
Satna onion being sold expensive by apple price reached 80 rupees
सतना। दो माह पूर्व तक किसानों के आंसू निकालने वाला प्याज अब सेब से महंगा बिक उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ रहा है। प्याज मंडियों में महंगाई का तड़का लगते ही जिले में भी इसके भाव 100 रुपए के करीब पहुंच गए हैं। बुधवार को सतना मंडी में प्याज के थोक भाव 50 रुपए किलो तक बोले गए। थोक भाव में उछाल से खदरा मंडियों में प्याज के भाव सेब से भी महंगे हो गए हैं। शहर की मंडियों में प्याज 60 से 80 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिले के प्याज कारोबारी आवक न होने की बात कह अपनी प्याज अपने ही शहर में 70 रुपए किलो बेच रहे हैं। 60 से 80 रुपए बिकने वाले इस प्याज की आपूर्ति नासिक की मंडियों से नहीं हो रही बल्कि यह वह लोकल प्याज है जिसे व्यापारियों ने दो माह पूर्व जिले के किसानों से 10-12 रुपए किलो खरीद कर अपने गोदामों में डंप किया था।
बिक्री मूल्य तय न होने से लुट रहे उपभोक्ता
तीन माह में प्याज के भाव पांच गुना तक बढ़ गए हैं। मंडियों में प्याज का आवक नहीं होने से व्यापारियों ने भंडार गृह में रखे प्याज के भाव बढऩा शुुरू कर दिया है। सब्जी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है, सब्जियों का मूल्य निर्धारण के लिए कोई नीति न होने के कारण इसका लाभ स्टॉकिस्ट एवं बचौलिए उठा रहे हैं। प्रशासन के हाथ बंधे होने से 15 रुपए किलो क्रय किया गया प्याज 70 रुपए में बेचा जा रहा। जब तक सरकार बिक्री मूल्य तय नहीं करेगी, उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिलेगी।
सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का बजट
धनिया एवं मिर्च की मार झेल रहा आम उपभोक्ता प्याज के तड़के से थाली का स्वाद बना रहा था। अब प्याज के बढ़ते दाम ने लोगों को दाल-रोटी खाने को मजबूर कर दिया है। प्याज के दाम 50 से ऊपर जाते ही यह फुटकर बाजार से भी गायब हो गया है। फुटपाथी सब्जी विक्रेताओं ने प्याज रखना छोड़ दिया है।
इस वर्ष गर्मी में प्याज का उत्पादन कम हुआ था। इससे प्याज के दाम बढऩे तय थे। देश में भारी बारिश के कारण भी प्याज की फसल खराब हुई है। इसलिए मंडियों में नए प्याज की आवक न होने से स्टॉकिस्ट प्याज के मनमानी दाम बढ़ा रहे हैं। 15 नवंबर से पहले प्याज सस्ता होने की कोई उम्मीद नहीं है।
सुनील तिवारी, प्याज कारोबारी
व्यापारियों ने जो प्याज किसानों से 10 रुपए किलो खरीदा था, अब उसे उपभोक्ताओं को 80 रुपए बेच रहे हैं। यह किसान एवं उपभोक्ताओं के साथ खुली लूट है। सरकार बिचौलियों के खेल को समझे और कृषि नीति तैयार करे। ताकि किसान खुशहाल हो और उपभोक्ता भी न लुटे।
जगदीश सिंह, प्रदेशाध्यक्ष किसान यूनियन
ऐसे बढ़ा भाव
12 रुपए किसानों से खरीदा
02 माह तक किया स्टाक
35 रुपए किलो मुनाफे पर बेच रहे
Published on:
26 Sept 2019 04:02 pm
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