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Satna: निगम के 71 पार्कों में 102 प्रजातियों के पौधे, सर्वाधिक विविधता ‘मैत्री’ में

पहली बार सतना में किया गया बॉटनिकल सर्वे विदेशी और बाहरी प्रजातियों के पौधे सबसे ज्यादा, नीम और गुलमोहर जैसे देशी पौधे भी काफी

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Satna: निगम के 71 पार्कों में  102 प्रजातियों के पौधे, सर्वाधिक विविधता 'मैत्री' में

Satna: 102 species of plants in 71 municipal parks, maximum diversity in 'Maitri'

सतना. क्या आपको पता है कि शहर के पार्कों में जो हरियाली आप देखते हैं उसमें कितने प्रजाति के पौधे हैं और उनके क्या लाभ हैं। नगर निगम द्वारा पहली बार शहर के 71 पार्कों में कराए गए बॉटनिकल सर्वे में पाया गया है कि यहां 102 अलग-अलग प्रजातियों के 2989 पौधे लगे हुए हैं। इनके लाभ और गुण के संबंध में जानकारी देने अब इन सभी पौधों में क्यूआर कोड लगाया जा रहा है, जिसे स्कैन करके आप उस पौधे की सारी जानकारी पा सकते हैं। सर्वे का काम व्यंकट 1 के कक्षा 9वीं और 11वीं के बच्चों ने शिक्षिका डॉ अर्चना शुक्ला के मार्गदर्शन में पूरा किया है।

निगमायुक्त का मिशन हरियाली

नगर निगम आयुक्त तन्वी हुड्डा ने शहर की हरियाली को प्रोत्साहित करने के लिये विभिन्न प्रोजेक्ट प्रारंभ किये हैं। इसमें से एक प्रोजेक्ट है निगम के सभी पार्कों में हर पौधे को क्यूआर कोड आवंटित करना। इस प्रोजेक्ट को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय व्यंकट क्रमांक एक के छात्रों के सहयोग से किया जा रहा है। सभी पेड़ों को क्यूआर कोड देने के पहले इन पौधों की गिनती और इनकी प्रजातियों की जानकारी एकत्र की गई। लगभग एक सप्ताह तक कक्षा 9वीं और 11वीं के बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ पार्कों में जाकर एक-एक पौधे गिने और उनकी प्रजातियों की पहचान अपने शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों के माध्यम से की।

चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए

इस सर्वे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि यहां सबसे ज्यादा विदेशी प्रजातियों के पौधे लगे हुए हैं अथवा वे स्थानीय पौधे नहीं है। सबसे ज्यादा 285 पौधे मैत्री पार्क में पाए गए जिनमें 143 रॉयल पॉम के पौधे हैं। निगम के पार्कों में कुल 390 रॉयल पॉम के पौधे पाये गये हैं। इसके बाद शीशम के 201, नीम के 156, अशोक के 150, गुलमोहर के 114, कनेर के 78, वोगन वेलिया के 74, ब्लैक बोर्ड ट्री (सप्तपर्ण) के 70, अमरूद के 67, कदम के 56, सेमर 48, आम 39, जामुन 36, जंगल जलेबी 34, सागौन 27 पौधे मिले। इसके अलावा सबसे कम प्रजातियों के पौधे जो मिले उनमें महुआ 2, बेल 6, गम्हार 9, गूलर 13, अर्जुन 13, कचनार 20, यूकेलिप्टस 19, सीताफल के 14, पीपल 44 और बरगद के 25 पौधे पाए गए। इसके अलावा भी अन्य प्रजातियों के पौधे पाए गए हैं। अब इन सभी के क्यूआर कोड तैयार किये जा रहे हैं। जिसके जरिये लोग इन पौधों के वैज्ञानिक नाम, इनके लाभ और अन्य जानकारियां पा सकेंगे।

एक पेड़ में तीन प्रजातियां

सोमवार को चौपाटी के पौधों की गिनती और क्यूआर कोड लगाने का काम किया गया। यहां एक पेड़ ऐसा मिला जिसमें तीन प्रजातियों के पौधे हैं। इसमें पीपल, बरगद और शीशम के पेड़ एक साथ मिले। अब इनका अलग क्यूआर कोड तैयार किया जाएगा।

दो पार्क हुए पौधे विहीन, चलेगा अभियान

सर्वे के दौरान पाया गया कि निगम के दो पार्क पौधे विहीन हो गए हैं। इनमें पंजाबी कालोनी और विराट नगर के पार्क की दीवार में कुछ शरारती तत्वों ने इनकी बाउण्ड्री तोड़ दी है। पौधे या तो नष्ट कर दिये गये या चुरा लिये गए हैं। अब यहां स्थानीय लोग घरों का कचरा फेंकते हैं। यह जानकारी मिलने पर निगमायुक्त ने यहां सघन पौधरोपण कराने का निर्णय लिया है। यहां पौधरोपण के बाद यहां के बच्चों को इनकी निगरानी सौंपी जाएगी।

'' विद्यालय के बच्चे सर्वे के साथ-साथ पर्यावरण को नजदीक से तो समझ ही रहे हैं इसी बहाने उन्हें पौधों की प्रजातियों का भी प्रायोगिक ज्ञान मिल रहा है। ऐसे प्रोजेक्ट स्कूल में लगातार चलाए जा रहे हैं '' - सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य व्यंकट 1

'' व्यंकट 1 के बच्चों ने काफी अच्छा काम किया है। इससे वो प्रकृति के और निकट तो आ ही रहे हैं उन्हें वृक्षों की प्रजातियों की जानकारी भी मिल रही है। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी जुड़ कर पर्यावरण के महत्व को समझ रहे हैं। इससे शहर की हरियाली को बढ़ाने में हमे और सहायता मिलेगी। जिन पार्कों में अभी कम हरियाली है वहां और पौधे लगाए जाएंगे। '' - तन्वी हुड्डा, निगमायुक्त

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