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MP: शहर में हर माह बर्बाद हो रही ढाई करोड़ की बिजली, जानिए कहां हो रहा लाइन लॉस

हकीकत: 80 लाख की बिजली चुरा लेते हैं उपभोक्ता, बाकी लाइन लॉस में फुंक रही
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 6 Aug 2018, 11:41 AM IST

Capital Jaipur ahead in case of power saving in the state

Capital Jaipur ahead in case of power saving in the state

सतना। विद्युत कंपनी शहर में हर माह लाखों यूनिट बिजली बर्बाद कर रही है। सब स्टेशनों से उपभोक्ताओं के यहां पहुंचते-पहुंचते हर माह 30 से 40 लाख यूनिट बिजली गायब हो जाती है। यानी, बिना उपयोग ही करीब ढाई करोड़ की बिजली बर्बाद की जा रही है।

यह बिजली पुराने ट्रांसफॉर्मर, लाइन व चोर उड़ा रहे हैं। विद्युत कंपनी के अधिकारी इसके पीछे लाइनलॉस व चोरी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कंपनी सवा तीन रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर घरेलू व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अलग-अलग टैरिफ में 5 से 9 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बेचती है।

एक ओर उपभोक्ताओं को महंगी दर पर बिजली बेची जाती है वहीं ढाई करोड़ रुपए कीमत की बिजली हर माह चोरी और बर्बाद कराई जा रही है। लाइन लॉस व चोरी की भरपाई के लिए विद्युत कंपनी खराब मीटरों को नहीं बदलती और उपभोक्ताओं को एवरेज के नाम पर मनमाने बिल थमा देती है।

चोरी रोकने कोई उपाय नहीं
विद्युत कंपनी के सिटी डिवीजन में काफी अर्से से बिजली चोरों ने नाक में दम कर दिया है। कंपनी के सिटी डिवीजन में हर माह 60 से 80 लाख रुपए की बिजली उपभोक्ताओं द्वारा उड़ा ली जाती है। उपभोक्ता मीटर से छेड़छाड़, लोडिंग व लाइन से डायरेक्ट कर बिजली चुरा लेते हैं। कंपनी के सूत्रों के अनुसार जून में बिजली का इनपुट ढाई करोड़ यूनिट रहा, लेकिन घरेलू व व्यावासायिक उपभोक्ताओं के मीटरों में रीडिंग 2 करोड़ 10 लाख यूनिट दर्ज की गई। यानी 18 फीसदी का सीधा लाइन लॉस। जून में ही 12 से 16 लाख यूनिट बिजली चोरी कर उपयोग की गई। हर माह करीब 110 प्रकरण विद्युत चोरी के बनाए जाते हैं। अमले की कमी का बहाना बनाकर अधिकारी बिजली चोरी का पता नहीं लगाते।

बर्बादी के कारण
- विद्युत अधोसंरचना को मजबूत बनाने आइपीडीएस योजना का प्रभावी उपयोग नहीं।
- ट्रांसफॉर्मरों व लाइन में मेंटीनेंस नहीं।
- शहर में अर्से से बंद मीटर नहींं बदले गए।
- ट्रांसफॉर्मर व लाइनों के बीच की दूरी से लाइन लॉस।
- नए व सही साइज के कंडक्टरों को न लगाया जाना।
- विद्युत चोरी के लिए प्रभावी रणनीति की कमी

फैक्ट फाइल
- 2 से 2.5 करोड़ यूनिट प्रति माह औसत बिजली की जरूरत
- 2 करोड़ 10 लाख यूनिट मीटर में दर्ज
- 30 से 40 लाख यूनिट लाइन लॉस व चोरी
- 73 हजार शहर में उपभोक्ता
- 110 चोरी के प्रकरण हर माह औसतन विद्युत
- 8 से 10 करोड़ हर माह सिटी डिवीजन का औसत राजस्व

शहर में 18 फीसदी लाइन लॉस जा रहा है। इसके चलते करीब ढाई करोड़ की बिजली बर्बाद हो जाती है। बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वसूली होती है।
सुभाष राय, डीइ सिटी