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सतना

लेडी गैंग के निशाने पर सतना गर्ल्स कॉलेज

कॉलेज स्टूडेंट बन कर चोरी करती पकड़ी गई लेडी थीफ

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सतना। कन्या महाविद्यालय में परीक्षाएं चल रही थीं। सभी छात्राएं परीक्षा हॉल में थी। उनके बैग और सामान परीक्षा कक्ष के बाहर रखे हुए थे। तभी यहां मौजूद एक प्रोफेसर ने देखा कि एक छात्रा परीक्षा देने की बजाय बाहर रखे बैग न केवल तलाश रही है बल्कि उससे कुछ निकाल भी रही है। आनन फानन में छात्रा के पास पहुंचे। पूछताछ की तो मामला संदिग्ध नजर आया। तब अन्य महिला स्टाफ को बुलाया। इस दौरान परीक्षा देकर छात्राएं भी बाहर आ गई थी। पूछताछ में पता चला कि एक पर्स गायब है जो पकड़ी गई छात्रा से निकला। पकड़ी गई छात्रा कॉलेज ड्रेस में थी जो खुद को बीएससी सेकण्ड ईयर की बॉटनी कैमेस्ट्री विषय पढ़ने वाली छात्रा बताया। लेकिन इस विषय के प्रोफेसर इस छात्रा को पहचानने से इंकार कर दिए। कालेज की स्टूडेंट लिस्ट में भी इसका नाम नहीं मिला। इसके एडमिशन डॉक्यूमेंट से जो नंबर मिला और छात्रा अपना जो नाम बता रही थी उस नंबर पर बात की गई तो वहां से बताया गया कि इस नाम की उनकी बेटी तो है लेकिन वो गर्ल्स कॉलेज में नहीं पढ़ती है बल्कि डिग्री कॉलेज सतना में पढ़ती है और वो अभी घर पर है। अब यह कन्फर्म हो चुका था कि यह लड़की छात्रा के वेश में चोर है तो इसकी तलाशी ली गई तो इसके बैग के अंदर से कई लेडीज पर्स, कई मोबाइल, कई स्मार्ट वाच, बड़ी संख्या में नगदी, गर्भपात करने वाली दवा सहित अन्य आपत्ति जनक सामग्री मिली। पता चला है कि महाविद्यालय में कई दिनों से लगातार चोरियां हो रही थी।

दंग रह गए प्रिंसिपल और प्रोफेसर

इंदिरा गर्ल्स कालेज में शुक्रवार दोपहर एक युवती छात्राओं के बैग से सामान चोरी करती पकड़ी गई। युवती कालेज में चलने वाली यूनीफॉर्म में थी। प्राध्यापकों को पहले लगा कि कालेज की छात्रा होगी लेकिन तस्दीक करने पर पता चला कि वह यहां नहीं पढ़ती। युवती के बैग की तलाशी ली गई तो प्रिंसिपल व प्राध्यापक भी दंग रह गए। युवक के बैग से चार मोबाइल, दो स्मार्ट वॉच, एक ब्लू टूथ हियरिंग डिवाइस, दस-बारह पर्स उनमें से 31500 रुपए नकद मिले। कालेज प्रबंधन ने बिना देरी किए सिटी कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी। कालेज पहुंची पुलिस युवती को अपने साथ थाना ले गई। जिन छात्राओं के सामान चोरी हुए थे वे भी थाना पहुंची लेकिन पढ़ाई के दौरान कोर्ट-कचहरी में चक्कर में पड़ने के डर के चलते थाना में युवती के खिलाफ केस दर्ज नहीं कराया। पुलिस ने छात्राओं का सामान लौटाकर युवती को छोड़ दिया। प्रिंसिपल डॉ नीलम रिछारिया ने बताया कि करीब बीस लड़कियों ने अपने सामान की चोरी की शिकायत की थी। बीते कुछ दिनों से छात्राओं का सामान चोरी हो रहा था।

घर और परिजनों के बारे में दी फर्जी जानकारी

प्रिंसिपल ने बताया कि शनिवार को परीक्षा चल रही थी इसी दौरान एक टीचर ने कक्ष के बाहर रखे छात्राओं के बैग से चोरी करते युवती को देखा। शोर मचाने पर बाकी प्राध्यापक व छात्राएं आ गए। उसे बैग से पहले दो छात्राओं के पर्स मिले। उससे तब कहा गया कि परिजनों को बुलाओ तो रामपुर क्षेत्र के एक गांव का गलत पता बताया। उसके पास एक छात्रा के दस्तावेज थे लेकिन वह उसके नहीं थे। लोगों को आशंका हुई कि युवती किसी गैंग की सदस्य हो सकती है। तब पूरे बैग की तलाशी लेने पर चार मोबाइल, दो स्मार्ट वॉच, एक ब्लू टूथ हियरिंग डिवाइस, दस-बारह पर्स 31500 रुपए मिले। रिपेार्ट दर्ज कराने तीन प्राध्यापकों के साथ 15 छात्राएं थाना गईं।

इस तरह पकड़ी गई
छात्राओं के सामान के साथ कालेज में पकड़ी गई युवती ने खुद को बीएससी सेकंड ईयर का स्टूडेंट बताया तो फौरन ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक किए गए लेकिन उसके बताए नाम की छात्रा व अन्य डिटेल मैच नहीं हुई। मौके पर ही प्रिंसिपल व साइंस विभाग के सभी प्राध्यापक मौजूद थे लेकिन युवती किसी को नहीं पहचानती थी जिसके चलते उसका झूठ पकड़ा गया।

कैम्पस में मिला बैग और मोबाइल

इस घटना के बाद कॉलेज कैम्पस में एक लेडीज पर्स और एक मोबाइल पड़ा हुआ मिला। जिसे कॉलेज प्रबंधन ने पता करके संबंधित छात्रा को दे दिया है। माना जा रहा है कि यह भी चोरी की नीयत से उठाया गया रहा होगा। लेकिन पकड़े जाने के बाद बाहर नहीं ले जाया जा सका है। या फिर इस चोर महिला की कोई और साथी रही होगी जो माहौल बिगड़ता देख भाग निकली है।

चोरी की सूचना पर पुलिस कालेज गई थी और युवती को थाना ले आई थी। चोरी की शिकायत करने प्रोफेसरों के साथ छात्राएं थाना आई थी लेकिन कोई फरियादी बनने को तैयार नहीं था। युवती ने बताया कि वह धवारी की है और गर्ल्स कालेज में ही पढ़ती है ” – शंखधर द्विवेदी, टीआई सिटी कोतवाली