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06 माह में दौड़ानी थी सिटी बस, 05 साल में बस अड्डा की जमीन नहीं तलाश पाए जिम्मेदार

सतना का अधूरा सपना

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satna city bus sewa

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सतना. शहर की बेपटरी यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने, यात्रियों के सफर को सस्ता और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने वर्ष 2014 में सिटी बस चलाने का निर्णय लिया। इस प्रोजेक्ट पर जोर-शोर से काम भी शुरू हुआ। साथ ही दावा किया गया कि छह माह में शहर को सिटी बस की सौगात मिल जाएगी, लेकिन पांच वर्ष बाद भी यह दावा हकीकत में नहीं बदल सका।

जनप्रतिनिधि एवं बस ऑपरेटरों द्वारा इस प्रोजेक्ट में रुचि न लेने के कारण अधिकारी इसे लेकर उदासीन होते गए और जनता से जुड़े इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। हालत यह है कि बीते पांच साल से निगम प्रशासन के अधिकारी कभी दशहरा तो कभी दीपावली से सिटी बस चलाने की दिलासा शहर की जनता को देते आ रहे हैं। पत्रिका ने शहर में सिटी बस चलाने के प्रोजेक्ट की जमीनी हकीकत की पड़ताल की तो जो जानकारी सामने आई वह स्मार्ट सिटी की जनता को निराश करने वाली है।

प्रगति के नाम पर सिर्फ बैठकें

शहर में सिटी बस चालने की नींव जिला प्रशासन ने 2014 में रखी थी। तब सिटी बस चलाने के लिए ऑपरेटर न मिलने के कारण प्रोजेक्ट खटाई में पड़ गया था। इसके बाद प्रशासन ने सिटी बसों की संख्या कम करते हुए बस चलाने के फिर से प्रयास शुरू किए, लेकिन घूम फिर कर दूसरा प्रयास भी बस ऑपरेटरों की सहमति न मिलने के कारण विफल साबित हुआ। इस दौरान निगम एवं जिला प्रशासन ने सिटी बस चलाने को लेकर कई बैठकें की। उनमें सिटी बसों के संचालन के लिए रूट से लेकर बसस्टैंड एवं बस डिपो बनाने तक हर पहलू पर विचार किया गया, लेकिन प्रशासन की पूरी कवायद कागज तक सिमट कर रह गई। आलम यह है कि पांच साल बीतने के बाद भी जिम्मेदार सिटी बस के लिए बसस्टैंड तय नहीं कर पाए। निगम अधिकारियों का कहना है कि बसस्टैंड तय न होने के कारण सिटी बस का संचालन नहीं हो पा रहा है।

रेलवे नहीं दे रहा मंजूरी

सिटी बस चलाने के लिए निगम प्रशासन ने रेलवे परिसर स्थित जमीन को सिटी बस अड्डे के रूप में चुना था। इस जमीन को बस अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए निगम प्रशासन-रेलवे अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई थी, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी रेलवे मंडल ने स्टेशन परसिर की जमीन में बस अड्डा बनाने की अनुमति नहीं दी। इसके कारण सिटी बस चलाने के लिए एक ऑपरेटर के साथ अनुबंध पूरा होने के बाद भी बस चलाने का कार्य अधर में लटका हुआ है।

-प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थित

सिटी बस सेवा शुरू करने के लिए तीन क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रथम चरण में शहर के अंदर छह रूटों पर 12 बसें तथा शहर के बाहर 5 रूटों पर 10 इंटर सिटी बस चलाने की योजना तैयार कर टेंडर जारी किए गए थे। इसमें से एक क्लस्टर के लिए ऑपरेटर ने निविदा भरी थी। अनुबंध प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार ने उक्त क्लस्टर में शामिल शहर के दो रूट रेलवे स्टेशन से बदखर मार्ग तथा रेलवे स्टेशन से माधवगढ़ मार्ग पर सिटी बस चालने तथा सतना से रीवा इंटर सिटी चलाने की अनुमति दे दी है, लेकिन बात बसस्टैंड की जमीन चिह्नित नहीं होने पर अटकी है।

सिटी बस सेवा का रूट चार्ट

1. रेलवे स्टेशन से माधवगढ़बस संख्या 02 स्टॉपेज-सर्किट हाउस, सेमरिया चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, कृपालपुर, माधवगढ़ तक।

2. रेलवे स्टेशन से बदखरबस संख्या 02 स्टॉपेज- सर्किट हाउस, सेमरिया चौक, मंडी मोड़, बिरला मार्केट, बद्खर गेट तक।

3. रेलवे स्टेशन से सतना नदीबस संख्या 02 स्टॉपेज- सर्किट हाउस, सिविल लाइन चौराहा, कलेक्ट्रेट, कोतवाली चौक, डालीबाबा, नजीराबाद, मैहर बाइपास तक।

4. रेलवे स्टेशन से शुक्ला बस संख्या 02 स्टॉपेज- सर्किट हाउस, डायवर्सन रोड, मुख्त्यारगंज, बरदाडीह, शुक्ला तक।

5. रेलवे स्टेशन से आदित्य कॉलेजबस संख्या 02 स्टॉपेज-सर्किट हाउस, सिविल लाइन, पन्ना नाका, पतेरी, शेरगंज होते हुए आदित्य इंजीनियरिंग कॉलेज तक।

6. रेलवे स्टेशन से पशुपतिनाथबस संख्या 02 स्टॉपेज- सर्किट हाउस, कोठी तिराहा, बगहा होते हुए पशुपति नाथ मंदिर तक।

-सिटी बस सेवा का मामला मेरे संज्ञान में है। बसस्टैंड की जमीन को लेकर जल्द ही डीआरएम के साथ बैठक की जाएगी। इस माह के अंत तक कोई न कोई हल निकल जाएगा।

अमनवीर ङ्क्षसह बैस, निगमायुक्त सिटी