
In the stadium, the illegal swimming pool was operating DSO
सतना. दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम स्थित स्वीमिंग पूल में 24 मई को डूबने से किशोर की मौत के मामले में कार्रवाई की गति को देखकर अब शहर वासियों और खेल प्रेमियों में आक्रोश नजर आने लगा है। इसे लेकर अब बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। उधर सीएसपी ने इस मामले को गंभीर माना है और कहा है कि प्रथम दृष्टया ही इसमें लापरवाही समझ में आ रही है। टीआई को मामले में मुकदमा कायम करने के निर्देश दिए जाने की बात कही है।
सरकारी स्वीमिंग पूल में अनदेखी और लापरवाही के चलते एक 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत के 6 दिन गुजरने के बाद भी अभी तक नोटिस और जांच में झूल रहे मामले को लेकर अब शहर वासियों का सब्र टूटने लगा है। इसको लेकर अब शहरवासियों ने आंदोलन की रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। किशोर के पिता ने इस मामले में पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाया है और कहा है कि लापरवाही और अव्यवस्था के शिकार हुए उनके बेटे को न्याय दिलाने को लेकर जिम्मेदार गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिस पूल में प्रथम दृष्टया ही देखने से सब कुछ साफ दिख रहा है और वहां स्वयं पुलिस अधीक्षक और जिपं सीईओ मौका मुआयना कर चुके हैं उसमें भी लेट तलीफी और दोषियों पर किसी तरह की कार्रवाई न करना कई सवाल खड़े कर रहा है।
पिता ने दी अनशन की चेतावनी
पिता ने कहा कि उन्हें इस तरह की बातें भी पता चली है कि पुलिस विभाग के एक अधिकारी मामले हीलाहवाली चाह रहे हैं। इसके पीछे की जो वजह बताई जा रही है उनके अपने परिवार के लोगों को मुफ्त में स्वीमिंग पूल में जाना और उनके लिए जिला खेल अधिकारी अहमद खान द्वारा तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराना है। पिता ने कहा कि अगर शीघ्र न्याय नहीं मिलता है तो वे बेटे के न्याय के लिये अनशन में भी बैठने से पीछे नहीं हटेंगे। इधर खेल प्रेमियों ने भी इस मामले में हीला हवाली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही वे इस मामले में एसपी से मुलाकात करेंगे और उसके बाद शहर बंद कराने जैसे सख्त निर्णय लिये जाएंगे। एक किशोर की शासकीय पूल में मौत हो जाना सामान्य घटना नहीं है लेकिन जिस तरीके से इसे लिया जा रहा है वह सभी के समझ के परे है।
दर्ज होगा मुकदमा
उधर इस मामले में सीएसपी विजय प्रताप सिंह ने पत्रिका को बताया कि पुलिस इस मामले में कोई कोताही नहीं बरत रही है। इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। घटना में प्रथम दृष्टया ही लापरवाही नजर आ रही है। टीआई को मामले में मुकदमा कायम करने कहा गया है। निगम से जानकारी चाही गई है लेकिन अभी तक वह प्राप्त नहीं हुई है।
निगम की टीम नहीं निकली निरीक्षण में
निगमायुक्त द्वारा स्वीमिंग पूल के प्राधिकृत अधिकारी ईई नागेन्द्र सिंह और स्वास्थ्य अधिकारी बृजेश मिश्रा को बनाये जाने के बाद भी दोनों ने अभी तक किसी भी स्वीमिंग पूल का निरीक्षण नहीं किया है। न ही किसी को अभी कोई नोटिस जारी किया है। जबकि अभी तक शहर के किसी भी पूल को संचालन की अनुज्ञा नहीं मिली है।
Updated on:
31 May 2019 12:26 am
Published on:
31 May 2019 12:20 am
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