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स्वीपर और वार्ड ब्यॉय के भरोसे सेहत और सुकून केंद्र, तीन दिन से नहीं आ रहे कोई डॉक्टर

कड़वी हकीकत: एनीमिक गर्भवती आयरन शुक्रोज का इंजेक्शन लगवाने रोज गांव से 3 किमी. दूर अस्पताल के चक्कर काट रही

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 13, 2019

Story of Primary Health Center Madhavgarh in satna

Story of Primary Health Center Madhavgarh in satna

सतना। एनीमिया की शिकार गर्भवती दो दिन से बेलहटा गांव से साढ़े तीन किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर लगा रही है। लेकिन, चिकित्सकों के स्वास्थ्य केंद्र से गायब होने के कारण उसे इंजेक्शन नहीं लग पा रहा। शुक्रवार दोपहर भी अस्पताल से चिकित्सक गायब थे। उसे निराश होकर घर लौटना पड़ा। यह हाल है जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर स्थित माधवगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का।

बेलहटा निवासी गर्भवती रुपाली दाहिया एनीमिया की शिकार है। प्रसव पूर्व जांच में सामने आया कि उसके शरीर में महज 7 ग्राम हीमोग्लोबिन है। चिकित्सक ने आयरन शुक्रोज इंजेक्शन लगवाने का परामर्श दिया। परिजनों ने बताया कि गांव से स्वास्थ्य केंद्र की दूरी साढ़े तीन किमी है। बीते दो दिन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माधवगढ़ के चक्कर काट रही पर इंजेक्शन नहीं लग पा रहा है।

तीन दिन से नहीं आ रहे डॉक्टर
स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ ने बताया कि केंद्र में दो चिकित्सक डॉ कुणाल तिवारी और आयुष चिकित्सक डॉ कीर्ति अग्रवाल की पदस्थापना है। डॉ तिवारी दो दिन 12और 13 जुलाई को अवकाश पर हैं। 11 जुलाई को जेल में ड्यूटी थी। इसकी वजह से नहीं आए थे। 12 जुलाई दोपहर 3 बजे आयुष चिकित्सक डॉ कीर्ति अग्रवाल का कक्ष खाली था। स्टाफ को भी जानकारी नहीं थी। पीडि़तों ने बताया कि सुबह से अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं है। वार्ड ब्यॉय रामनरेश पाण्डेय और सफाई कर्मी शारदा प्रसाद मौजूद थे। फार्मासिस्ट प्रवीण पटेल भी ड्यूटी से गायब था।

स्वीपर और वार्ड ब्यॉय के भरोसे मरीज
स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 50 से 60 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। एनएच75 पर होने के कारण आकस्मिक दुर्घटना के शिकार भी प्राथमिक उपचार के लिए केंद्र आते हैं। लेकिन तीन दिन से स्वास्थ्य केंद्र भृत्य और वार्ड ब्यॉय के भरोसे चल रहा है। पीडि़तों को प्राथमिक उपचार भी नसीब नहीं हो रहा है।