
Scholarship scam will be investigated under the supervision of Additional Collector
सतना. निजी महाविद्यालय सतना डिग्री कॉलेज (पूर्व नाम चंद्रकली गर्ल्स कॉलेज) में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद कलेक्टर अनुराग वर्मा ने अपर कलेक्टर संस्कृति जैन को इसकी विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। अब अपर कलेक्टर की निगरानी में विद्यार्थियों का बैंक खाता बदल कर कॉलेज संचालक के परिजनों और स्टाफ के खाते में छात्रवृत्ति मंगाने की जांच होगी। इस जांच से विभागीय अधिकारियों को दूर रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि पत्रिका ने विगत दिवस प्रमुखता से इस मामले का खुलासा किया था।
बैंक खाता नंबरों में की गई हेरफेर
जवाहर नगर स्थित सतना डिग्री कॉलेज के संचालक ने अनुसूचित जाति के छात्रों द्वारा दिये गए उनके बैंक खाता नंबरों में भारी हेरफेर किया है। छात्रवृत्ति पोर्टल पर कॉलेज प्रबंधन ने इन छात्रों के बैंक खाते और आईएफएससी कोड की जगह अपने परिजनों और स्टाफ के बैंक खाते और आईएफएससी कोड दर्ज कर दिए। बाकी सभी जानकारी विद्यार्थियों की यथावत रखी। इसके बाद राज्य शासन से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और आवास सहायता की जो राशि भेजी गई वह कॉलेज संचालक के परिजनों और स्टाफ के खाते में पहुंचने लगी। इस मामले के पत्रिका में खुलासे के बाद अब कलेक्टर ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अपर कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही कमेटी गठित कर इसकी जांच प्रारंभ कर दी जाएगी।
आवाज उठाई तो दी धमकियां, रोक ली अंकसूची
इस मामले में एक नया खुलासा यह भी हुआ है कि जिन विद्यार्थियों ने इस फर्जीवाड़े के खिलाफ आवाज उठाई तो उन पर दबाव बनाने प्रबंधन ने उनकी अंकसूची भी रोक ली। छात्र रामसुजान की एमएसडब्लू की अंकसूची प्रबंधन ने रोक रखी है। रामसुजान के अनुसार न केवल अंकसूची रोकी बल्कि कॉलेज के वाट्सएप ग्रुप में धमकियां भी कॉलेज संचालक ने दी। ग्रुप में जानकारी देते हुए इस संवर्ग के विद्यार्थियों को बताया गया कि रामसुजान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज करा दिया गया है। इतना ही नहीं रामसुजान को कॉलेज के आधिकारिक वाट्सएप ग्रुप से बाहर भी कर दिया गया।
Updated on:
16 Dec 2022 10:48 am
Published on:
16 Dec 2022 10:34 am
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
