- सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं। गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। शहर को गड्ढामुक्त सड़क करना चुनौती है।
- शहर में मात्र एक बस स्टैंड है। जबकि मास्टर प्लान के अनुसार चारों दिशा में एक-एक उप बस स्टैंड होना चाहिए।
- प्रदूषण से राहत दिलाना भी चुनौती होगी। प्रदूषण न करने वाले वीकल को बढ़ावा देना होगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी ध्यान देना होगा।
- टमस व सतना नदी में समय से पहले ही पानी खत्म हो जाता है। इसे रोकने के लिए नए एनीकेट बनाने की जरूरत है।
- शहर के अंदर संचालित डेयरी, उद्योग व लकड़ी व्यापार को दूर ले जाना होगा। ताकि शहर की सड़कों से मवेशीराज खत्म हो सके।
- अव्यवस्थित यातायात को पटरी पर लाना, सभी चौराहों के सिग्नल को सही रखना व नियमों का पालन करना चुनौती होगा।
- प्रमुख सड़क से लेकर नाले-नालियों व गलियों में अतिक्रमण है। इसे हटना भी चुनौती से कम नहीं है।
- दिन में जलती स्ट्रीट लाइट व रात में अंधेरा शहर की हकीकत है। इससे राहत की जरूरत है।
- जलकर व संपत्तिकर में वसूली में निगम की हालत खराब है। इसे व्यवस्थित करना होगा। ताकि स्मार्ट सिटी फंड में अपना योगदान दे सके।
- नगर निगम के पार्कों की बदतर स्थित को दुरुस्त करना होगा।