदराव पहुंचे तो मौका मिला। बिना देर किए दोनों साथियों को साथ लिया और बाइक एमएच 20 जेड 2996 से सुहिली पहुंच गया। रात करीब साढ़े 12 बजे गांव पहुंचे और घर में लगी शटरिंग के सहारे घर में दाखिल हुए।
Published on:
06 Aug 2018 12:38 pm
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