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कांग्रेसराज में प्याज का पंजीयन कराने बहू-बेटियां भी कतार में, जाने वजह

अंधेरगर्दी: पति के हाथ से आवेदन अस्वीकार, महिला कृषकों को बुला रहे पंजीयन केंद्र

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कांग्रेसराज में प्याज का पंजीयन कराने बहू-बेटियां भी कतार में,

कांग्रेसराज में प्याज का पंजीयन कराने बहू-बेटियां भी कतार में,

सतना. कांग्रेस की सरकार में प्याज का पंजीयन कराने किसानों की बहू एवं बेटियों को भी मंडी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सतना मंडी स्थित कृषक पंजीयन केंद्र के कर्मचारी किसान पति व बेटे के हाथ से पंजीयन फार्म स्वीकार नहीं कर रहे। इसलिए किसान घर की खाताधारक महिलाएं पंजीयन की कतार में खड़ा होने को मजबूर हैं। मंडी कर्मचारियों द्वारा अवैध कमाई के लिए अपनाए जा रहे इस तुगलकी फरमान से 45 डिग्री तापमान में महिला कृषक गोद में बच्चा लिए पंजीयन केंद्र के चक्कर लगा रही हैं।

शुक्रवार को सतना मंडी में प्याज का पंजीयन कराने आई महिलाओं ने बताया कि उनका बेटा पंजीयन फार्म जमा करने आया था। लेकिन, पंजीयन कर रहे कर्मचारियों ने यह कहते हुए फार्म जमा करने से मना कर दिया कि जिसके नाम जमीन है उसे लाओ तब पंजीयन होगा। यह कहानी सिर्फ एक महिला कृषक की नहीं। मंडी स्थित पंजीयन केंद्र में तैनात मंडी कर्मचारियों की मनमानी के कारण मंडी में पंजीयन के लिए प्रति-दिन पति व बेटे के साथ खाताधारक महिला कृषक को प्याज पंजीयन की कतार में खड़ा होना पड़ता है।
आदेश की आड़ में अवैध वसूली

भावांतर योजना के तहत प्याज किसानों का पंजीयन कर रहे मंडी कर्मचारी आदेश की आड़ में किसानों को परेशान करते हैं। पहले किसानों से पंजीयन के लिए आवश्यक पांच दस्तावेज मांगे जाते हैं। किसान द्वार सभी दस्तावेज देने के बाद यह कहते हुए पंजीयन दस्तावेज लौटा देते हैं कि जिस किसान का पंजीयन होना है वह मौके पर आकर हस्ताक्षर करे तभी पंजीयन होगा। पीडि़त किसानों ने बताया कि पंजीयन केंद्र में दलाल सक्रिय हैं। मंडी कर्मचारी दलालों से प्रति पंजीयन 100 से 200 रुपए लेकर उनका पंजीयन कर लेते हैं। जो किसान पैसा नहीं देता उसे दस्तावेज और हस्ताक्षर कराने के नाम पर परेशान किया जाता है।

कर्मचारी बोले-आदेश का पालन कर रहे
मंडी कर्मचारी वरूण त्रिपाठी एवं पूर्वा सिंह ने कहा कि मंडी सचिव के निर्देश पर महिलाओं को पंजीयन केंद्र में बुलाया जा रहा है। हमें ऊपर से आदेश है। इसलिए जिस किसान का पंजीयन होना है वह मौके पर आकर फार्म पर हस्ताक्षर करें, तभी पंजीयन करेंगे। परिजनों से फार्म स्वीकृत नहीं किए जाएंगे।


परिजनों से पंजीयन फार्म स्वीकार किए जा रहे हैं। फर्जी पंजीयन न हो, इसलिए किसी अंजान व्यक्ति द्वारा दूसरे किसान का पंजीयन फार्म जमा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। परिजन के अलावा तीसरा व्यक्ति पंजीयन कराने आता है तो उसे किसान को साथ में लाना होगा। यदि कृषक पत्नी है तो पति पंजीयन करा सकता है।

आलोक वर्मा, सचिव, कृषि उपज मंडी सतना