
Suspension or three increments to be fixed if disturbances occur
सतना. जनसमस्याओं के समय सीमा में पारदर्शी निराकरण के लिए कलेक्टर अजय कटेसरिया उत्तरा साफ्टवेयर आधारित निराकरण व्यवस्था लागू करने जा रहे हैं। शुक्रवार को सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित विभाग प्रमुखों को इसका प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट में दिया गया। इस अवसर कलेक्टर ने कहा कि समस्या निराकरण मेरी प्राथमिकता है। अगर इसमें गड़बड़ी मिली तो निलंबन या तीन वेतन वृद्धि रुकना तय है। साथ ही बताया कि उत्तरा के माध्यम से सारी जानकारी आनलाइन मिलेगी और आनलाइन ही जवाब लिया जाएगा।
हार्ड कॉपी कलेक्ट्रेट में रहेगी
कलेक्टर ने बताया कि उत्तरा में दर्ज होने वाली शिकायतों की हार्ड कापी कलेक्ट्रेट में ही रहेगी। इसमें शासन की प्राथमिकता की शिकायतें, जनता की गंभीर शिकायतें, विधायी अधिकारिता वाले जनप्रतिनिधियों के मामले, विभिन्न आयोगों के मामले, न्यायालयीन ओआईसी नियुक्त मामले सहित अन्य ऐसी शिकायतें जिन्हें कलेक्टर टीएल मार्क करेंगे उन्हें निराकरण के लिए शामिल किया जाएगा।
सीएम हेल्पलाइन की स्थिति शर्मनाक
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के निराकरण की जिले में स्थिति शर्मनाक बताई। इस मामले में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपकी वजह से अगर जिले की छवि खराब होती है तो ये फिर गंभीर मामला होगा। विशेष कर राजस्व विभाग इसे तो क्लियरली समझ ले। सीएम हेल्पलाइन में राजस्व की स्थिति काफी शर्मनाक है। कलेक्टर ने अपने पुराने जिले के अनुभव बताए कि 100 दिन से ऊपर प्रकरण होने ही नहीं दिए जाते थे। यहां तो 500 दिन की सैकड़ों शिकायतें पड़ी हैं। कुछ विभागों में 100 दिवस से ज्यादा के मामले में बजट की समस्या हो सकती है, लेकिन 500 दिवस वाली में तो यह भी समस्या नहीं होनी चाहिए।
अगर कोई समस्या तो सीधे बात करें
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि अगर कोई समस्या है तो सीधे मुझे फोन कर सकते हैं। स्थितियां यह रहती हैं कि अन्य सभी लोगों के फोन तो आते हैं, लेकिन अधिकारियों के फोन नहीं आते हैं। इसलिए कोई अधिकारी फोन करने में झिझके नहीं।
तीन वेतन वृद्धि से कम दंड नहीं
कलेक्टर ने अधिकारियों को दो टूक चेताया है कि मामले में गड़बड़ी मिलने पर निलंबन या वेतन वृद्धि रोकने जैसी दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। और यह भी जोड़ा कि वेतन वृद्धि तीन से कम नहीं रोकी जाएगी।
गलत छवि नहीं बननी चाहिए
कलेक्टर ने कहा, वे सीएम हेल्पलाइन में कमजोर प्रगति पर जिले की गलत छवि के साथ सीएम को फेस नहीं करना चाहेंगे। इसलिये सभी अधिकारी इस बात को अच्छे से समझ लें कि जिले की छवि हर हाल में बेहतर होनी ही चाहिए।
Published on:
29 Feb 2020 01:35 am
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