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सतना वार्ड क्रमांक-7: पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे पॉश कालोनी के रहवासी, 42 करोड़ की योजना हुई बेमानी

रहवासियों का दावा, पुरानी लाइन ज्यादा बेहतर, भरहुत नगर में बेमानी साबित हो रही 42 करोड़ की योजना

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Satna Nagar Nigam Ward No. 7 news in hindi

Satna Nagar Nigam Ward No. 7 news in hindi

सतना। वार्ड क्रमांक-सात में भरहुत नगर, घनश्याम विहार जैसी पॉश कालोनियां हैं। इनको शहर की विकसित कॉलोनी का तमगा हासिल है। लेकिन, इस कॉलोनी के रहवासी इन दिनों बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। 42 करोड़ की अमृत योजना के तहत वार्ड में पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन सारी कवायद बेमानी होते दिख रही है। रहवासियों का कहना है, इससे बेहतर पुरानी पाइप लाइन थी। उससे घरों तक पानी पहुंच जाता था। अमृत योजना के तहत घर तक पानी भी नहीं पहुंच रहा है। 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने की बात बेमानी निकली।

पानी के लिए लोग इधर-उधर भटक ने को मजबूर हैं। रहवासियों की मानें तो 70 फीसदी जनता नगर निगम के कार्यों से असंतुष्ट है। बगैर प्लानिंग के हर काम को अंजाम दिया गया। आरोप है कि नगर निगम में जनप्रतिनिधि, अधिकारियों की न चलकर सिर्फ ठेकेदारों की चलती हैं। इन्हीं के इशारों पर अधिकारी फाइल बनाते हैं और कार्यों का टेंडर कर दिया जाता हैं। इसके चलते आम व्यक्ति की जगह ठेकेदारों के मन का काम होता है। लिहाजा, जनता परेशान है और ठेकेदार मस्त हैं।

जर्जर कम्युनिटी हाल
भरहुत नगर में कम्युनिटी हाल है। कालोनी निर्माण के समय ही ये बन गया था। आज ये पूरी तरह जर्जर हालत में है। वार्ड की जनता का कहना है कि उसे ठीक करा दिया जाए, तो वार्ड में रहने वालों के लिए एक व्यवस्थित स्थान मिल जाएगा।

रहवासी क्षेत्र में व्यावसायिक भवन
मास्टर प्लान के तहत भरहुत नगर को हाउसिंग बोर्ड ने विकसित किया। जो पूर्णरूपेण रहवासी कालोनी घोषित है। लेकिन, तमाम मापदंडों को नगर निगम ही दरकिनार कर चुका है। निगम ही व्यावसायिक भवनों का नक्शा पास कर रहा है। इस क्षेत्र में शोरूम, अस्पताल, दुकानें, मैरिज गार्डन तक खुल गए हैं। इससे आम व्यक्ति को परेशानी होती है।

सुविधाओं की ओर नहीं ध्यान
वार्ड पार्षद ने कई बार समस्याओं को लेकर निगम को लिखित पत्र तक दिया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। आरोप है कि वार्ड में नियमित सफाई तक नहीं होती है। वार्ड पार्षद मधु सिंह का कहना है कि निचली बस्ती में सर्वाधिक समस्या है। समस्याओं का निदान तुरंत करने का प्रयास किया जाता है। इस वार्ड में मुख्यत: बस स्टैंड, आदर्श नगर, घनश्याम बिहार कालोनी, भरहुत नगर, अमृत कालोनी, शारदा कालोनी, झुग्गी झोपड़ी आदि बस्ती है।

6 पार्कों को मिली स्वीकृति
वार्ड में सुंदरता लाने के लिए छह पार्कों को बनवाने की स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन, इनके निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है। हाउसिंग बोर्ड ने जो पार्क बनाए थे, वे जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। इन पार्कों में बच्चे खेलते नजर आते हैं। लेकिन, कई पार्क ऐसे भी हैं, जहां लोग कचरा फेंकते हैं।

