
Revealed: Prize dacoit Arjun killed
सतना. मप्र और उप्र के सीमाई जंगलों में हरकत कर चुके १० हजार रुपए के इनामी डकैत अर्जुन सिंह को पुलिस निशाने पर लेकर तलाश रही थी। कई महीनों से उसका सुराग जुटाने में पुलिस डटी रही। गिरोह से जुड़े सदस्य और मददगारों को पकडऩे के बाद जब पुलिस को शक हुआ कि अर्जुन हैदराबाद में दिपा है तो एक टीम वहां पहुंची। हैदराबाद में अर्जुन गिरोह का एक सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ा जिसका कहना है कि गिरोह सदस्यों ने ही अर्जुन की हत्या कर उसका शव बांदा जिले के जंगल में दफना दिया है। यह पता चलते ही पुलिस भी सन्न रह गई। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने पकड़े गए आरोपी के बयान के बाद इस मामले का खुलासा गुरुवार को किया है।
बरौंधा में किया था वारदात
बरौंधा थाना में 2 जनवरी को फूलमती मवासी पत्नी छोटा मवासी निवासी मझगवां हार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि उसने अपनी लड़की रानी की शादी ग्राम पटनी पटना में की थी। चार साल पहले उसका पति खत्म हो गया तो गांव में ही रहने वाले अर्जुन सिंह से उसकी बातचीत होने लगी थी। अक्टूबर के महीने में अर्जुन सिंह ने रानी से शादी कर ली और अपने गांव ले गया। मारपीट होने पर 18 दिसम्बर को रानी भागकर मायके चली गई। इसी बात पर अर्जुन सिंह व उसके साथी 2 जनवरी 2021 की शाम करीब साढ़े 7 बजे फूलमती के घर पहुंचे और हत्या की नीयत से गोलियां चलाईं। शोर होने पर आरोपी जंगल के रास्ते भाग निकले।
एसपी ने लगाई थी एसएएफ गार्ड
एसपी ने बताया कि फूलमती के यहां वारदात के बाद एक आेर अपराधियों की तलाश चल रही थी तो दूसरी ओर फरियादिया और उसके परिवार की सुरक्षा के लिहाज से उसके घर पर 1-4 की एसएएफ गार्ड लगाई थी। फरियादिया के कथन के आधार पर आाइपीसी की धारा 336, 452, 294, 506, 307, 34 व एससी एसटी एक्ट की धारा 3 (1)द, 3 (1)ध, 3(2)5क के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। पता चला कि अर्जुन सिंह तीन चार लोगों की गैंग बनाकर जंगलों में घूम रहा है तो उसकी तलाश में पुलिस ने कई संदिग्ध, मुखिबिरों से पूछताछ की।
एसपी ने बनाई थी टीम
डकैत अर्जुन को निशने पर लेकर पुलिस अधीक्षक ने उसे पकडऩे के लिए दस्यु उन्मूलन में काम कर चुके आरक्षक संजय यादव, भागीरथ मीणा, अंकेश मरमट को थाना बरौंधा में अटैच कर अलग अलग टीमे तैयार की। पुलिस अधीक्षक व एडिशनल एसपी सुरेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में एसडीओपी चित्रकूट आइपीएस अभिनव चौकसे के नेतृत्व में लगातार अर्जुन सिंह के ठिकानों में संदिग्धों से पूछताछ की गगई। तब पता चला कि अर्जुन गैंग के राकेश सिंह उर्फ भइया निवासी देवली व कमलेश आरख हैदराबाद भाग गए।
धमकी मिलने पर मार दिया
पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची तो वहां राकेश सिंह उर्फ भईया पुत्र राम सिंह (23) निवासी देवली थाना नरैनी जिला बांदा मिल गया। उसने पूछताछ में बताया कि अर्जुन व उसके साथी ही फूलमती के घर जान से मारने की नीयत से गए थे। राकेश ने अपने घर से ही गिरोह की 12 बोर व 315 बोर की तीन बंदूक और कारतूस जब्त कराते हुए पुलिस को बताया कि अर्जुन अपने साथियों को ही मारने की धमकी देने लगा था। इसलिए साथी कमलेश आरख के साथ मिलकर 23 जनवरी 2021 को अर्जुन की हत्या कर शव को जंगल में दफन दिया।
चार दशक से था सक्रिय
अर्जुन के खिलाफ सतना के बरौंधा थाना में 2, अतर्रा थाना में 8 और फतेहगंज थाना में एक अपराध कायम है। पहला अपराध उसके खिलाफ बांदा जिले के अतर्रा थाना में वर्ष 1982 में दर्ज किया गया था। सतना जिले के बरौंधा में वर्ष 2021 में ही दोनों अपराध कायम किए गए।
किसी ने देखा ही नहीं
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कई महीनों से अर्जुन सिंह की तलाश के दौरान संदिग्धों से पूछताछ हो रही थी लेकिन किसीन ने उसे देखा ही नहीं था। राकेश ने जो खुलासा किया उसके बाद पुलिस ने अर्जुन सिंह के परिवार से संपर्क साधा है। साथ ही बांदा जिले के एसपी से भी बात कर उन्हें जानकारी दी गई है। जिसके बाद नरैनी पुलिस शव तलाशने में सकिय हुई है। आरोपी राकेश को बरौंधा थाना पुलिस ने 4 जुलाई तक के पुलिस रिमांड पर लिया है। अब उसकी निशादेही पर शव बरामदगी की जाएगी।
इस टीम को मिलेगा इनाम
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि निरीक्षक राजेश पटेल, संजय यादव, भागीरथ मीणा, विकाश सिंह, अंकेश मरमट, विकेश पटेल, दिनेश अंशोलिया, रीशू केशरवानी, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अजीत सिंह, एएसआइ दीपेश कुमार, आरक्षक अजीत मिश्रा, विपेंद्र मिश्रा, संदीप सिंह की टीम को इनाम दिया जाएगा।
Published on:
02 Jul 2021 12:12 am
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