
वाहनों की ई.चालान व्यवस्था अपग्रेड
सतना. ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से अब जिले में ई.चालान की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। जिले में पीओएस मशीन के जरिए ई.चालान काटा जा रहा। इसके तहत जिस व्यक्ति का चालान कटता है तो उससे मौके पर ही राशि जमा करवाई जा रही है। कई बार ऐसी स्थिति बन रही कि मौके पर राशि जमा नहीं होने या वाहन मालिक के नहीं होने पर कोर्ट चालान काटे जा रहे हैं। इसकी प्रक्रिया अभी मैनुअल है। इसमें वाहन स्वामी राशि जमा करने संबंधित थाने में जाता है। अगर नहीं जाता है तो वह मामला अटका रहता है। इस तरह पेंडेंसी बढ़ रही है। इसे देखते हुए जल्द ही ई.चालान सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। इसमें अगर एक सप्ताह से 15 दिन के अंदर राशि नहीं जमा होती है तो प्रकरण अपने आप वर्चुअल कोर्ट में चला जाएगा।
जानकारी के अनुसार ई.चालान सिस्टम की समीक्षा में पाया गया कि इसमें लगातार पेंडेंसी बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेश में निर्णय लिया गया है कि जल्द ही पोर्टल को अपग्रेड किया जाएगा। इसके बाद जिनका ई.चालान कटेगा और वे तय समय पर राशि जमा नहीं करेंगे तो उनका मामला वर्चुअल कोर्ट में चला जाएगा। यहां पर भी अगर समय पर राशि जमा नहीं होती है तो फिर मामला रेग्युलर कोर्ट को स्थानान्तरित हो जाएगा।
यह है वर्चुअल कोर्ट व्यवस्था
यह एक ऐप है। इसके सॉफ्टवेयर को एनआइसी ने तैयार किया है। ऐप से ई.चालान पोर्टल जुड़ा होगा। साथ ही ट्रेजरी भी इससे कनेक्ट रहती है। दोनों ऐप का जुड़ाव होने के बाद जब यातायात पुलिस और परिवहन दस्ता ऑनलाइन चालान करेंगे तो उसका ब्योरा द्मवर्चुअल कोर्टद्य ऐप पर भी पहुंच जाएगा। वर्चुअल कोर्ट ऐप तय अवधि ;यातायात पुलिस व परिवहन विभाग जब तय अवधि में प्रकरण का निपटारा नहीं कर पाएंगेद्ध के बाद कार्रवाई शुरू कर देगा। द्मवर्चुअल कोर्टद्य की खासियत यह भी होगी कि पूरी कार्रवाई पेपरलेस होगी। यहां से असंतुष्ट होने पर या समय पर राशि जमा नहीं होने पर प्रकरण रेग्युलर कोर्ट में स्थानान्तरित हो जाएगा।
ई.चालान को लेकर विगत दिवस समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें ई.चालान के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। पाया गया कि जिले में अभी पीओएस मशीन से एक भी कोर्ट चालान नहीं काटे गए हैं। लिहाजा इनकी पेंडेंसी नहीं है। यह जरूर पाया गया कि कुछ थानों में चालान की राशि जमा तो कर दी गई है लेकिन कैशियर ने साफ्टवेयर से इसे अपडेट नहीं किया है। इसकी समीक्षा में पाया गया कि कुछ थानों में कैशियर आइडी नहीं बनी थी। लिहाजा आइडी बनाकर पूरे लंबित मामलों का निराकरण कर लिया गया है। इस ऑन लाइन समीक्षा बैठक में डिस्ट्रिक्ट रोल आउट मैनेजर संगीता कुमारी सतना से मौजूद रहीं।
Published on:
28 Sept 2022 03:27 pm
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