
सतना। एक शिक्षक ने बेहूदगी की सभी हदें पार कर दी है। जो भाषा उन्होंने उपयोग की है वह मर्यादा को तार-तार करने वाली है। चुनाव जैसे अत्यावश्यक काम में ड्यूटी लगने पर जब बिना सूचना के गायब रहे तो उन्हें कलेक्टर की ओर से शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी किया गया। लेकिन उस शिक्षक ने जिले के सबसे बड़े अधिकारी को जो जवाब दिया व न केवल शर्मसार करने वाला है बल्कि शिक्षकीय आचरण के भी विपरीत है। गंदी मानसिकता से भरा हुआ उका जवाब पढ़ने के बाद कलेक्टर ने उन्हें निलंबित कर दिया है। लेकिन मनोविज्ञान को जानने वालों का कहना है इन्हें शिक्षक जैसे पद पर बने देना खतरनाक हो सकता है। इन्हें शैक्षणिक दायित्व से ही मुक्त कर देना चाहिए।
यह था शिक्षक का घिनौना आधिकारिक जवाब
‘मेरी पूरी उम्र बिना बीवी के बीत रही है। मेरी पूरी रात बाधित है। पहले मेरी शादी करवाइए। दहेज 35 लाख रुपए लूंगा। कैश एकाउंट पेमेंट एवं रीवा में सिंगरौली टॉवर या समदड़िया में एक फ्लैट का लोन करवाइए।’ शिक्षक अखिलेश कुमार ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग वर्मा को यह आधिकारिक जवाब नोटिस के एवज में भेजा है।
यह है मामला
विधानसभा चुनाव के लिए 16 अक्टूबर के प्रशिक्षण में सम्मिलित न होने पर 25 अक्टूबर को उन्हें कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस दिया था। इसके जवाब में उन्होंने जो जवाब दिया है उसकाअनुपस्थिति से कोई सरोकार नहीं है। इसे अमर्यादित व पद की गरिमा के विपरीत मानते हुए उन्हें निलंबित किया गया है।
मनोविकृति के लक्षण
जिस तरीके का जवाब शिक्षक ने दिया है उसे लेकर समाज शास्त्री प्रो. रवीन्द्र साहनी का कहना है कि यह एक मनोविकृति के लक्षण है। ऐसे लोग समाज के बीच रहते तो हैं लेकिन इनके दिमाग में गंदगी चल रही होती है। ऐसे लोगों को शिक्षक जैसे पेशे में बनाए रखना न केवल विद्यार्थियों के लिए खतरा हो सकता है बल्कि शैक्षणिक वातावरण भी दूषित होगा।
Published on:
03 Nov 2023 04:44 pm
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