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ट्रामा यूनिट: 3 दिन में सोनोग्राफी, 7 दिन में शुरू होगी सुपरस्पेशलिटी ओटी

कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मेडिकल कॉलेज के लिए अस्पताल परिसर और जीएनएम बिल्डिंग की टटोली नब्ज

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सतना

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Suresh Mishra

Jun 15, 2018

Satna Trauma unit news in hindi

Satna Trauma unit news in hindi

सतना। मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक नीतिगत प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले जिला प्रशासन से आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट तलब की गई थी। इसके मद्देनजर कलेक्टर मुकेश शुक्ला गुरुवार की सुबह जिला अस्पताल पहुंचे और मौका मुआयना किया। उन्होंने नवनिर्मित ट्रॉमा यूनिट का निरीक्षण कर यहां चिकित्सकीय सेवाएं प्रारंभ करने के निर्देश दिए। कहा, तीन दिन में सोनोग्राफी तथा ७ दिन में सुपर स्पेशलिटी ओटी प्रारंभ कर दी जाए। अस्पताल परिसर के निरीक्षण उपरांत उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय के समीप निर्माणाधीन जीएनएम भवन के निर्माण कार्य की भी स्थिति देखी।

मेडिकल कॉलेज सतना में खुलने की हरी झंडी के बाद से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आवश्यक अर्हताकारी दस्तावेजों की जानकारी जिला प्रशासन से लेनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही स्थानीय व्यवस्थाओं के भौतिक सत्यापन उपरांत प्रतिवेदन भी तलब किया है। गुरुवार को कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने जिला अस्पताल परिसर का जायजा लिया। इस दौरान यहां जमीन की उपलब्धता सहित वार्डों में मौजूद सुविधाओं, स्टाफ और उपकरणों की स्थिति देखी और जिला अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक दस्तावेज तलब किए।

मरीजों के लिए एक वार्ड भी
कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने जिला अस्पताल परिसर में नव निर्मित ट्रामा यूनिट भवन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि तीन दिन में परिसर में सोनोग्राफी मशीन प्रारंभ हो जाए और सात दिन में सुपर स्पेशलिटी ओटी प्रारंभ कर दें। साथ ही इसके मरीजों के लिए एक वार्ड प्रारंभ करवाएं। कलेक्टर के निर्देश के बाद सीएमएचओ, सीएस द्वारा मीटिंग बुलाई गयी। जिसमें निर्णय लिया गया कि प्रारंभिक तौर पर पेरीफेरी के चिकित्सकों को रोस्टर के आधार पर ट्रामा यूनिट में तैनाती की जाएगी। जो कि सुबह 8 से लेकर शाम 5 बजे तक सेवाएं देंगे। सीएस डॉ सिंह ने बताया, इकाई में सोनोग्राफी मशीन शनिवार को शिफ्ट की जा रही है। एक सप्ताह बाद इकाई में सुपर स्पेशलिटी ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे। इसी में पीडि़तों को भर्ती करने एक लिंक वार्ड बनाया जाएगा। इस मौके पर कलेक्टर ने आवश्यक उपकरणों की खरीदी करने स्वीकृति भी प्रदान की।

आवश्यकता से अधिक भूमि
मेडिकल कॉलेज से संलग्न होने वाले जिला अस्पताल के लिए न्यूनतम 5 एकड़ की भूमि उपलब्धता तय मापदण्ड में चाही गई थी लेकिन यहां ६ एकड़ से ज्यादा भूमि पाई गई। अस्पताल परिसर में तीन एकड़ से अधिक की जमीन पर जिला अस्पताल का प्रशासनिक भवन सहित विभिन्न विभाग संचालित किए जा रहे हैं। दस हजार वर्गफीट का आवासीय भूखण्ड सहित जिला अस्पताल से लिंक धवारी पीएचसी में दो एकड़ जमीन उपलब्ध बताई गई है।

जीएनएम का भी लिया जायजा
अस्पताल प्रबंधन इस दिशा में भी विचार कर रहा है कि अगर पॉलिटिकल प्रेशर से किसी भी तरह नए सत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए आधिकारिक हरी झण्डी केन्द्र सरकार से निर्माण की मिल जाती है और इसी दौरान भवन बनने तक प्रत्याशा में एमसीआई यहां जीएनएम कालेज भवन में पहले सत्र की कक्षाओं के लिए राजी हो जाती है तो उसे निरीक्षण कराने आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकें। इसके म²ेनजर भी कलेक्टर ने जीएनएम कालेज भवन का निरीक्षण किया। हालांकि चिकित्सा शिक्षा के जानकारों ने इस तरह की समानान्तर व्यवस्था लागू हो पाने से इंकार किया है और एमसीआई के मापदण्डों को काफी सख्त बताया है।

सभी दस्तावेज केंद्र सरकार तक पहुंचे
कलेक्टर शुक्ला ने राज्य शासन द्वारा मेडिकल कालेज के संबंध में चाही गई सभी आवश्यक जानकारी एवं अर्हताकारी दस्तावेज राज्य शासन को भेज दिए हैं। साथ ही राज्य शासन से भी वे केन्द्र सरकार को भेजे जा चुके हैं। माना जा रहा है कि जून माह में ही इसका भूमि पूजन किया जा सकेगा।