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satna: हॉस्टल से आधी रात को चार बच्चे लापता, मचा हड़कम्प

देर रात रेलवे स्टेशन के कैमरे में कैद हुए बच्चे दिल्ली जाने की कई दिनों से बना रहे थे प्लानिंग

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satna: हॉस्टल से आधी रात को चार बच्चे लापता, मचा हड़कम्प

satna: four children missing from hostel at midnight, create a stir

सतना। शहर के जवाहर नगर स्थित आवासीय बालक छात्रावास से चार बच्चों के लापता होने के बाद हड़कम्प मच गया है। आनन फानन में शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच कर लापता छात्रों के सहपाठियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने में लगे हैं उधर सूचना पर पुलिस ने भी बच्चों की तलाश शुरू कर दी है। लापता सभी बच्चों की उम्र 13 से 14 साल की बताई जा रही है और ये सभी आठवीं कक्षा के छात्र हैं। इन्हें रात 1.58 बजे रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी में देखा गया है।

जिला परियोजना समन्वयक विष्णु त्रिपाठी ने बताया कि 15 सितंबर गुरुवार की रात 1 बजे के लगभग बालक छात्रावास जवाहर नगर से चार बच्चे छात्रावास से बिना किसी को जानकारी दिए भाग गए हैं। यहां का चौकीदार तबियत खराब होने के कारण सो रहा था। तभी बच्चों ने उसके सिरहाने से चाबी निकाली और दरवाजा खोल कर भाग निकले। इन्हें जाते हुए छात्रावास के एक बच्चे ने देखा भी लेकिन उसने भी न तो अपने साथियों या चौकीदार को सूचना दी।

चौकीदार के पैसे चुराए, साथी से मांगा

छात्रावास के अन्य बच्चों ने बताया कि वे लोग कई दिन से दिल्ली घूमने की बात कर रहे थे। लेकिन किसी को शंका नहीं थी कि वे इस तरह भाग जाएंगे। भागे बच्चों में से एक ने अपने एक रिश्तेदार सहपाठी से भी रुपये लिये थे। उधर चौकीदार का दावा है कि विगत दिवस ही उसे वेतन मिली थी। वह यहीं रखी हुई थी। उसे भी चुरा कर ले गए हैं।

ये बच्चे लापता बताए जा रहे हैं

डीपीसी के मुताबिक जो बच्चे छात्रावास से भगे हैं उसनमें सरलानगर मैहर के कोठी निवासी योगेन्द्र सिंह, मझगवां खोही निवासी ज्ञानू प्रजापति, रामनगर गंजास निवासी प्रद्युम्न वर्मा और शिवराजपुर निवासी सुमित पयासी शामिल है। ये चारों बच्चे गुट बना कर भगे हैं और लगातार तैयारी कर रहे थे।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

हास्टल से बच्चों के लापता होने की सूचना मिलने पर उनके परिजन छात्रावास पहुंच गए हैं। बच्चों की माताओं का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने छात्रावास प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस मामले में छात्रावास अधीक्षक की गैर मौजूदगी भी सवालों में है। अगर वे छुट्टी में थे तो प्रोटोकॉल के तहत जो व्यवस्थाएं उन्हें तय करनी थी वह नहीं की गई। हालांकि अभी मामले की जांच जारी है। प्रद्युम्न की बहन ने छात्रावास प्रबंधन पर घोर लापरवाही और मामले को दबाने के प्रयास का आरोप लगाया। कहा कि जब बच्चा 1 बजे लापता हुआ तो सुबह 10 बजे क्यों बताया गया। यह जानकारी को उन्हें पहले ही पता चल गई होगी। इसके अलावा छात्रावास में बच्चों से बात नहीं कराने की भी जानकारी उन्होंने दी।