चोरी रोकने कोई उपाय नहीं
विद्युत कंपनी के सिटी डिवीजन में काफी अर्से से बिजली चोरों ने नाक में दम कर दिया है। कंपनी के सिटी डिवीजन में हर माह 60 से 80 लाख रुपए की बिजली उपभोक्ताओं द्वारा उड़ा ली जाती है। उपभोक्ता मीटर से छेड़छाड़, लोडिंग व लाइन से डायरेक्ट कर बिजली चुरा लेते हैं। कंपनी के सूत्रों के अनुसार जून में बिजली का इनपुट ढाई करोड़ यूनिट रहा, लेकिन घरेलू व व्यावासायिक उपभोक्ताओं के मीटरों में रीडिंग 2 करोड़ 10 लाख यूनिट दर्ज की गई। यानी 18 फीसदी का सीधा लाइन लॉस। जून में ही 12 से 16 लाख यूनिट बिजली चोरी कर उपयोग की गई। हर माह करीब 110 प्रकरण विद्युत चोरी के बनाए जाते हैं। अमले की कमी का बहाना बनाकर अधिकारी बिजली चोरी का पता नहीं लगाते।