
सतना। शहर के बीच बाजार महावीर भवन के आगे एक दो मंजिला इमारत मंगलवार की रात करीब 10:30 भरभरा कर गिर गई। तीन लोग मलबे में दब गए, जबकि तीन अन्य लोग भी चपेट में आ गए। रेस्क्यू आपरेशन में दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एक की मौत मलबे में दबने से हो गई। जिसका शव रात 3 बजे निकाला गया। बाजार में हादसे की खबर सुनते ही अफरा तफरी का माहौल बन गया। पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनि धि सहित आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबे एक युवक को करीब 11.30 बजे लोगों ने सकुशल निकाल लिया, जबकि दूसरे व्य क्ति को रात 1.30 बजे निकाला गया। सभी घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
चोरी छिपे चल रहा था काम
इमारत का लगभग 800 वर्ग फीट का हिस्सा धराशायी हुआ है। जो हिस्सा गिरा है उसमें पिंकी कलेक्शन नाम से दुकान का संचालन होता था। भवन नरेन्द्र साबनानी का बताया जा रहा। नरेंद्र अपने इस भवन का पुनर्निर्माण का कार्य काफी दिनों से करा रहे थे। इसकी उन्होंने नगर निगम से न तो परमिशन ली थी और न ही इस कार्य की कोई सूचना दी थी। लिहाजा, इनके द्वारा पुराने भवन में अंदर ही अंदर गुपचुप तरीके से सीमित लेबरों के द्वारा काम कराया जा रहा था। मौजूदा पुराना भवन लगभग 25 फीट चौड़ाई पर है, इसकी गहराई 250 फीट से ज्यादा बताई जा रही है। इसके ज्यादातर हिस्से में भवन स्वामी काम करवा चुका था। आगे का हिस्सा जो बाजार के मुख्य मार्ग पर खुलता है वहां पर काम चल रहा था। यह हिस्सा लगभग 25 फीट चौड़ा और 30 फीट गहरा है। यही हिस्सा गिरा है।
हादसे में ये हुए घायल
हादसे में घायल पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें सोनू कोल की हालत ठीक है, लेकिन रामदेव चौधरी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। वह सामान्य बातचीत नहीं कर पा रहा है। हालांकि खतरे से बाहर बताया गया है। भवन स्वामी नरेन्द्र भी घायल हैं। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। दो अन्य सामान्य घायल थे। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी छुट्टी कर दी गई। मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
पांच लोग कर रहे थे काम
जानकारी के अनुसार बुधवार की रात को यहां पर 5 लोग काम कर रहे थे। जिसमें दो मिस्त्री और 3 लेबर थे। इसमें से एक लेबर सोनू कोल सिंहपुर के पास किशनपुर गांव का निवासी है और दूसरा रामदेव चौधरी निवासी रामपुर बताया जा रहा है। जब काम चल रहा था तो मालिक नरेन्द्र सहित परिवार एक अन्य भी वहीं मौजूद थे। सोनू के अनुसार जब काम चल रहा था तो छत से दासा तेजी से गिरा है। इसके साथ ही छत की छपाई गिरने लगी है। यह देख सब भागने लगे हैं। यहां काम करने वाला बालेन्द्र बच निकलने में कामयाब रहा। सोनू मलबे की चपेट में आकर वहीं फंस गया। 3 लोग मलबे में दब गए।
अंदर से आ रही थी आवाज
बचाव दल के साथ मौके पर मौजूद नगर निगम कमिश्नर अभिषेक गहलोत और एसडीएम नीरज खरे ने जब भवन स्वामी के बारे में पता करने की कोशिश की तो बताया गया कि वह अस्पताल में भर्ती है। लिहाजा इस घर की एक महिला सदस्य को बुलाया गया। महिला ने बताया कि अंदर एक लेबर फंसा हुआ है। उसकी आवाज आ रही है। वह मलबे में अंदर दबा हुआ है। लिहाजा बचाव दल के साथ अधिकारी भवन के पिछले हिस्से की ओर से अंदर की ओर गए हैं। जहां से आवाज आने की बात सामने आई है।
दो जेसीबी मौके पर
घटना की सूचना जैसे ही निगमायुक्त को लगी उन्होंने तुरंत निगम के दस्ते को मौके पर रवाना किया और खुद मौके पर पहुंचे। यहां पर कोई हादसा न हो लिहाजा पहले बिजली कनेक्शन कटवाया गया। इसके बाद जेसीबी से मलबे के सामने का हिस्सा हटवाया गया। इसके बाद अंदर किसी के दबे होने की आशंका को देखते हुए जेसीबी से मलबा हटाने का काम रोक दिया गया है। अब जब मलबे के पिछले हिस्से में लेबर के दबे होने की जानकारी सामने आई है तो बचाव के दूसरी रणनीति तैयार की जा रही है। जिससे मलबा सावधानी से हटा कर अंदर दबे लेबर को सकुशल बाहर निकाला जा सके।
तमाशबीनों की वजह से परेशानी
घटना स्थल पर सैकड़ों की तादाद में तमाश बीन भी इक्कठा हो गए थे। पूरी भीड़ घटना स्थल के निकट तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। जिससे न केवल काम प्रभावित हो रहा है बल्कि उनके लिए भी खतरा बना हुआ था। हालात को देखते हुए सिटी कोतवाली टीआई शंखधर द्विवेदी ने हल्का बल प्रयोग कर भीड को घटना स्थल से दूर किया और एक सुरक्षा घेरा बनवा दिया। साथ ही लोगों को दूर रहने लगातार माइकिंग की जा रही है।
मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि
इधर घटना की जानकारी मिलने पर सांसद गणेश सिंह, विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, महापौर योगेश ताम्रकार, पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी, चेंबर अध्यक्ष सतीश सुखेजा भी मौके पर पहुंच गए हैं।
पहले रेस्क्यू में निकला सोनू
सोनू कोल जब बिल्डिंग गिर रही थी उसी वक्त गिरने वाले हिस्से से भागने में सफल रहा था। लेकिन बाहरी हिस्से में गिर कर फंस गया था। लिहाजा उसे प्राथमिक रेस्क्यू में निकाल कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया था।
हाथ से हटाया मलबा
अंदर फंसे दूसरे लेबर को निकालने के लिये सुनियोजित रणनीति निगमायुक्त ने तैयार की। तय किया गया कि सामने के हिस्से से मलबा जेसीबी से काफी सावधानी पूर्वक धीरे से हटाया जाएगा। इसके बाद जब लेबर के समीप पहुंचेंगे तो मलबा हाथ से निकाला जाएगा। इस रणनीति के तहत काम किया गया और रात डेढ़ बजे उसे सकुशल बचा लिया गया। इसे सुरक्षित निकालने में घर की महिला द्वारा दी गई सटीक जानकारी काम आई।
हर्षातिरेक में हुई नारेबाजी
जैसे ही मलबे में फंसे मजदूर को बाहर निकाला गया यहां मौजूद भीड़ ने हर्षातिरेक में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान जय श्री राम का नारा गुंजायमान हो रहा था। मौजूद लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना की।
और फिर वापस लौटा बचाव दल
डेढ़ बजे के लगभग मलबे में फंसे व्यक्ति को सकुशल निकालने के बाद बचाव दल ने यह मान लिया कि सभी लोग निकाल लिए गए हैं। इसके बाद बचाव दल में शामिल अमला, जेसीबी मशीने और पूरा लाव लश्कर घटना स्थल से रवाना हो गया। इस दौरान आखिरी निकले घायल ने कहा कि एक और व्यक्ति अभी मलबे में दबा है। जैसे ही यह जानकारी मिली तो आनन फानन में फिर पूरा बचाव दल वापस घटना स्थल पर पहुंच गया। उधर घायल जब अस्पताल पहुंचा और उसे अपने सभी साथियों का पता चला तब उसने कहा कि जिसके फंसे होने की वह आशंका जता रहा था वह यहां अस्पताल में है। जब यह जानकारी बचाव दल को मिली तो सभी ने राहत की सांस ली और 2.12 बजे रात को फिर से घटना स्थल से वापसी शुरू कर दी।
काकू को लेकर गिनती गड़बड़ाई, फिर निकला शव
