
बाजार में रौनक
सतना. दीपोत्सव का पर्व दीपावली रविवार को जिले में भी हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा। दीपावली के लिए बाजार सजा हुआ है। इस अवसर पर दीप जलाने के साथ ही रात में पटाखे फोडऩे और आतिशबाजी की भी परम्परा है। इस दिवाली शहर में 1.50 करोड़ रुपए का पटाखा कारोबार होने की उम्मीद है। दीपावली पर पटाखा जलाना और फुलझड़ी छोडऩा गलत बात नहीं, लेकिन पटाखा फोड़ते समय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। नहीं तो दीपोत्सव की खुशी गम में बदल सकती है।
जी हां, दीपावली की रात पटाखों के कानफोड़ू शोर एवं फुलझड़ी से निकले जहरीले धुएं से परीवा की सुबह साल की सबसे प्रदूषित सुबह होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो बीतेे साल दीपावली की रात और परीवा के दिन वायु एवं ध्वनि प्रदूषण का स्तर मानक से तीन गुना अधिक दर्ज हुआ था। यह प्रदूषण का वह स्तर है जो किसी भी स्वस्थ्य आदमी को बीमार कर सकता है।
प्रदूषणमुक्त दीपावली मनाने की अपील
दीपावली पर पटाखा एवं आतिशबाजी से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण का स्तर साल दर साल बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से ईकोफ्रेंडली दीपावली मनाने की अपील की है। प्रदूषण अधिकारी ने 100 डेसिबल से अधिक ध्वनि वाले पटाखे न चालने एवं आतिशबाजी से बचने की सलाह दी है।
यह बरतंे सावधानी
- पटाखा खुली एवं साफ-सुथरी जगह पर ही जलाएं।
- अधिक आवाज वाले पटाखे न जलाएं।
- बच्चों को पटाखा न जलाने दें और उन्हें आतिशबाजी से दूर रखें।
- अधिक धुआं करने वाली फुलझड़ी न जलाएं।
- यदि घर में हार्ट या दमा के मरीज हैं तो पटाखों से दूर रहें।
Published on:
26 Oct 2019 11:03 pm
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