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विश्व जनसंख्या दिवस: 37 साल में दोगुना हो गई आबादी, अब भी नहीं चेते तो न पानी मिलेगा न जगह

विश्व जनसंख्या दिवस: 37 साल में दोगुना हो गई आबादी, अब भी नहीं चेते तो न पानी मिलेगा न जगह

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Story of satna World Population Day

Story of satna World Population Day

सतना। आज विश्व जनसंख्या दिवस है। यह वह दिन है जो परिवार, जिला एवं देश में बढ़ रही आबादी के दुष्परिणाम के प्रति लोगों को चिंतन करने के लिए प्रेरित करता है। आज जनसंख्या वृद्धि को लेकर सभी चिंतित हैं। बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए सरकार परिवार नियोजन जैसे कार्यक्रम चला रही है। इसके बावजूद जिले की आबादी प्रतिवर्ष 50 हजार की दर से बढ़ रही है। जिले की आबादी बढऩे का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि 37 साल में सतना की आबादी दोगुना हो गई है।

वर्ष 1981 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या 11.63 लाख थी। जो 2018 में बढ़कर 24 लाख को पार कर गई है। जिले में जनसंख्या जिस तेजी से बढ़ी है, मानव के लिए आवश्यक संसाधन उतने ही तेजी से घटते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है, यदि जनसंख्या वृद्धि में रोक नहीं लगी तो आने वाले 50 वर्ष में खाने के लिए न अनाज मिलेगा और न पीने के लिए पानी।

सिमट रहे संसाधन
आबादी जिस अनुपात में बढ़ रही है, सरकार उस अनुपात में संसाधन उपलब्ध कराने में नाकाम रही है। बढ़ती जनसंख्या के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। जिले में बढ़ती जनसंख्या व स्कूल-शिक्षक, अस्पताल-चिकित्सकों की संख्या के अनुपात में गिरावट चिंता का विषय है।

जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम
सड़क, बस, टे्रन एवं सड़क पर उमड़ रही भीड़ जनसंख्या विस्फोट की कहानी बया कर रही है। जिले की आबादी जैसे-जैसे बढ़ रही है उसी अनुपात में जमीन, जंगल एवं जल की उपलब्धता कम होती जा रही है। बढ़ता वायु प्रदूषण जनसंख्या वृद्धि एवं औद्योगीकरण का दुष्परिणाम है।

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई

जनसंख्या वृद्धि के अनुसार प्राकृतिक संसाधनों का दोहन भी बढ़ रहा है। भू-जल के अत्यधिक उपयोग से भूजल स्तर पाताल पहुंच गया है। अनाज का उत्पादन बढ़ाने लोग वन एवं पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं। इससे पर्यावरण असंतुलन लगातार बढ़ता जा रहा है।

जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा
स्वास्थ्य महकमे द्वारा 11 से 24 जुलाई तक जिलेभर में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिला अस्पताल आइपीपी-6 में जिलास्तरीय कार्यशाला और लोगों को जागरुक करने रैली निकाली जाएगी। हितग्राहियों को अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन लगवाने पर 100 रुपए और प्रेरक को भी 100 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।

प्रेरक को 400 रुपए

सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार अवधिया ने बताया, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष चिकित्सकों द्वारा महिला और पुरुष नसबंदी ऑपरेशन किए जाएंगे। पुरुष नसबंदी कराने पर हितग्राही को तीन हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। प्रेरक को 400 रुपए दिए जाएंगे। प्रसव के बाद महिला द्वारा नसबंदी कराने पर सात दिन के अंदर 3 हजार रुपए और प्रेरक को 400 रुपए दिए जाएंगे।