
सतना। मैहर जिला बनाने के बाद राज्य शासन ने मैहर कलेक्टर की पदस्थापना कर दी है। जारी आदेश के अनुसार 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रानी बाटड मैहर जिले की पहली कलेक्टर बनाई गई हैं। रानी वर्तमान में अपर आयुक्त (राजस्व) शहडोल में पदस्थ है।
आज पदभार ग्रहण करेंगी
कलेक्टर रानी बाटड शुक्रवार की दोपहर मैहर कलेक्ट्रेट में अपना पदभार ग्रहण करेंगी। पत्रिका से हुई चर्चा में उन्होंने बताया कि वे सुबह शहडोल से मैहर के लिए रवाना होंगी। उन्होंने कहा कि मैहर नया जिला बना है लिहाजा उसे जिले के रूप में व्यवस्थित करने का चैलेंज होगा। पहले मैहर जिले की स्थितियों को समझने की बात उन्होंने कही। शहडोल में बतौर अपर आयुक्त राजस्व के रूप में पदस्थ रानी ने बताया कि वे इसके पहले मंडला में जिला पंचायत सीईओ के रूप में पदस्थ रही है। इसके पहले उन्होंने रतलाम, मंदसौर, नीमच, बैतूल, सिवनी में सेवाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास उनकी प्राथमिकताओं में होंगे।
नया कॉलेज भवन होगा कलेक्ट्रेट
कलेक्टर की पदस्थापना के साथ ही मैहर कलेक्ट्रेट का स्थान तय कर लिया गया है। नव निर्मित कॉलेज भवन में नया कलेक्ट्रेट संचालित होगा। यहां कलेक्ट्रेट का संचालन तब तक होगा जब तक कि मैहर कलेक्ट्रेट की अपनी बिल्डिंग नहीं बन जाती है।
शारदा प्रबंध समिति के अध्यक्ष रहेंगे कलेक्टर सतना
मैहर जिले में भले ही कलेक्टर की पदस्थापना हो गई है लेकिन अभी भी मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सतना कलेक्टर ही रहेंगे। क्योंकि समिति का जो अधिनियम है उसमें अध्यक्ष के स्थान पर सतना कलेक्टर उल्लेखित है। दूसरा अधिनियम को विधानसभा द्वारा बनाया गया है। लिहाजा सतना कलेक्टर के स्थान पर मैहर कलेक्टर को अध्यक्ष बनाने के लिये अगले विधानसभा सत्र का इंतजार करना होगा। अब यह प्रक्रिया नई सरकार में ही हो सकेगी।
सतना जिले से निकलेगा वेतन
मैहर कलेक्टर रानी बाटड बतौर प्रथम कलेक्टर तो ज्वाइन करेंगी। लेकिन अभी वहां जिला कोषालय नहीं होने से कलेक्टर के डीडीओ पॉवर का 'गिवन टेकन' नहीं हो सकेगा। लिहाजा मैहर जिले का जब तक अपना जिला कोषालय नहीं बन जाता है तब तक मैहर जिले के अधिकारियों कर्मचारियों का वेतन सतना जिले से ही जारी होगा। मैहर कलेक्टर का वेतन भी सतना कलेक्टर ही निकालेंगे।
राजस्व मामलों में अभी सतना पर निर्भरता
नया जिला तो बन गया है लेकिन राजस्व रिकार्ड अभी सतना जिले में ही रहेंगे। राजस्व रिकार्डों के विभाजन की प्रक्रिया काफी लंबी और दुरुह है। इसमें कई साल लगेंगे। लिहाजा अभी कम से कम दो से तीन साल तक राजस्व मामलों के निराकरण के लिये मैहर जिला वासियों को सतना जिले पर ही निर्भर रहना होगा।
Published on:
06 Oct 2023 09:32 am
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
