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6 बाई 8 के कमरे में ITI संचालन का फरमान, जिला प्रशासन ने CM की घोषणा का बनाया मजाक

प्रबंधन ने कलेक्टर को लिखा पत्र, खड़े किए हाथ

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 09, 2018

Satna baraundha ITI college big news in hindi

Satna baraundha ITI college big news in hindi

रमाशंकर शर्मा @ सतना। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जिस साइज का आजकल लोग शौचालय बनवाते हैं उस आकार के कमरे जिले में आईटीआई कॉलेज संचालित करने के लिए दिए गए हैं। दरअसल, चित्रकूट उपचुनाव के पहले सीएम ने बरौंधा में आईटीआई संचालित करने की घोषणा की थी। इस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने आईटीआई प्राचार्य सतना को मौखिक निर्देश देते हुए इन कमरों में नवीन आईटीआई संचालित करने को कह दिया। अब स्थिति यह है कि इन कमरों के छोटे दरवाजे से फर्नीचर तक अंदर नहीं जा रहा है। इस स्थिति में आईटीआई प्रबंधन ने यहां आईटीआई संचालन से हाथ खड़े कर दिए हैं।

ये है मामला
चित्रकूट उपचुनाव के पहले सितंबर 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बरौंधा में आईटीआई प्रारंभ करने की घोषणा की थी। घोषणा का असर भी हुआ। १ सितंबर को की गई घोषणा पर अमल करते हुए 26 सितंबर 2017 को अपर सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग आरके जैन ने बरौंधा में आईटीआई खोलने की अनुमति दे दी। शासन द्वारा 4 अक्टूबर को आईटीआई बरौंधा में 7 अक्टूबर तक यहां प्रवेश आवेदन जमा करने की तिथि भी नीयत कर दी गई। इस पर नेताओं ने खूब वाहवाही भी लूटी थी। उधर, इस मामले में कलेक्टर ने कहा कि जमीन की डिमांड आई है। ग्राम पंचायत में जमीन की उपलब्धता का परीक्षण कराकर जमीन आवंटन की आवश्यक प्रकिया शुरू करेंगे।

कलेक्टर से मांगी 2 हेक्टेयर जमीन
प्राचार्य आईटीआई ने अब प्रशिक्षण संचालन के लिए भवन/ भूमि उपलब्ध कराने की मांग कलेक्टर से की है। ताकि आगामी प्रशिक्षण सत्र अगस्त 2018 में बरौंधा में प्रशिक्षण शुरू किया जा सके। इससे यह तो प्रतीत हो गया कि आईटीआई प्रबंधन की अब नींद खुली है कि यहां प्रशिक्षण नहीं दिया जा सकता।

ग्रामीणों में आक्रोश
सामुदायिक भवन आईटीआई के लिए दे दिए जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में यही एक भवन ग्रामीणों के लिए था। यहां लोग अपने सामाजिक आयोजन शादी ब्याह आदि करते थे। अब वह भी नहीं हो पा रहे हैं और आईटीआई भी नहीं चल रही है।

सब कुछ कागजों में
बरौंधा में आईटीआई प्रारंभ करने की स्थिति यह रही कि किसी भी जिम्मेदार ने सीएम की घोषणा को गंभीरता से नहीं लिया। ग्राम पंचायत बरौंधा का सामुदायिक भवन मौखिक आदेश पर आईटीआई संचालन के लिए दे दिया गया। न तो राजस्व विभाग, न पंचायत विभाग के अधिकारियों ने जाकर इस भवन की अनुकूलता देखी और न ही आईटीआई प्रबंधन ने।

अब खुली पोल
जुलाई माह में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य को मौका मिला। उसकी भौतिक स्थिति देखने पर उन्हें पता चला कि जिस भवन को आईटीआई संचालन की अनुमति दी गई है वह आईटीआई भवन के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने जुलाई पहले सप्ताह में कलेक्टर को पत्र लिख कर बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप बरौंधा में नई आईटीआई संचालित करने के लिए एसडीएम मझगवां के मौखिक आदेश पर सरपंच ग्राम पंचायत बरौंधा द्वारा सामुदायिक भवन दिया गया है। इस सामुदायिक भवन में 4 कमरे जिनका आकार 6 गुना 8 फीट का है। तथा दरवाजे भी इतनी कम चौड़ाई के हैं कि यहां ड्यूल डेस्क और फर्नीचर अंदर नहीं किए जा सकते हैं। भवन में किसी भी प्रकार की विद्युत व्यवस्था नहीं है।