सतना

speed 105 km/h: रेलवे ने बढ़ाई स्पीड, इस ट्रैक पर 105 की स्पीड से दौड़ी ट्रेन

सतना-रीवा रेललाइन दोहरीकरण: 32 किमी का डबल ट्रैक पूरा, सकरिया-हिनौता के बीच 105 किमी की स्पीड से दौड़ी सीआरएस स्पेशल..।

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Aug 13, 2022

सतना। भारतीय रेलवे धीरे-धीरे अपनी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ा रही है। जिस स्थान पर सिंगल लाइन थी वहां दूसरी लाइन भी डाली जा रही है। हाल ही में रीवा और सतना के बीच 32 किमी (rewa to satna distance) लंबे ट्रैक को डबल कर दिया गया है। सकरिया से हिनौता रामबन रेलवे स्टेशन के बीच 8 किमी लंबे ट्रैक पर भी दूसरी लाइन की टेस्टिंग पूरी हो गई। इस ट्रैक पर 105 की रफ्तार से ट्रैन दौड़ी तो सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई।

सकरिया से हिनौता रामबन रेलवे स्टेशन के बीच 8 किमी रेल लाइन दोहरीकरण (railway double track) का फाइनल निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) सेंट्रल सर्किल मनोज अरोड़ा द्वारा किया गया। सीआरएस अपनी टीम के साथ मुंबई हेडक्वार्टर से सुबह ही सतना पहुंचे थे। उनके साथ ही जबलपुर मंडल रेल प्रबंधक संजय विश्वास भी मौजूद रहे। सुबह 10 बजे 11 कोच की स्पेशल ट्रेन से सकरिया स्टेशन पहुंचकर सीआरएस ने अधिकारियों के साथ मोटर टॉली में बैठकर हिनौता रामवन स्टेशन तक दूसरी रेल लाइन का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण आठ घंटे तक चला।

बताया गया कि इस ट्रैक पर टमस नदी में 45 मीटर लंबा ब्रिज बनाया गया है, जहां जांच करने में दो घंटे लगे। सीआरएस ने नए ट्रैक के सभी मापदंडों को बारीकी से परखा। इसके बाद साढ़े तीन बजे लाइन का स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान सीआरएस स्पेशल को 105 किमी प्रति घंटा की गति से दौड़ाकर ट्रैक की जांच की गई। सभी मापदंडों में खरा उतरने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा रेल लाइन चालू करने की अनुमति दे दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान जबलपुर रेल मंडल के अधिकारियों के साथ सतना के भी रेल अधिकारी व आरपीएफ अधिकारी मौजूद रहे। सकरिया से हिनौता तक ट्रैक बन जाने से सतना रीवा रेल डबलिंग प्रोजेक्ट 60 फीसदी से ज्यादा पूरा हो गया है।

सतना से रीवा 50 किमी रेल लाइन के दोहरीकरण का काम छह साल से चल रहा है जिसमें अब कहीं जाकर 32 किमी का कार्य पूरा हो गया है। बताया गया कि प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2022 रखा गया था लेकिन जिस तरह तीन सेक्शन में कछुआ चाल से काम चला ऐसे में अगले साल मार्च में भी काम पूरा होने की उम्मीद बहुत कम है।

सकरिया-हिनौता तक नए ट्रैक का काम पूरा होने के बावजूद दोहरीकरण में दो सेक्शन के काम शेष रह जाएंगे। इनमें से हिनौता से बगहाई 9 किमी व बगहाई से तुर्की 9 किमी शामिल है। इन सेक्शन के बीच रेलवे और किसानों में मुआवजा व नौकरी संबंधित विवादों के चलते काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया। इस वित्तीय वर्ष में रेल दोहरीकरण के लिए 101 करोड़ रुपए मिले हैं। बजट की समस्या नहीं होने पर भी दो सेक्शन का काम अधर में है।

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Updated on:
13 Aug 2022 03:21 pm
Published on:
13 Aug 2022 03:18 pm
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