
Satna Medical college: Silence Manniyon in Satna
सतना। सतना में मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर भले ही सोशल मीडिया में खूब हल्ला हो रहा हो लेकिन जमीनी स्तर पर मेडिकल कालेज संघर्ष समिति को छोड़ दें तो कोई बड़ी पहल नहीं हो सकी है। राजधानी में भी फिलहाल जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई पहल नहीं की गई है। जबकि छतरपुर, दमोह, पन्ना व टीकमगढ़ के जनप्रतिनिधि पूरी ताकत से राजधानी में दबाव बनाने में लगे हैं। कुछ जनप्रतिनिधि तो मुख्यमंत्री तक अपनी मांग रख चुके हैं।
यह भी पता चला है कि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने छतरपुर में मेडिकल कालेज के लिए अपना समर्थन जताया है। राजधानी के सूत्रों की मानें तो अभी मेडिकल कॉलेज को लेकर अपना दावा प्रस्तुत करने के मामले में छतरपुर अव्वल पायदान पर आ गया है।
अभी तक बुंदेलखंड में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री उमाभारती और वीरेन्द्र कुमार अपना दावा जता चुके हैं और लगातार केन्द्र और प्रदेश में पहल कर रहे हैं। अब दमोह में मेडिकल कालेज खोलने की मांग वित्त मंत्री जयंत मलैया ने उठाकर नया मोर्चा खोल दिया है। वे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करने की बात कहने के साथ ही पूरी विधायक निधि देने की बात भी कह दी है।
8 हजार सहमति पत्र भराए गए
छतरपुर में मेडिकल कालेज खोलने के समर्थन में आठ हजार लोगों के सहमति पत्र भराए जा चुके हैं। विधायक ललिता यादव ने अपना दावा प्रस्तुत किया है। मानवेन्द्र सिंह, आरडी प्रजापति, पुष्पेन्द्रनाथ पाठक ने भी छतरपुर में ही मेडिकल कालेज खोलने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। यहां कांग्रेस और भाजपा विधायक एक सुर में लड़ाई शुरू कर चुके हैं। भोपाल से बताया गया कि नेता प्रतिपक्ष ने छतरपुर में मेडिकल कालेज खोलने का समर्थन किया है। इससे इतर टीकमगढ़ अलग से अपना दबाव बना रहा है।
विधायक केके श्रीवास्तव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर मेडिकल कालेज अपने यहां खोलने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री ने टीकमगढ़ विधायक को बताया है कि आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है। पन्ना अलग से दबाव बनाना शुरू कर चुका है। यहां अभाविप सहित कालेज के विद्यार्थियों द्वारा लगातार रैलियां निकाली जा रही हैं तो अधिवक्ता संघ ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
'कांग्रेस सरकार तो छतरपुर में खुलेगा मेडिकल कॉलेज'
बुंदेली महोत्सव बसारी में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मेडिकल कालेज को लेकर छतरपुर का हक जताया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि छतरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के बिगड़ते हालात की जानकारी लगी है। पिछली बार भी मेडिकल कालेज पर पहला हक छतरपुर का था लेकिन एक प्रभावशाली भाजपा नेता इसे कहीं और ले गए। उन्होंने कांग्रेस नेता आलोक चतुर्वेदी एवं मेडिकल मोर्चा के सदस्य हरि अग्रवाल द्वारा मेडिकल कालेज का मांग पत्र सौंपे जाने के बाद ऐलान किया कि वे छतरपुर में मेडिकल कालेज खोलने के पक्ष में है। यदि भाजपा सरकार ने नहीं खोला तो कांग्रेस सरकार बनने के बाद छतरपुर में मेडिकल कालेज खोलकर देंगे।
समिति ने व्यापारियों से मांगा समर्थन
इधर अकेली मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति का आंदोलन जारी है। समिति ने अभियान को आगे बढ़ाते हुए पन्नी लाल चौक क्षेत्र में मंगलवार को व्यापारियों से समर्थन मांगा। जिसका लोगों ने स्वागत किया और स्वत: ही 'हमे चाहिए मेडिकल कॉलेज' स्लोगन की तख्तियां प्रतिष्ठानों में लगाई। इस मौके पर समिति के सदस्य राजीव खरे, संजय सिंह तोमर, राजेश दुबे, अतुल सिंह परिहार, यशपाल जैन, योगेश शर्मा, अमित सिंह, राकेश सिंह परिहार, राजदीप सिंह मोनू, विक्रांत त्रिपाठी, अभिषेक सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। हालांकि महापौर ममता पांडेय व निगम अध्यक्ष अनिल जैसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व केंद्रीय स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने क्षेत्र की महती जरूरत बताते हुए मेडिकल कॉलेज की मांग की है।
...तो सतना के हाथ से फिसल जाएगा
सतना की स्थिति यह है कि पुरानी राग पर अपनी ढपली बजा रहे जनप्रतिनिधियों ने इस समय मेडिकल कालेज के मामले में चुप्पी साध रखी है। न तो भाजपा न ही कांग्रेस विधायक अभी तक आधिकारिक रूप से मेडिकल कालेज को लेकर कोई बयान या पहल करते नजर आए हैं। एक मात्र संघर्ष समति द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन यह प्रयास भी अभी नाकाफी साबित हो रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर वक्त पर राजनीतिक दबाव नहीं बना और जनता की पहल नजर नहीं आई तो अब मेडिकल कॉलेज सतना के हाथ से फिसल जाएगा।
Published on:
21 Feb 2018 12:46 pm
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