बचाव अभियान खत्म होने के बाद पुलिस ने आखिरी बार फिर से सभी मजदूरों से बात की। इसमें यह तथ्य सामने आया कि बिल्डिंग गिरने से पहले अंदर पांच लोग काम कर रहे थे। टीआई शंखधर ने सभी से बात की। इसके अनुसार सोनू और रामदेव तो अस्पताल में भर्ती है। तीसरा मजदूर जो रेस्क्यू में निकाला गया वह भी अस्पताल में भर्ती है। एक अन्य लेबर बालेन्द्र था जो घटना के बाद भाग गया है और अपने घर में है। पुलिस उससे बात कर चुकी है। लेकिन सोनू के साथ एक मिस्त्री और था, उसका कोई पता नहीं चल रहा है। भवन स्वामी को भी यह पता नहीं है कि उसका नाम क्या था और कहां का था। बताया जा रहा है कि उसे काकू काकू बोलते थे। काफी खोजबीन के बाद जब काकू का पता नहीं चला तो एक फिर रेस्क्यू आपरेशन प्रारंभ किया गया। रात तीन बजे के लगभग इस मिस्त्री का शव निकाला जा सका।
निगम का मैदानी अमला भी दोषी
ऐसा नहीं है कि इस मामले की जानकारी निगम के मैदानी अमले को नहीं थी। नियमानुसार किसी पुराने भवन का अगर पुनर्निर्माण कराया जाता है तो निगम से इसका नक्शा पास कराया जाता है और इसकी पूरी जानकारी निगम को दी जाती है। लेकिन भवन स्वामी ने ऐसा नहीं किया। हालांकि इस निर्माण कार्य के दौरान यहां पड़ोस के किसी व्यक्ति से एक पखवाड़े पहले विवाद भी हुआ था। इसकी जानकारी निगम के अतिक्रमण दस्ते को भी थी। निगम के अतिक्रमण दस्ते ने इस पर रोक लगाने में कोई रुचि नहीं ली। नतीजा यह हुआ कि असुरक्षित तरीके से बिल्डिंग के एक बड़े हिस्से में काम करवा लिया गया था। सामने के हिस्से में काम चल रहा था। अगर निगम के संबंधित अतिक्रमण दस्ते के अधिकारी इस पर रोक लगा दिये होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। हालात यह है कि निगम के अतिक्रमण दस्ते को इसकी सूचना दी जाती है तो वे मौके पर जाते तो हैं ।लेकिन काम रोकते नहीं है। बल्कि लेनदेन करके चले आते हैं। ऐसी ही एक सूचना बिगत दिवस अतिक्रमण दस्ते को कृष्णनगर रोड के पर निर्माण की दी गई थी लेकिन दस्ता प्रभारी ने कोई कदम नहीं उठाया। इसी तरह से रीवा रोड में किया मोटर्स के सामने एक नाले को बाधित कर उसके ऊपर काम कराया गया है। लेकिन यहां पर भी मोटी रकम ली जाकर काम नहीं रोका गया। जबकि इस मामले में तत्कालीन निगमायुक्त ने अतिक्रमण दस्ता प्रभारी को इसे हटाने के निर्देश दिए थे।
पहुंच गई थी फायर ब्रिग्रेड की टीम
घटना स्थल पर फायर ब्रिग्रेड की टीम भी दमकल वाहन के साथ मौके पर पहुंच गई थी। लेकिन हादसे में अग्नि दुर्घटना जैसी कोई संभावना नहीं होने के कारण इसे घटना स्थल से दूर खड़ा करवा दिया गया था।
आसपास के घरों में लगा रहा मजमा
इस दौरान धराशायी इमारत से लगे घरों के लोग अपनी अपनी खिड़कियों में खड़े होकर नजारा ले रहे थे। इनके कुछ परिचित लोग जो दूर के घरों में थे वे भी इन घरों की छतों पर चढ़ कर बचाव कार्य का वीडियो बनाते देखे गए। इस दौरान यहां जुटी भीड़ बड़ी संख्या में अपने मोबाइलो में वीडियो बनाने में जुटी देखी गई।
सिरफिरी मौत के बाद दूसरी बार इस रोड में जुटी भीड़
बाजार में किसी हादसे के दौरान इतनी ज्यादा संख्या में लोगों के इक्कठा होने की घटना इसके पहले सिरफिरी मौत हादसे में सामने आई थी। 6 अगस्त 2013 के दिन एक ट्रक चालक ने बाजार में तेज गति से ट्रक चलाते हुए दाखिल हो गया था। इस हादसे में लगभग 40 लोग घायल हुए थे और 6 लोगों की मौत हुई थी। तब भी बाजार की इसी रोड में काफी संख्या में लोग जुटे थे और हड़कम्प की स्थिति बनी हुई थी। लगभग वहीं नजारा इस बार भी देखने को मिला।
Published on:
04 Oct 2023 11:27 am
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