26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

RTI Act का उल्लंघन करने पर सतना डीएफओ राजीव मिश्रा पर 10 हजार रूपए का जुर्माना

राज्य सूचना आयुक्त ने दिए आदेश

2 min read
Google source verification
Satna DFO Rajiv Mishra fined Rs 10,000 for violating RTI Act

Satna DFO Rajiv Mishra fined Rs 10,000 for violating RTI Act

सतना. आवेदक को सूचना के अधिकार के तहत समय पर जानकारी न देना वन मंडल कार्यालय सतना के लोक सूचना अधिकारी राजीव मिश्रा को महंगा पड़ गया है। पीडि़त की अपील पर सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने लोक सूचना अधिकारी राजीव मिश्रा को सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा का उल्लंघन का दोषी मानते हुए उन पर 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। मिश्रा को जुर्माने की राशि आदेश प्राप्ति के एक माह में नगद,डीडी अथवा बैकर्स चेक के माध्यम से आयोग कार्यालय में जमा करानी होगी।

अपीलार्थी रामस्वरूप पटेल निवासी अमरपाटन द्वारा दिनांक 29/12/2018 को राज्य सूचना आयुक्त कार्यालय में की गई शिकायत की सुनवाई पूरी होने पर राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने 9 जनवरी 2020 को आदेश पारित किया जिसमें उन्होंने माना कि लोक सुचना अधिकारी कार्यालय वन मंडल सतना राजीव मिश्रा ने अपीलार्थी के आवेदन दिनांक 26/12/17 से चाही गई जानकारी जानबूझकर एवं बिना किसी उचित एवं पर्याप्त कारण के उपलब्ध नहीं कराई गई। यह सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 का घोर उल्लंघन हैं। प्रकरण की विशिष्ट परिस्थितियों में प्रतिदिन 250 रूपए के मान से लोक सूचना अधिकारी पर अधिकतम 10 हजार रूपए का जुर्माना व्यक्तिगत रूप से अधिरोपित किया जाता है।

यह था मामला
अपीलार्थी रामस्वरूप पटेल ने आरटीआई के तहत लोक सूचना अधिकारी राजीव मिश्रा को 26/12/17 को आदेदन देकर उनके गांव गंगासागर में बाणसागर परियोजना के तहत डूब में आए पेड़ों के मुआवजे की जानकारी मांगी थी। लेकिन लोक सूचना अधिकारी ने अपीलार्थी को कोई जानकारी नहीं दी। इसकी शिकायत पटेल ने मुख्य वन संरक्षक अतुल खेड़ा वृत्त रीवा से की। उन्होंने अपील की सुनवाई करते हुए डीएफओ सतना को तलब किया तो वह पेसी में हाजिर नहीं हुए। खेड़ा ने अपील की सुनवाई करते हुए डीएफओ को 15 दिन में पलीलार्थी को पूरी जानकारी देने के आदेश दिए गए। लेकिन उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया। तब अपीलार्थी में मामले की शिकायत राज्य सूचना आयुक्त कार्यालय भोपाल में की। राज्य सूचना आयुक्त ने अपील की सुनवाई करते हुए डीएफओं को दोषी पाया और उन पर जुर्माना अधिरोपित किया।

अपीलार्थी को 5 हजार मुआवजा देने के आदेश
अपीलार्थी की अपील पर चुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने 7 नवंबर 2019 को एक आदेश पारित करते हुए मुख्य वन संरक्षक रीव को अदेशित किया था कि अपीलार्थी को 5000 मुआवजा राशि प्रदान करना चुनिश्चित किया जाए। साथ ही वन मंडल अधिकारी सतना को दोषी पाते हुए 25000 रूपए जुमाना लगाने का नोटिस जारी करते हुए 16 दिसंबर 2019 को उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर नोटिस का जवाब देने को कहा था। डीएफओ राजीव मिश्रा ने राज्य सूचना आयुक्त के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। आयोग उनके पक्ष से सहमत नहीं हुआ और उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम का दोषी माना।