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आषाढ़ के आखिरी दिन राहत की बौछार, धूप के साथ हुई सावन मास की शुरुआत

बारिश से आधे जिले को मिली राहत

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sawan mass

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सतना। पांच दिन से रूठे बादल मंगलवार को एक बार फिर मेहरबान हुए तो आधे जिले में राहत की बौछार पड़ी। आषाढ़ के आखिरी दिन बरसे बादल किसानों को कुछ राहत दे गए। बुधवार से सावन की शुरुआत हो रही है। लेकिन, इस वर्ष सावन के झूमकर आने की कोई उम्मीद नहीं है। श्रावण मास के प्रथम पांच दिन लोगों को तीखी धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि, इस वर्ष विंध्य में मानसून दस्तक देने के साथ ही कमजोर पड़ गया है।

शहर में 7 मिमी. बारिश दर्ज

फिलहाल खाड़ी में कोई नया सिस्टम नहीं बन रहा। इसलिए अगले पांच दिन किसानों को लोकल सिस्टम से पडऩे वाली बौछारों का ही सहारा मिलेगा। मंगलवार को लोकल सिस्टम सक्रिय होने से जिले के आधे हिस्से में कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश दर्ज की गई। जिन क्षेत्रों में बारिश हुई वहां सूखने की कगार पर खड़ी खरीफ की फसलों को नया जीवन मिल गया। दोपहर बाद छाए बादल शहर सहित आधे जिले में मेहरबान रहे। इस दौरान शहर में 7 मिमी. बारिश दर्ज की गई।

लुढ़का पारा, गर्मी से राहत
आषाढ़ की रिमझिम विदाई से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान 1 डिग्री की गिरावट के साथ 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 27.5 डिसे रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को भी जिले में लोकल सिस्टम सक्रिय रहने तथा जिले के कुछ क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना व्यक्त की है।

बिरसिंहपुर-कोटर से रूठे मेघ
पांच दिन बाद हुई बारिश से नागौद, सोहावाल रैगांव क्षेत्र की धरती तर हो गई। इससे फसलों को राहत मिली है। बिरसिंहपुर एवं कोटर क्षेत्र से अभी भी बादल रूठे हुए हैं। मौसम की बेरुखी से मझगवां एवं रामपुर बाघेलान विकासखंड में सूखे के हालात बनते जा रहे हैं। क्षेत्र के जिन किसानों ने सोयाबीन एवं उड़द की बोवनी कर दी है, एक सप्ताह से बारिश न होने के कारण फसलें मुरझाने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि दो तीन दिन में तेज बारिश नहीं हुई तो बोई गई फसल बर्बाद हो जाएगी।