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विंध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स चुनाव: द्वारिका का अध्यक्ष पद पर कब्जा, खजांची बने अमित अग्रवाल

मिक्स पैनल जीता, चंद्रकांत वाधवानी 93 मतों से हारे, देररात तक चली मतगणना, सतीश सुखेजा फिर हारे

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 09, 2018

Satna Vindhya Chamber of Commerce Elections news in hindi

Satna Vindhya Chamber of Commerce Elections news in hindi

सतना। विंध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स का चुनाव रविवार को सम्पन्न हुआ। सभी बाधाओं को पार करते हुए द्वारिका गुप्ता अध्यक्ष पद पर काबिज हुए। विवेक अग्रवाल समर्थित चंद्रकांत वाधवानी 93 मतों से चुनाव हार गए। द्वारिका गुप्ता पैनल से उपाध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार दिख रहे सतीश सुखेजा को हार का सामना करना पड़ा। सतीश विगत कार्यकारिणी में कनिष्ठ उपाध्यक्ष का चुनाव भी हारे थे। कोषाध्यक्ष पद पर अमित अग्रवाल ने कब्जा जमाया। वे चंद्रकांत वाधवानी के पैनल से मैदान में थे।

बताया गया, अध्यक्ष पद पर द्वारिका गुप्ता 93, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर सुरेश बड़ेरिया 54, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर दीपक अग्रवाल 46, महामंत्री पद पर ऋषि अग्रवाल 4, मंत्री पद पर मनोहर वाधवानी 211 मत, सहमंत्री पद पर मनोज अरोरा 293 व कोषाध्यक्ष पद पर अमित अग्रवाल 79 मत से विजयी रहे। इस बार मैदान में द्वारिका गुप्ता और चंद्रकांत वाधवानी का पैनल मैदान में था।

अच्छे छवि के दावेदार पर भरोसा

चेम्बर के दो वर्ष के कार्यकाल को लेकर व्यापारियों के बीच कई तरह की चर्चाएं थी। कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं था। लिहाजा, अंतिम समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। बस एक बात सामने आ रही थी कि अपनी छवि के आधार पर प्रत्याशी जीतेंगे। इसके बाद मिक्स पैनल की बात अंतिम समय पर उभरने लगी थी। परिणाम देखने के बाद स्पष्ट हो गया, व्यापारियों ने पैनल से ज्यादा
अच्छे छवि के दावेदार पर भरोसा जताया है।

नहीं आए मोतीलाल गोयल
चुनाव प्रक्रिया दौरान पूर्व अध्यक्ष भी मौजूद रहे। केवल एक पूर्व अध्यक्ष मोतीलाल गोयल अनुपस्थित रहे। उनको लेकर चर्चा थी कि वे सतना में नहीं हैं। जबकि मांगेराम गुप्ता, राजाराम त्रिपाठी, लखनलाल अग्रवाल, गिरीश शाह, योगेश ताम्रकार, कमलेश पटेल दिनभर चेंबर भवन परिसर में बने रहे। वर्तमान अध्यक्ष विवेक अग्रवाल भी मौजूद रहे।

तैनात रही पुलिस
इस बार चेंबर चुनाव को लेकर घमासान शुरू से था। रजिस्ट्रार को कई शिकायतें भी हुई थीं। इस स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिसकर्मी तैनात रहे।

4 वोट से बने महामंत्री
सबसे ज्यादा टक्कर महामंत्री पद पर देखने को मिली। द्वारिका गुप्ता पैनल के ऋषि अग्रवाल ने 4 मत से संदीप जैन को हराया। ऋषि को 526 मत और संदीप को 522 मत मिले। जबकि 7 मत निरस्त हुए। संदीप जैन का चुनाव हारना विवेक अग्रवाल के लिए बड़ा झटका है।

सबसे ज्यादा मत मनोहर को
चुनाव में सबसे ज्यादा मत मनोहर वाधवानी को मिले हैं। हर पद के मत को देखा जाए तो कोई भी प्रत्याशी 600 के आंकड़े को पार नहीं कर पाया। जबकि मंत्री पद के दावेदार मनोहर वाधवानी ने 629 मतों के साथ विजय हासिल की।

सुबह सन्नाटा, दोपहर बाद भीड़
चेम्बर की चुनाव प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू हो गई थी जो शाम 5 बजे तक चली। सुबह के वक्त बहुत कम व्यापारी मतदान करने पहुंचे। लगभग 2 घंटे तक सन्नाटा रहा। दोपहर 12 बजे के बाद भीड़ जुटनी शुरू हुई। जो शाम 5 बजे तक जारी रही। पांच बजे के बाद परिसर में मौजूद सभी मतदाताओं को अंदर किया गया और उसके बाद दरवाजा बंद कर दिया गया।

पर्ची पर नंबर लिखने पर विवाद
मतदान प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही थी। दोपहर बाद एक व्यापारी ने देखा कि निर्वाचन कार्य में लगा व्यक्ति वैलेट पेपर पर नंबर लिख रहा है। उसने आपत्ति लेते हुए कहा कि ऐसे में कौन किसको मतदान कर रहा है बाद में पता लगाया जा सकता है। इस पर निर्वाचन अधिकारी ने नंबर लिखने से मना करा दिया।

बस एसोसिएशन की आपत्ति
बस ऑनर्स एसोसिएशन समिति ने मतदाता सूची में नाम होने पर आपत्ति ली और नाम हटाने की मांग की। एसोसिएशन की ओर से कोषाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह ने निर्वाचन अधिकारी को पत्र सौंपा। उसमें कहा गया था कि संस्था का चेक डिसऑनर हो गया था, जिस कारण मतदाता सूची में लिखा गया था कि बस एसोसिएशन की सदस्यता में अस्थाई रोक लगाई जाती है। उन्हें निर्वाचन कार्य में भाग लेने का अधिकार नहीं है। उसके बावजूद मतदाता सूची में बस एसोसिएशन के 10 सदस्यों के नाम है। उन्हें हटाया जाए।

असली-नकली सामने आए
विनोद अग्रवाल शाम करीब 4 बजे तक मतदान करने नहीं पहुंचे थे। इसी दौरान संजय नामक व्यक्ति ने दूसरे विनोद अग्रवाल को फोन कर दिया और वे आईडी लेकर चेंबर भवन मतदान करने पहुंच गए। जब वे अंदर गए, तो विनोद अग्रवाल पहले से मौजूद थे और मतदान पर्ची ले रहे थे। लिहाजा, स्थिति विषम हो गई। उसके बाद मतदाता सूची के अनुसार नकली नाम वाले विनोद अग्रवाल को बाहर किया गया।

कुछ ऐसी है कार्यकारिणी
कार्यकारिणी में अभिषेक अग्रवाल (679 मत) , संजय वाधवानी (657 मत), भाटिया राजदीप (653 मत), चुन्नू राजेश अग्रवाल (633 मत), मनीष कुमार मित्तल (626 मत), डॉ. अशोक अग्रवाल (623 मत), प्रवीण मित्तल (610 मत), संदीप कुमार गुप्ता (605 मत), अमित कुमार वाधवानी (595 मत), अर्पित अग्रवाल (587 मत), जयप्रकाश शर्मा (584 मत), अनिल कुमार मोटवानी (559 मत), अशोक ताम्रकार (555 मत) और बसंत गेलानी (539 मत) को शामिल किया गया है।