ये है कारण
बाकी शिक्षकों ने पदस्थापना के लिए रुचि नहीं दिखाई। मौके पर गिरीश अग्निहोत्री एडीपीसी रमसा, एनके सिंह डीपीसी राज्य शिक्षा केन्द्र, साकेत गौतम डाइट प्रभारी, कुमकुम भट्टाचार्य एमएलबी स्कूल प्राचार्य मौजूद रहे। जानकारों ने बताया कि एम-शिक्षा मित्र पर इ-अटेंडेंस लगाना और शिक्षकों को उत्कृष्ट एवं मॉडल स्कूलों में समय पर पहुंचने के साथ ही बच्चों को पढ़ाना भी होगा। इसी डर से शिक्षक काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए।