यहां के हालात कोई चित्रकूट धाम से कम नहीं हैं। लोगो के घरों से खाना, बर्तन तक बंदर उठा ले जाते है। मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्वालुओं को कई बार बंदरो ने अपना शिकार बनाया है। इसी के चलते ज्यादातर लोग मंदिर में दर्शन करने से कतराते हैं। रहवासी घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।