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satna: इस बार जिला पंचायत सदस्यों में भी ओबीसी की सीटें घटीं

जिला, जनपद और ग्राम पंचायत के पदों के लिए आरक्षित पदों की संख्या का हुआ प्रकाशन

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satna: इस बार जिला पंचायत सदस्यों में भी ओबीसी की सीटें घटीं

Satna: OBC seats decreased in Zilla Panchayat members

सतना. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के परिदृश्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की तय टाइम लाइन के अनुसार 23 मई सोमवार को जिला पंचायत सदस्य, जिपं अध्यक्ष, जनपद सदस्य सहित पंच और सरंपच पदों के लिये आरक्षित सीटोंं की संख्या का प्रकाशन कर दिया गया। अब इस संख्या के आधार पर 25 मई को संख्या के अनुसार वार्डों का आरक्षण किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फार्मूले के अनुसार जो आरक्षित पदों की जो संख्या तय की गई है उसमें पिछले आरक्षण की तुलना में ओबीसी पदों की संख्या में कमी आई है। मसलन पिछले आरक्षण में ओबीसी वर्ग को जिपं सदस्य के 7 पद मिल रहे थे। इस बार ओबीसी को 4 पद ही मिल रहे हैं।

यह है जिला पंचायत सदस्यों का आरक्षण

सुप्रीम कोर्ट के फार्मूले के तहत जिला पंचायत सदस्यों के कुल 26 पदों में से इस बार आरक्षित पदों की जो संख्या तय की गई है उसके अनुसार अनुसूचित जाति के लिये कुल 5 पद जिसमें 3 महिलाओं के लिये, अनुसूचित जनजाति के लिये कुल 2 पद जिसमें दो पद महिलाओं के लिये तथा ओबीसी के लिये कुल 4 पद आरक्षित हैं। जिसमें 2 महिला पद शामिल हैं। इस तरह से कुल 13 पद आरक्षित हुए है। इस तरह अनारक्षित पदों की संख्या 13 है। इस अनारक्षित वर्ग में महिलाओं के लिये 6 पद आरक्षित किये गये हैं। लेकिन पिछले आरक्षण को अगर देखा जाए तो अक्टूबर 2014 में जिपं सदस्यों में ओबीसी वर्ग के लिये कुल 7 पद आरक्षित थे। इस लिहाज से इस बार ओबीसी वर्ग को जिला पंचायत सदस्य की तीन सीटों का नुकसान हुआ है।

जनपद अध्यक्ष में ओबीसी को एक सीट का नुकसान

जनपद अध्यक्ष पद के कुल 8 पदों के लिये जो आरक्षण किया गया है उसमें अनुसूचित जाति के लिये 1 पद, अनुसूचित जनजाति के लिये 1 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 1 पद आरक्षित किया गया है। इसमें भी ओबीसी का आरक्षित पद महिला सीट के खाते में गया है। जबकि अनारक्षित बचे 5 पदों में 3 पद महिला आरक्षित किये गये हैं। उधर पिछले अक्टूबर 2014 के आरक्षण को अगर देखें तो उसमें ओबीसी के 2 पद जनपद अध्यक्ष के लिये आरक्षित थे। इस लिहाजा से इस बार जनपद अध्यक्ष पद के लिये ओबीसी को एक सीट का नुकसान हुआ है।