मैं अपने 60 प्रतिशत काम से संतुष्ट हूं। निगम कर्मचारी पार्षद की नहीं सुनते हैं। विभागीय कर्मचारी दबाव के कारण काम नहीं करते हैं। इस कारण जो काम हम करना चाहते हैं उस कार्य में दिक्कत होती है। वार्ड बड़ा होने के कारण काम बहुत हैं।
मधु सिंह, पार्षद

वार्ड में नई पाइपलाइन से पानी अभी तक नहीं मिल पाया है। पुरानी पाइप लाइन से हम लोगों को नियमित पानी मिलता था। आज पानी प्रमुख समस्या है।
राकेश द्विवेदी

नई पाइप लाइन के लिए जो खुदाई की गई उसे पाइप बिछाने के बाद व्यवस्थित नहीं किया गया। इस कारण आम जनता को परेशानी हो रही है। शिकायत पर सुना नहीं गया।
विनय कुशवाहा

पार्क न होने के कारण हम लोग दूसरे वार्डों में जाते हैं। वार्ड में एक अच्छा खेल का मैदान होना चाहिए। कहने को वार्ड में कई पार्क हैं वे सभी कचरा दान बन गये हैं।
कार्तिक सिंह

पाइप लाइन बिछाने के बाद ध्यान नहीं दिया गया। इस कारण आम जनता को काफी दिक्कत हो रही है। हर घर के सामने से पाइप लाइन के लिए खुदाई की गई। लेकिन,सही से फिलिंग नहीं होने के कारण हादसे भी हो जाते हैं। सड़क भी खस्ताहाल हो चुकी है। इस पर ध्यान दिया जाए।
डॉ. गौरव प्रताप सिंह

नए कनेक्शन को लेकर हम लोग परेशान हैं। कहते थे कि नए कनेक्शन से पर्याप्त पानी आएगा लेकिन आज तक पेयजल की नियमित व्यवस्था नहीं है।
डॉ. शैवाल सिंह

हमारे इलाके में पानी की सप्लाई सही नहीं है। इस कारण टैंकर से पानी लेना पड़ रहा है। बीते वर्ष इतनी दिक्कत नहीं थी। अमृत योजना का पानी कब मिलेगा पता नहीं।
प्रकाश गुप्ता

इस गर्मी में मूल समस्या पेयजल है, जो नियमित नहीं मिल पा रही है। जगह-जगह खुदाई के कारण रात में पैदल चलना मुश्किल है। समय रहते कुछ व्यवस्था करने की जरूरत है।
वीरेंद्र मोहन मेहता

कई इलाकों में नाली की सफाई नहीं हो रही है। जो नालियां बनी भी हैं तो उनका ढाल सही नहीं है। इस कारण अधिकतर नालियां बजबजा रही हैं।
दयाराम सोंधिया

वार्ड में रात को कई इलाके अंधेरे में रहते हैं। उनको कहने के बाद भी सुधारा नहीं जाता है। वहीं नियमित सफाई की जरूरत है। इससे कालोनी साफ-सुथरी लगेगी।
विजय द्विवेदी

पेयजल की सप्लाई समय पर न होना साथ ही पाइप लाइन का सही बिछाव नहीं हुआ है। खुदाई के बाद उसे व्यवस्थित न करने से आम जनता को परेशानी है।
अतुल सिंह परिहार

वार्ड के कम्युनिटी हाल को नया रूप देने की जरूरत है। बैठने की व्यवस्था नहीं है। जब से भरहुत नगर बना था तब से यह कम्युनिटी हाल बना था। आज वह रिपेयरिंग मांगता है।
हेमंत डेनियल

कई इलाकों में सड़़क उखड़ गई है। वहीं कई नालियों का पानी सड़कों पर आता है। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। सफाई को व्यवस्थित तरीके से कराने की जरूरत है।
रमेश अग्रवाल

गंदगी सड़कों पर आती है
नालियों का जो निर्माण किया गया है वह सही तरीके से न किए जाने के कारण नाली की गंदगी सड़कों पर आती है। बरसात के दिनों में घरों में नाली का पानी जाता है।
रजनीश निगम