
there will be a film on terror bandit shiv kumar Patel urf dadua
सतना। तराई में करीब तीन दशक तक दहशत फैलाने वाले कुख्यात डकैत शिवकुमार उर्फ ददुआ पर फिल्म बनने जा रही है। अगर सबकुछ सही रहा, तो ददुआ की कहानी सिल्वर स्क्रीन पर दिखाई देगी। ददुआ तराई का ऐसा डकैत था, जिसको कभी भी किसी ने जिंदा रहते नहीं देखा। उसकी दहशत ही थी कि लोग मुंह तक नहीं खोलते थे। तीन दशक तक चले दहशत के साम्राज्य में पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर स्कैच ही बना पाई थी, कभी भी उसकी फोटो पुलिस के हाथ नहीं लगी। इसी दहशत की कहानी को सिल्वर स्क्रीन पर दिखाने की तैयारी है।
कहानीकार डॉक्टर मिलन मुखर्जी की लिखी स्क्रिप्ट पर मातृभूमि नाम से फिल्म बनाई जा रही है। लीड रोल में अजय देवगन के साथ बॉलीवुड के और कई बड़े चेहरे होंगे। शूटिंग इसी माह के अंतिम सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है। फिल्म के निर्देशक भीखू महात्रे हैं। फिल्म की पूरी यूनिट इलाहाबाद, लखनऊ, बनारस और बांदा में शूटिंग करेगी। मुखर्जी ने फोन पर बताया कि इस फिल्म को पूरा करने का लक्ष्य तीन महीने का रखा गया है।
120 मुकदमे दर्ज थे
ददुआ पर 120 मुकदमे दर्ज थे। इसमें हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती, रंगदारी के मामले दर्ज थे। उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश में अपनी हनक कायम रखने वाला दुर्दांत डकैत ददुआ अपने ही गैंग की मुखबिरी का शिकार हुआ। 22 अप्रैल 2007 को तराई के झलमल के जंगल में एसटीएफ ने घेरकर एनकाउंटर कर दिया था। चित्रकूट के स्थानीय लोग बताते हैं कि ददुआ अपनों के लिए भगवान से कम नहीं था। लेकिन मुखबिर और दुश्मनों के लिए यमराज से कम नहीं।
9 लोगों को गोलियों से भून दिया था
जानकारों की मानें तो 80 के दशक में ददुआ ने चित्रकूट के रामू का पुरवा गांव में एक साथ एक ही गांव के 9 लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया था। उस वक्त उप्र में वीरभद्र सिंह की सरकार थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। यही नहीं मुखबिरी के शक में चित्रकूट में 1 पिता और पुत्र को दिनदहाड़े पेट्रोल छिड़ककर बीच सड़क पर जिंदा जला दिया था। इन सबके बावजूद ददुआ का क्रेज अपने लोगों में कम नहीं हुआ।
Published on:
08 May 2018 04:11 pm
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