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बिहारी रामलीला में हुआ मंचन: भगवान राम ने किया ताड़का का वध

सुबह निकली प्रभात फेरी, दिनभर हुए धार्मिक कार्यक्रम

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Staged in Bihari Ramleela: Lord Ram did the killing of tadka

Staged in Bihari Ramleela: Lord Ram did the killing of tadka

सतना . बिहारी रामलीला में सोमवार को ताड़का वध के मंचन हुआ। राजा जनक के हल चलाने से माता सीता के पैदा होने पर जनकपुरी में उत्सव मनाने का मंचन भी किया गया। देर रात तक चले रामलीला के मंचन में राक्षसों के बढ़ते अत्याचार को रोकने के लिए ही ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में जाते हैं। उनसे राम-लक्ष्मण को अपने साथ ले जाकर यज्ञ रक्षा करने का वास्ता दिया, तो राजा दशरथ ने रघुकुल की परम्परा तथा राजधर्म का निर्वाहन करते हुए राम व लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेज दिया। उसके बाद राम ने ताड़का का वध किया। इससे ऋषि मुनियों ने राहत की सांस ली। साथ ही सीता के जन्म का मंचन भी किया गया।

राजा जनक के राज्य में पड़ा था सूखा
इसमें राजा जनक के राज्य में सूखा पड़ गया और जनता भूख से व्याकुल हो उठी। राजा के जनता का हितैषी होने का आदर्श प्रस्तुत करते हुए रामलीला में दिखाया गया कि राजा जनक को स्वयं जनता के दुख-दर्द का एहसास हुआ। उन्होंने जनता के बीच जाकर न केवल उसकी समस्याओं का समाधान किया, बल्कि वर्षा होने की कामना को लेकर स्वयं हल चलाया। राजा जनक के इसी पुरुषार्थ का परिणाम था कि हल का फल एक घड़े से टकराया और उस घड़े से कन्या के रूप में सीता का अवतरण हुआ। इससे जहां वर्षा होने से सूखा समाप्त हो गया वहीं माता सीता के जन्म के बाद दर्शकों ने खूब उल्लास मनाया।

इधर, महामति प्राणनाथ का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया
महामति प्राणनाथ का 400वां प्रागट्य महोत्सव प्रणामी मंदिरों में सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। सुबह ११ बजे मंगल आरती के साथ प्रभाती का गायन हुआ। महामति के अमृत वचनों का मंदिर में गायन हुआ। महामति के अमृत संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भक्तों ने संकल्प लिया। सुबह प्रणामी मंदिर से प्रभात फेरी निकाली गई। मंदिर महंत स्वामी परमानंद महाराज ने बताया कि 400 वां प्रगट्न महोत्सव विश्व में मनाया जा रहा है। विश्व को एक सूत्र में बांधने के लिए महामति की वाणी को जन-जन को जानने की जरूरत है। प्रेम की व्याख्या करते हुए उन्होने कहा कि प्रेम खोले सब द्वार, तुम सेवा से पाओगे पार।

अमृत संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
जन्मोत्सव के बाद दीनेश पुजारी ने वाणी का गायन भक्ति भाव के साथ किया गया। प्रभात फेरी का अग्रसेन चौक पर हिन्दूपर्व समन्वय समिति ने स्वागत किया। इस मौके पर घनश्याम सोनी, बलराम शुक्ला, इंजी. राकेश रैकवार, विभाष बनर्जी आदि शामिल रहे। प्रधानडाक घर के सामने लायंस क्लब अध्यक्ष पवन मलिक, विनोद जायसवाल, धर्मेन्द्र सेन, जसवंदर सिंह भाटिया, रामअवतार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। कौमी एकता कमेटी के विजय रिझवानी ने अपने साथियों के साथ रथ यात्रा का फूल माला से स्वागत किया।