
Satna Railway Station Vip Kota Jabalpur division will be allocated
सतना। सतना से होकर गुजरने वाली टे्रनों के वीआईपी कोटे का निर्धारण अब स्थानीय स्तर से नहीं होगा। यह अधिकार सतना से छीन लिया गया है। लिहाजा वीआईपी कोटा के तहत पहुंचने वाले आवेदन को जबलपुर मंडल को अग्रेसित किया जाएगा। वहां से सीट आरक्षित होगा की नहीं यह तय किया जाएगा। दरअसल, जबलपुर मंडल ने रविवार रात एक आदेश भेज है।
उसमें स्पष्ट किया गया है कि वीआईपी कोटे के तहत सीट आरक्षित करने का निर्णय जबलपुर से होगा। सतना एरिया कार्यालय को यह अधिकार नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि सतना जंक्शन से रोजाना करीब डेढ़ दर्जन ट्रेनों में विभिन्न श्रेणियों की डेढ़ सैकड़ा बर्थ वीआईपी कोटे के तहत आरक्षित की जाती हैं।
सोमवार से व्यवस्था लागू
मंडल से कोटा व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। एरिया कार्यालय सतना में वीआईपी कोटे की बर्थ निर्धारित करने का अधिकार मिलने के बाद यह पहली बार हुआ है, जब यहां से बर्थ का एलॉटमेंट नहीं हुआ। एक झटके में सतना से वीआईपी कोटा निर्धारित करने का अधिकार छीनने के पीछे की वजहों का फिलहाल पता नहीं चल पा रहा है। रेलवे के स्थानीय अधिकारियों का सिर्फ यही कहना है कि रविवार की रात मंडल से आदेश आया था। सूत्रों के अनुसार विंध्य के एक सांसद ने मंडल कार्यालय में सतना एरिया कार्यालय की शिकायत की थी। इसमें वीआईपी कोटे के तहत बर्थ आवंटन में मनमानी का आरोप लगाया गया था। इसके बाद ये निर्णय हुआ है।
डेढ़ सौ बर्थ का कोटा
जानकारों के अनुसार, सतना जंक्शन से प्रतिदिन डेढ़ दर्जन ट्रेनों में डेढ़ सौ बर्थ वीआईपी कोटे से एलॉट की जाती हैं। सबसे ज्यादा वीआईपी कोटे भोपाल व दिल्ली जाने वाली गाडि़यों के लिए आरक्षित हैं। रेवांचल एक्सप्रेस में प्रतिदन वीआईपी कोटे से 45 बर्थ यात्रियों को दी जाती हैं। एसी फस्र्ट, एसी सेकंड व स्पीपर कोचों में रीवांचल एक्सप्रेस की 45, महाकौशल की 15, रीवा-आनंद विहार की 20, राजेंद्र नगर-मुम्बई की 6 बर्थ सहित 16 ट्रेनों में 5 से 10 बर्थ वीआईपी कोटे के तहत सांसद, विधायक, अधिकारियों व अन्य वीआईपी को आवंटित की जाती हैं।
सतना में यथावत रहे कोटा: सांसद
ट्रेन में वीआईपी कोटा के तहत बर्थ आवंटित करने की प्रक्रिया सतना से जबलपुर शिफ्ट होने की खबर के बाद सांसद गणेश सिंह ने नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड सदस्य एम जमशेद से मुलाकात कर फैसला बदलने की मांग की। सांसद ने कहा कि वीआईपी कोटे की प्रक्रिया को सतना से ही चलाया जाए। उन्होंने बोर्ड सदस्य को बताया कि विंध्य में सतना एक प्रमुख स्टेशन है जहां वीआईपी मूवमेंट के अलावा लोगों को इलाज व व्यवसाय के लिए अचानक यात्राएं करनी पड़ती हैं। सतना स्थित कार्यालय में कोटा निर्धारण नहीं होने से एेसे लोगों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ेगी। इसलिए वीआईपी कोटा आवंटन सतना में यथावत रहना चाहिए।
आवेदन सतना में होंगे
सतना एरिया कार्यालय से रीवा व मैहर के भी टे्रनों में वीआईपी कोटे आवंटित किए जाते रहे हैं। जबलपुर मंडल में मुख्यालय के बाद सतना एरिया में ही वीआईपी कोटे के आवंटन की सुविधा मिली हुई थी। हालांकि, इसका असर वीआईपी कोटा लगाने वालों को नहीं होगा। सतना में उनके आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिसे जबलपुर अग्रेसित कर दिया जाएगा। संबंधित कार्यालयों के बॉक्स से वीआईपी कोटे के आवेदन लिए जाते रहेंगे।
सतना एरिया से वीआईपी कोटा आवंटन करने की प्रक्रिया को मंडल में अटैच कर दिया गया है। जबलपुर के अलावा सतना में वीआईपी कोटा के तहत ट्रेनों में बर्थ आवंटित करने की सुविधा थी, जिसे सेंट्रलाइज किया गया है।
गुंजन गुप्ता, सीपीआरओ, पमरे जबलपुर मंडल
Published on:
06 Mar 2018 12:22 pm
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