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SATNA: नवागत कलेक्टर पहले कामतानाथ की शरण में गए फिर संभाला पदभार

अधिकारियों को कानून नियमों के तहत त्वरित गति से काम करने के दिए निर्देश  

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SATNA: Collector visited Lord Kamatanath, Then took DM charge

Collector ajay visited Lord Kamatanath, Then took DM charge

सतना. नवागत कलेक्टर अजय कटेसरिया ने शनिवार को धर्म नगरी चित्रकूट में भगवान कामतानाथ स्वामी के दर्शन के बाद संयुक्त कलेक्ट्रेट पहुंच पदभार ग्रहण किया। अधिकारियों से संक्षिप्त चर्चा में अपनी कार्यशैली से अवगत कराते हुए उन्हें भी इसी दिशा में काम करने के संकेत दे दिए। कहा कि मैं स्पष्ट और त्वरित निर्णय पसंद करता हूं। लिहाजा, सभी जानकारियां और आंकड़े अपडेट स्थिति में उनके लैपटॉप पर हमेशा होनी चाहिए। इसलिए सभी अधिकारी खुद भी अपडेट रहें और मेरे लैपटॉप को भी अपडेट रखें। जनसमस्या और शिकायतों के निराकरण में हीलाहवाली न हो, इसके लिए उन्होंने आने के साथ ही उत्तरा साफ्टवेयर को एक बार फिर से मूलधारा में लाने के निर्देश तकनीकी स्टाफ को दे दिए हैं।

लापरवाह कार्यशैली नहीं चलेगी
नवागत कलेक्टर कटेसरिया ने अफसरों को संकेत दे दिया कि लापरवाह कार्यशैली नहीं चलेगी। आईटी क्षेत्र के आइएएस अफसर कटेसरिया ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें लालफीताशाही किसी भी काम में नहीं चाहिए। वे फास्ट और स्पष्ट डिसीजन लेने के आदी हैं। आशय स्पष्ट था कि किसी भी मामले को अनावश्यक लंबित न रखा जाए और जो भी जानकारी हो तत्काल कलेक्टर के संज्ञान में आनी चाहिए। कहा, उन्हें बहुत ज्यादा प्रोटोकॉल और मीटिंग पसंद नहीं है। जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण के साथ सरकार की प्राथमिकता उनकी प्राथमिकता है।

रस्तोगी-राहुल युग की वापसी

नवागत कलेक्टर ने कहा कि वे सतना के पूर्व कलेक्टर राहुल जैन और मनीष रस्तोगी की कार्यशैली से काफी प्रेरित हैं। लिहाजा अब माना जा रहा कि सतना में एक बार फिर रस्तोगी और राहुल युग की वापसी होगी। इन दोनों अधिकारियों का कार्यकाल सतना में बेहतरीन कार्यकालों में गिना जाता है, इस जमाने में विधि सम्मत और त्वरित निर्णय तो लिए ही जाते थे, आम जनता की समस्याएं प्राथमिकता में होती थीं। उन्होंने तकनीकी स्टाफ को कहा कि समस्या और शिकायत निराकरण के लिए उत्तरा साफ्टवेयर को तैयार कर दिया जाए। उत्तरा शिकायत और समस्या समाधान की सबसे तेज और ऑनलाइन प्रणाली है। इस पर हर समस्या के निराकरण पर किसी भी समय कहीं से नजर रखी जा सकती है, साथ ही डिस्पोजल की भी जानकारी मिलती रहती है और यह भी पता चलता है कि अभी मामला कहां और किस स्तर पर लंबित है।
संयुक्त कलेक्ट्रेट का लिया जायजा
कलेक्टर सतेंद्र सिंह से पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर कटेसरिया ने संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का निरीक्षण भी किया। यहां की शाखाओं और सभागार का जायजा लिया। अधिकारियों से अनौपचारिक भेंट भी की।

स्वागत और विदाई

शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्ट्रेट के अधिकारियों-कर्मचारियों की ओर से नवागत कलेक्टर का स्वागत और निवृतमान कलेक्टर का विदाई समारोह आयोजित किया गया। नवागत कलेक्टर ने सतेन्द्र सिंह की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम दोनों एक साथ काम कर चुके हैं। दोनों एक-दूसरे की कार्यशैली से परिचित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यूपीएससी परीक्षा में उनका आप्शन विषय विधि का रहा है। इसलिए मेरा ध्यान नियम कानून पर ज्यादा रहेगा। अपेक्षा है कि अधिकारी-कर्मचारी भी इसका ध्यान रखकर काम करेंगे। यही अंतिम कसौटी भी होगी।

" आईटी फील्ड है मेरी, लिहाजा लेटलतीफी पसंद नहीं "

पत्रिका से चर्चा में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कहा कि वे मूल रूप से आईटी फील्ड से हैं। लिहाजा उन्हें लेटलतीफी पसंद नहीं है। कामों का क्विक डिस्पोजल खुद भी करते हैं और यही अपेक्षा अधिकारियों से भी करते हैं। प्राथमिकता की बात अगर की जाए तो जो सरकार की प्राथमिकता है वही उनकी प्राथमिकता है। इसके बाद विभागीय काम हैं। यह दोनों हो जाएं तो अपने आप में जिले की स्थिति स्पष्ट हो जाती है। जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता और समय-सीमा में होगा। कोई छोटा-बड़ा नहीं देखा जाएगा। विषय की गंभीरता के आधार पर समस्याओं की प्राथमिकता का निर्धारण और निराकरण किया जाएगा।