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खरीफ से ज्यादा रबी का रकबा, चौंके एपीसी, बोले-अव्यवहारिक है आंकड़ा

रीवा एवं शहडोल संभाग की समीक्षा: आंकड़ों की बाजीगरी पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने जताया असंतोषउद्यानिकी गतिविधियों के विस्तार पर दिया जोर, मनरेगा के माध्यम से नर्सियों को सक्रिय करने के निर्देश

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APC has expressed dissatisfaction with Impractical data on agriculture

APC has expressed dissatisfaction with Impractical data on agriculture

सतना. कृषि उत्पादन आयुक्त प्रभांशु कमल ने रीवा एवं शहडोल संभाग की रबी 2018-19 की समीक्षा एवं खरीफ 2019 की तैयारी बैठक ली। उन्होंने कई जिलों के आंकड़ों को अव्यावहारिक माना। इस पर नाराजगी जाहिर की। बैठक में इस बात पर आश्चर्य जताया कि रबी का रकबा खरीब के रकबे से काफी ज्यादा है। सिंचित रकबे से ज्यादा रबी के आंकड़े होने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तो कागजी आंकड़ों पर सीधी के डीडीए पर नाराजगी भी जाहिर की। रीवा और सीधी के आंकडों पर अप्रसन्नता व्यक्त की तो सतना में भी खरीफ से ज्यादा रबी का रकबा दिखाने पर असंतोष जताया। खरीफ को लेकर जिलों के जो लक्ष्य दिखाए गए थे उन पर एपीसी प्रभांशु ने कहा कि इन आंकड़ों को व्यावहारिक बनाएं।
उन्होंने दोनों संभागों में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में व्यापक संभावनाएं बताईं। कहा कि यहां उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। पानी के अभाव में निष्क्रिय पड़ी उद्यान विभाग की नर्सियों को मनरेगा से कूप बनाकर अथवा सांसद या विधायक निधि से ट्यूबवेल खनन कराकर नर्सियों को सक्रिय किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि अजीत केसरी, संचालक कृषि मुकेश शुक्ला, आयुक्त उद्यानिकी कवीन्द्र कियावत, संचालक अभि. राजीव चौधरी, रीवा संभागायुक्त डॉ अशोक कुमार भार्गव तथा कलेक्टर सतना सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर रीवा ओपी श्रीवास्तव, कलेक्टर सिंगरौली केबीएस चौधरी, कलेक्टर सीधी अभिषेक सिंह, कलेक्टर शहडोल, कलेक्टर उमरिया एवं कलेक्टर अनूपपुर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा में कृषि एवं उद्यानिकी विषयों पर केंद्रित प्रथम सत्र की बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कलेक्टरों से कहा कि वे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के साथ बैठकर मनरेगा के माध्यम से उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार करना सुनिश्चित करें। कहा, उद्यानिकी गतिविधियों पर ध्यान देने की जारूरत है।

अपने अंदर झांकें अधिकारी

एपीसी ने सभी उप संचालक उद्यानिकी से कहा कि वे अपने अंदर झांककर देखें और उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ाने में जो कमियां हों, उनको शीघ्र दूर करने की कोशिश करें। कलेक्टरों से कहा कि उद्यानिकी फसलों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज कराएं। संभागायुक्त रीवा से कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में शासकीय अनुदान से बनाए गए पॉली हाउसों की समीक्षा करें। यह भी देखा जाए कि क्या वास्तव में ढंग से पॉली हाउसों का निर्माण कराया गया है और ये सक्रिय हैं।
विजन और अप्रोच का इस्तेमाल करें कलेक्टर
एसीपी ने कलेक्टरों से कहा कि जब आपके पास विजन है एप्रोच है तो उसके अनुसार उद्यानिकी के कार्य कराए जाएं। उद्यानिकी गतिविधियों को लेकर जहां जो कमी है, उसे जल्द दूर किया जाए। निजी स्त्रोतों की तुलना में अनुदान देकर भी अपेक्षित कार्य न होने पर नाराजगी जाहिर की। निर्देशित किया कि अनुदान के अधिक से अधिक कार्य कराए जाएं। संभागायुक्त एवं कलेक्टरों से कहा कि संरक्षित खेती के अंतर्गत जिन जिलों में किसानों ने प्लास्टिक मर्चिंग का कार्य हाथ में नहीं लिया है, वहां इसकी शुरुआत कराई जाए।

संभागायुक्त रीवा ने किया आश्वस्त

रीवा संभागायुक्त भार्गव ने रीवा संभाग में उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार की संभावना को रेखांकित करते हुए संभाग में उद्यानिकी फसलों के विस्तार का भरोसा दिलाया। कहा, कृषि वैज्ञानिकों से किसानों को उद्यानिकी फसलों की जानकारी दिलाकर इसके लिए प्रेरित किया जाएगा। रीवा संभाग में उद्यानिकी फसलों को राजस्व रेकार्ड में लिए जाने की बात भी कही। पॉली हाउसों का भौतिक सत्यापन के साथ छोटी जोतों पर सब्जी का उत्पादन बढ़ाने किसानों प्रेरित किया जाएगा।
खेती पद्धति सुधारें, खरीफ रकबा बढ़ाएं
एपीसी ने खेती एवं सिंचाई की पद्धति को सही करने और खरीफ का रकबा बढ़ाने पर जोर दिया। कहा, लक्ष्यों को पूरा करने माइक्रो प्लानिंग होनी चाहिए, तभी हम लक्ष्य की बात कर सकते हैं। किसानों को फसल बीमा योजना का भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बीमा भुगतान के स्थानीय मुद्दों का संभागायुक्त व कलेक्टर तत्काल निराकरण करें। राज्य स्तर के मामले तत्काल भोपाल भेजे जाएं। डीडीए से कहा कि खाद, कीटनाशक एवं बीज के अधिक से अधिक नमूने लिए जाएं और सही जांच हो। जो दिया कि अगर किसान को अनुदान मंजूर हो जाए, तो उसका वितरण अनिवार्य रूप से किया जाए।

लक्ष्य और उत्पादकता पर चर्चा करें

सचिव एवं संचालक कृषि मुकेश शुक्ला ने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने डीडीए के साथ बैठकर आगामी फसलों के लक्ष्य एवं उत्पादकता पर मंथन कर लें। फसल बीमा में अऋणी किसानों की संख्या और बढ़ाने की बात कही। खरीफ में उर्वरक के अग्रिम भंडारण पर असंतोष जताते हुए इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। नरवाई के प्रतिबंध को लेकर किसानों के बीच व्यापक जागरुकता अभियान चलाने की बात कही।
डीडीए सीधी और मत्स्य अधिकारी सतना को फटकार
डीडीए सीधी द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों को लेकर एपीसी जमकर बिफरे। हालात यह रहे कि उन्हें खड़ा कर फटकार लगाई। यह तक कह दिया कि बहुत गंदे अधिकारी हो। दरअसल इनके आंकड़ों में व्यापक खामियां मिली थीं। इसी तरह से मत्स्य विभाग सतना के असिस्टेंट डायरेक्टर से लक्ष्य पूर्ति न होने की जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि पानी नहीं गिरा और तालाब सूखे हैं। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर फटकार लगाई। बैठने के बाद अधिकारी हंसने लगे। यह देख एपीसी ने कहा कि डांट खाने के बाद सिर शर्म से झुक जाना चाहिए और तुम हंस रहे हो। इसके बाद इन्हें सीआर के लिए शो-कॉज जारी करने के निर्देश दिए।