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SIDHI: सीएम राइज स्कूलों में नहीं विकसित हो पाई व्यवस्थाएं

पुराने परिसर में संचालन के कारण बिगड़ रही व्यवस्था-वाहन व्यवस्था, स्विमिंग पूल, ग्राउंड आदि के सुविधाओं की दरकार-आधा शैक्षणिक सत्र बीता, नहीं हो पाई स्कूल बसों के टेंडर की कार्रवाई-शासन के आदेश को तबज्जो नहीं दे रहे जिम्मेदार-पैदल या स्वयं के वाहन की व्यवस्था बनाकर सीएम राइज के बच्चे पहुंच रहे स्कूल

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SIDHI: Arrangements could not be developed in CM Rise schools

SIDHI: Arrangements could not be developed in CM Rise schools

सीधी। बड़े निजी स्कूलों के तर्ज पर प्रदेश में इस शैक्षणिक सत्र से शुरू की गई सीएम राइज स्कूलों में जिन बेहतर व्यवस्थाओं के दावे किये गए थे, उनकी हवा निकलती नजर आ रही है। बेहतर परिसर व भवन के अभाव में न तो गतिविधियों का संचालन सही तरीके से हो पा रहा है और न ही सुविधाएं ही विकसित हो पा रही हैं। सीधी जिला मुख्यालय में सीएम राइज स्कूल बतौर शामिल शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल कोटहा पुराने परिसर में ही संचालित हो रही है, जहां भवन की काफी समस्या है, भवन की कमी के कारण जहां प्राथमिक शाला का संचालन करीब दो किमी दूर थनहवा टोला में किया जा रहा है, वहीं शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल को दो पालियों में संचालित करना मजबूरी बनी हुई है। भवन एवं व्यवस्थित परिसर के अभाव में सीएम राइज स्कूल के लिए जो गतिविधियां संचालित की जानी थी, उनका संचालन भी औपचारिकता में निपट रहा है। कुल मिलाकर स्कूल का नाम जरूर बदल गया है, लेकिन व्यवस्था लगभग पूर्ववत ही हैं।
उल्लेखनीय है की प्रदेश सरकार द्वारा अस्तित्व में लाई गई सीएम राइज स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों का बेहतर भविष्य का सपना सरकार द्वारा साकार करने के दावे किये गए थे। इन स्कूलों के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षा जेइइ, नीट, क्लेट सहित खेल की कोचिंग की व्यवस्था की जानी थी। छात्रों को एक्सपोजर विजिट भी कराया जाना था। इनमें निजी स्कूलों की तरह केजी-नर्सरी कक्षाएं भी शुरू होनी थी, लेकिन पहले शैक्षणिक सत्र में इस तरह की सुविधाएं विकसित नहीं हो पा रही हैं।
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वाहन की नहीं हो पाई व्यवस्था, स्वीमिंग पूल का भी सपना अधूरा-
सीएम राइज स्कूलों में स्विमिंग पुल से लेकर सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जानी थी। इन स्कूलों में छात्रों को घर से ले आने व पहुंचान के लिए बस आदि भी मुहैया कराई जानी थी, लेकिन यह सुविधाएं भी विकसित नहीं हो पाई हैं। स्वीमिंग पुल के लिए जहां पुराने परिसर में स्थान का अभाव बताया जा रहा है, वहीं वाहन के लिए टेंडर प्रक्रिया ही अब तक नहीं हो पाई है। स्कूल प्रबंधन का कहना है की जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए टेंडर की कार्रवाई की जानी थी, जो अब तक नहीं हो पाई है, जिससे छात्राएं स्वयं की व्यस्था के तहत ही स्कूल आ-जा रहे हैं। अब तो नवीन शैक्षणिक सत्र से ही स्कूल वाहन की सुविधा मुहैया हो पाने की बात कही जा रही है।
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ये होनी थी व्यवस्थाएं-
सीएम राइज स्कूल में फाइन आर्ट, ललित कला, काउंसलर की व्यवस्था, मनोबैज्ञानिक, संगीत, डांस, बेहतर पुस्तकालय, इनडोर आउटडोर खेल मैदान, तैराकी सहित स्टॉफ क्वार्टर आदि की सुविधाएं विकसित की जानी थी, लेकिन जिला मुख्यालय की सीएम राइज स्कूल में अभी तक इस तरह की तमाम सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं। फाइन ऑर्ट, ललित कला, काउंसलर, मनोबैज्ञानिक के पद रिक्त पड़े हुए हैं। बेहतर पुस्तकालय की जगह व्यवस्था बतौर लर्निंग कॉर्नर विकसित किया गया है। इसके साथ ही भौतिक शास्त्र, भूगोल व वाणिज्य के शिक्षकों का पद भी रिक्त पड़ा हुआ है, इन पदों पर व्यवस्था बतौर अतिथि शिक्षक नियुक्त किये गए हैं।
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तिमाही परीक्षा परिणाम ने किया निराश-
सीएम राइज स्कूल कन्या हायर सेकंडरी स्कूल कोटहा सीधी का तिमाही परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहा है। यहां कक्षा 9वीं में 229, 10वीं में 116, 11वीं में 303 तथा कक्षा 12वीं में 249 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनका तिमाही परीक्षा परिणाम 30 से 40 प्रतिशत के बीच रहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है की स्कूल में पुरानी छात्राएं हैं, इसमें भी 9वीं व 11वीं की गत वर्ष की करीब पचास फीसदी फेल छात्राएं हैं, जिससे तिमाही परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ है। प्राचार्य सुभाषचंद्र पटेल ने बताया की छात्राओं का शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। पहली पाली की कक्षाएं समाप्त होने के बाद व दूसरी पाली की कक्षाएं शुरू होने के पहले 80-80 मिनट की रिमेडियल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, साथ ही परीक्षा परिणाम के आधार छात्राओं का ग्रेड निर्धारित कर अध्यापन कार्य कराया जा रहा है, ताकि उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार हो सके।
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नए परिसर में ही विकसित हो पाएंगी सुविधाएं-
पुराने परिसर में भवन व स्थान का अभाव है, इसलिए यहां सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं, नवीन भवन के लिए शहर से लगे राजस्व ग्राम मधुरी पवाई में करीब 20 एकड़ भूमि का चिन्हांकन किया गया है, आवंटन समिति की बैठक हो गई है, और अब भूमि आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नवीन भवन निर्माण के बाद ही सुविधाएं विकसित हो पाएंगी।
सुभाषचंद्र पटेल, प्राचार्य सीएम राइज स्कूल शाउमावि कन्या सीधी
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